पाकिस्तानमे लोक सामान्यतः जीवनकेँ बदलैत भूमिकाक श्रृंखलाक रूपमे बुझैत छथि। व्यक्ति बच्चासँ विद्यार्थी, कामगार, जीवनसाथी, माता-पिता, बुजुर्ग वा पारिवारिक मार्गदर्शक बनि सकैत अछि। ई भूमिका एक-दोसरासँ मिलि सकैत अछि आ सभ लेल एक्के समय-सारिणी नहि होइत अछि। बहुतो चरण पर परिवार महत्वपूर्ण रहैत अछि। माता-पिता, दादा-दादी, भाई-बहिन, रिश्तेदार आ भरोसेमन्द बुजुर्ग देखभाल, सलाह, शिक्षा, विवाहक निर्णय आ कठिन समयमे सहायता कऽ सकैत छथि। किछु लोक बड़का घरमे रहैत छथि, जखन कि आन लोक छोट घरमे वा रिश्तेदारसँ दूर रहैत छथि। बचपनमे घर, स्कूल, धार्मिक परिवेश आ खेलक माध्यमे सीखब शामिल होइत अछि। बच्चा बुजुर्गसँ सम्मान, अभिवादन, पारिवारिक कर्तव्य, अतिथि-सत्कार आ स्थानीय रीति सीखि सकैत अछि। स्कूल आ स्वास्थ्य सेवाक पहुँच स्थान आ परिवार अनुसार अलग होइत अछि। किशोरावस्था पढ़ाइ, काम, मित्रता, आस्था, कपड़ा आ भविष्यक विवाह पर नव जिम्मेदारी आ प्रश्न आनैत अछि। युवा पारिवारिक अपेक्षा आ निजी लक्ष्यक बीच संतुलन बना सकैत छथि। परिवार आ समुदाय अनुसार लड़की आ लड़का अलग स्वतंत्रता आ कर्तव्यक सामना कऽ सकैत छथि। वयस्क जीवनमे सामान्यतः काम, आमदनी, रिश्तेदारक देखभाल आ घरक निर्णय शामिल होइत अछि। बहुतो परिवारमे विवाह महत्वपूर्ण अछि, मुदा लोक अलग-अलग ढंगसँ आ अलग उमेरमे विवाह करैत छथि। रिश्तेदार परिचय करा सकैत छथि, जखन कि कतेको विवाहमे व्यक्तिगत पसन्द सेहो शामिल अछि। मातापिता बनलापर देखभाल, शिक्षा, सुरक्षा आ आर्थिक सहायता देबाक पैघ जिम्मेदारी अबैत अछि। संयुक्त परिवारमे दादा-दादी आ अन्य रिश्तेदार बच्चा पालबामे मदद कऽ सकैत छथि। मुदा बहुतो माता-पिता छोट परिवारमे वा विदेशमे रहैत ई जिम्मेदारी सम्हारैत छथि। वृद्ध लोककेँ सलाहकार आ पारिवारिक स्मृतिक रक्षकक रूपमे सम्मान भेटि सकैत अछि। हुनका स्वास्थ्य सेवा, साथ, सुरक्षित आवास आ दैनिक काजमे मदतिक जरूरत भऽ सकैत अछि। किछु वृद्ध परिवार आ समुदायमे सक्रिय रहैत छथि, जखन कि किछु अकेलापन वा आर्थिक कठिनाई झेलैत छथि। मृत्यु आ शोक सामान्यतः पारिवारिक, धार्मिक आ सामुदायिक सहयोगसँ सम्हारल जाइत अछि। इस्लामी दफन परम्परा आम अछि, जखन कि ईसाई, हिन्दू, सिख आ अन्य समुदाय अपन तरीका मानैत छथि। विशिष्ट संस्कार आस्था, क्षेत्र आ पारिवारिक परम्परा पर निर्भर करैत अछि।
पाकिस्तानमे जीवनक चरण
पाकिस्तानमे जीवनक चरण परिवार, आस्था, शिक्षा, काम, स्वास्थ्य आ स्थानीय समुदायसँ आकार लैत अछि। बचपन, किशोरावस्था, विवाह, मातापिताक भूमिका, वृद्धावस्था आ शोक प्रायः कर्तव्य आ सम्बन्धमे बदलाव आनैत अछि, मुदा प्रत्येक परिवारक बाट अलग होइत अछि। शहर वा गाम, प्रान्त, आमदनी, लिंग आ निजी पसन्द एहि अनुभवसभकेँ बहुत अलग बना सकैत अछि।
VivAVia can make mistakes. Check important information.

