उत्तर कोरिया का कानून विदेशी निवेश को आर्थिक गतिविधि में लगाई गई संपत्ति, संपत्ति के अधिकारों या तकनीकी जानकारी के रूप में व्यापक रूप से परिभाषित करता है। यह विदेशी कंपनियों, व्यक्तियों और विदेशों में रहने वाले कोरियाइयों को उद्योग, कृषि, निर्माण, परिवहन, संचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यटन, व्यापार और वित्तपोषण जैसे क्षेत्रों में भाग लेने की अनुमति देता है। कंपनी या बैंक स्थापित करने से पहले स्वीकृति आवश्यक है। औपचारिक ढाँचों में इक्विटी संयुक्त उपक्रम, संविदात्मक संयुक्त उपक्रम और पूर्णतः विदेशी स्वामित्व वाले उद्यम शामिल हैं, विशेषकर नामित विशेष आर्थिक क्षेत्रों में, जिनका प्रबंधन संबंधित केंद्रीय प्राधिकरण और क्षेत्रीय प्रशासन करते हैं। कोरिया आर्थिक विकास संघ प्रचार और सुविधा में मदद कर सकता है, लेकिन इससे स्वीकृति, प्रतिबंध या प्रवर्तन के जोखिम समाप्त नहीं होते। कानूनी ढाँचा कहता है कि निवेशकों को संरक्षण मिलता है और वे वैध लाभ तथा परिसमापन के बाद बची धनराशि भेज सकते हैं। व्यवहार में अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध इस ढाँचे पर हावी हो सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध वित्तीय सेवाओं, उत्तर कोरियाई बैंकों के लिए नई शाखाओं और खातों, उत्तर कोरियाई व्यापार से जुड़े सार्वजनिक और निजी वित्तीय समर्थन, तथा अधिकांश संयुक्त उपक्रमों या सहकारी संस्थाओं पर रोक लगाते या सीमाएँ लगाते हैं, जब तक संयुक्त राष्ट्र 1718 समिति छूट न दे। निवेशक की राष्ट्रीयता, निवास, मुद्रा, वित्तीय संस्था या अन्य संबंध के आधार पर संयुक्त राज्य, यूनाइटेड किंगडम और यूरोपीय संघ की पाबंदियाँ भी लागू हो सकती हैं। लाइसेंस और छूट हर मामले के लिए अलग होते हैं और निवेश की सामान्य अनुमति नहीं देते। किसी सुलभ विनियमित द्वितीयक बाज़ार, स्वतंत्र स्थानीय ब्रोकर, तरल प्रतिभूति अभिरक्षक या सार्वजनिक निष्क्रिय-निवेश मंच के विश्वसनीय साक्ष्य नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय संवाददाता बैंकिंग और अभिरक्षा पर गंभीर पाबंदियाँ हैं। स्वामित्व ढाँचे में मुखौटा कंपनियाँ, शेल कंपनियाँ या अस्पष्ट लाभकारी स्वामी हो सकते हैं; इसलिए किसी संपर्क या धनराशि से पहले प्रतिबंधों, स्वामित्व और प्रसार-वित्तपोषण की जाँच होनी चाहिए। एफएटीएफ उत्तर कोरिया को ऐसा उच्च-जोखिम क्षेत्र मानता है जिस पर प्रतिकारात्मक उपाय और अधिक कड़ी जाँच लागू हैं। 돈주 यानी डोनजू के माध्यम से घरेलू वित्तपोषण मुख्यतः अनौपचारिक है। इससे उद्यमों को पूँजी मिल सकती है, लेकिन इसका कानूनी दर्जा, निवेशक अधिकार, पुनर्भुगतान और बाहर निकलने की शर्तें अनिश्चित हैं। परियोजनाओं के प्रतिफल, उत्पादन, व्यापार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण घोषित नीतिगत लक्ष्य हैं; लेकिन अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ सामान्य निगरानी और रिपोर्टिंग नहीं करतीं, इसलिए प्रदर्शन, मूल्यांकन, व्यापक आर्थिक स्थितियों और वित्तीय आँकड़ों का स्वतंत्र सत्यापन कमज़ोर है। विज्ञापित कर, भूमि, आयात या ऋण की रियायतें चुनी हुई विशेष आर्थिक क्षेत्र परियोजनाओं पर लागू हो सकती हैं, लेकिन मानक शुल्क-सूचियाँ और स्वीकृति के समय की विश्वसनीय जानकारी सार्वजनिक नहीं है। किसी भी निवेश से पहले कानूनी समीक्षा, प्रतिबंध-जाँच, बैंकिंग व्यवस्था और लेन-देन नियंत्रण पर भारी लागत आ सकती है।
उत्तर कोरिया में निवेश
उत्तर कोरिया में निवेश मुख्यतः स्वीकृत विदेशी निवेश परियोजनाओं, संयुक्त उपक्रमों और चुने हुए विशेष आर्थिक क्षेत्रों तक सीमित है। सार्वजनिक शेयरों, बॉन्ड, फंड, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड या डेरिवेटिव के लिए सुलभ खुदरा बाज़ार का कोई प्रमाण नहीं है। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध, बैंकिंग पाबंदियाँ, अस्पष्ट स्वामित्व, कमज़ोर आर्थिक आँकड़े और पूँजी वापस भेजने की अनिश्चितता अधिकांश विदेशी निवेशकों के लिए इसे व्यावहारिक रूप से बहुत कम निवेशयोग्य बनाते हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

