उपलब्ध साक्ष्य में संगठित अपराध, मानव तस्करी, यौन शोषण, नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी, नकली मुद्रा, हत्या, हमला, अपहरण, डकैती, चोरी, तस्करी, जबरन वसूली, जालसाजी, धन शोधन और आतंकवादी वित्तपोषण जैसे औपचारिक आपराधिक अपराध शामिल हैं। इन अपराधों की राष्ट्रीय दर या क्षेत्रों के बीच तुलना का भरोसेमंद आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। मानव तस्करी का जोखिम विशेष रूप से उत्तर कोरिया की उन महिलाओं और लड़कियों को प्रभावित करता है जिन्हें चीन में जबरन विवाह, यौन शोषण, जबरन श्रम या घरेलू दासता का सामना करना पड़ सकता है; यह जोखिम उत्तर कोरिया लौटाए गए लोगों पर भी लागू हो सकता है। चीन में होने वाले ये अपराध उत्तर कोरिया के भीतर के जोखिमों से अलग हैं, लेकिन भागने और वापसी के दौरान लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टें हिरासत केंद्रों, श्रम प्रशिक्षण केंद्रों, बड़े पैमाने पर जुटाए गए श्रम और विदेशों में काम में जबरन श्रम को गंभीर शोषण और सुरक्षा चिंता बताती हैं। मनमानी गिरफ्तारी, दुर्व्यवहार, अनुचित कार्यवाही, कैद, जबरन श्रम और गुमशुदगी जैसी राज्य-संबंधित ज्यादतियों को सामान्य सड़क-अपराध के आँकड़ों से अलग रखना चाहिए। सामान्य सार्वजनिक सुरक्षा के काम सामाजिक सुरक्षा मंत्रालय के पास हैं; राज्य सुरक्षा मंत्रालय राज्य, सीमा और राजनीतिक सुरक्षा के मामलों को देखता है। सार्वजनिक सुरक्षा संस्थाओं, अभियोजकों और अदालतों की भी औपचारिक भूमिकाएँ हैं। व्यवहार में इन निकायों तक पहुँच चयनात्मक और निगरानी में होती है; साक्ष्य बताते हैं कि बिना वारंट या स्पष्ट कारण हिरासत, वकील या दुभाषिए तक सीमित पहुँच, और परिवार से संपर्क में देरी या इनकार हो सकता है। विदेशी आगंतुक आम तौर पर संगठित यात्रा समूह, गाइड या मेज़बान के साथ चलते हैं; कोई घटना हो तो उन्हें उसी व्यक्ति से पुलिस संपर्क का अनुरोध करना चाहिए। स्वतंत्र हेल्पलाइन, लोकपाल सेवा, सुरक्षित गवाह संरक्षण और स्वतंत्र पीड़ित सहायता व्यवस्था उपलब्ध होने की बात साक्ष्यों से भरोसेमंद रूप से स्थापित नहीं है। वाणिज्य दूतावास सहायता सीमित है; कुछ देशों के लिए स्वीडन संरक्षक शक्ति के रूप में काम करता है, लेकिन बंदियों तक पहुँच में देरी हो सकती है या इनकार किया जा सकता है। इंटरनेट और मोबाइल पहुँच पर पाबंदियों के कारण दूर से मदद करना कठिन है। आगंतुकों को स्थानीय निर्देश मानने चाहिए, प्योंगयांग के बाहर बिना अनुमति यात्रा से बचना चाहिए, चौकियों और पहचान जाँच से गुजरते समय अपेक्षित प्रक्रिया अपनानी चाहिए और सैन्य स्थलों या संरक्षित इमारतों की फ़ोटोग्राफ़ी से पहले अनुमति लेनी चाहिए। होटल के कमरों की निगरानी हो सकती है, फोन और भंडारण उपकरणों की तलाशी ली जा सकती है; GPS और सैटेलाइट फोन अवैध हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय सिम और नेटवर्क तक पहुँच पर कड़ी पाबंदी है। उत्तर कोरिया से जुड़े राज्य-संबद्ध पक्षों के बाहरी साइबर अपराधों में पहचान धोखाधड़ी, दूरस्थ सूचना-प्रौद्योगिकी कर्मचारी योजनाएँ, लक्षित फ़िशिंग, मैलवेयर, रैंसमवेयर, क्रिप्टोकरेंसी की चोरी और धन शोधन शामिल हैं। इन जोखिमों से प्रभावित व्यवसायों को पहचान सत्यापन, न्यूनतम आवश्यक पहुँच, एंडपॉइंट सुरक्षा, वॉलेट नियंत्रण और अपने राष्ट्रीय साइबर या वित्तीय रिपोर्टिंग माध्यमों का उपयोग करना चाहिए। उत्तर कोरियाई कानून में नज़रबंदी, घर में नज़रबंदी और युवाओं के लिए किसी क्षेत्र तक सीमित रखने जैसी श्रेणियाँ औपचारिक रूप से हैं; सरकारी रिपोर्टों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के लोगों को मृत्युदंड या आजीवन कारावास नहीं दिया जाना चाहिए, हालांकि स्वतंत्र सत्यापन सीमित है।
उत्तर कोरिया में अपराध
उत्तर कोरिया में अपराध को मापना कठिन है, क्योंकि देश भरोसेमंद राष्ट्रीय अपराध आँकड़े प्रकाशित नहीं करता और स्वतंत्र रिपोर्टिंग बहुत सीमित है। मुख्य सुरक्षा जोखिमों में राज्य हिरासत, सीमा और संचार संबंधी अपराध, मानव तस्करी, साइबर अपराध तथा आवाजाही, मीडिया, फ़ोटोग्राफ़ी और धार्मिक नियमों का सख्त प्रवर्तन शामिल हैं। विदेशी आगंतुकों के लिए आम चोरी के जोखिम से अधिक अहम हिरासत से बचना और वाणिज्य दूतावास की आपात योजना रखना है।
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