यूरोपीय लोगों के आने से पहले द्वीपों पर आदिवासी समुदाय रहते थे, जिनमें कलिनागो से जुड़े समुदाय भी शामिल थे। 1620 के दशक में अंग्रेज़ और फ़्रांसीसी बसने वालों ने सेंट किट्स पर उपनिवेश स्थापित किए और यह द्वीप पूर्वी कैरेबियाई क्षेत्र में यूरोपीय विस्तार का आधार बना। सत्रहवीं सदी में अंग्रेज़ों ने नेविस में भी बसावट की। यूरोपीय शक्तियों की प्रतिद्वंद्विता ने सैन्य और राजनीतिक नियंत्रण को आकार दिया; सेंट किट्स का ब्रिमस्टोन हिल क़िला इसका एक उदाहरण है। दोनों द्वीपों पर चीनी मुख्य निर्यात उद्योग बन गई। बागान मालिक खेतों, मिलों और उनसे जुड़े कामों के लिए गुलाम बनाए गए अफ्रीकी लोगों को लाए। उनके श्रम से औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था की बहुत-सी संपत्ति बनी, जबकि दासता ने भीषण हिंसा, प्रतिबंध और स्वतंत्रता का हनन थोपा। ब्रिटेन ने 1834 में अपने उपनिवेशों में दासता समाप्त की; इसके बाद प्रशिक्षुता का दौर आया और 1838 में पूर्ण स्वतंत्रता मिली। लगातार आर्थिक असमानता के बावजूद, पूर्व में गुलाम बनाए गए लोगों के समुदायों ने परिवार, गिरजाघर, गाँव, व्यवसाय और राजनीतिक संगठन बनाए। सेंट किट्स, नेविस और एंगुइला 1967 में यूनाइटेड किंगडम से संबद्ध राज्य बने। बाद में एंगुइला उस व्यवस्था से अलग हो गया, जबकि सेंट किट्स और नेविस 1983 में एक संघ के रूप में स्वतंत्र हुए। संघ के भीतर नेविस का अपना द्वीपीय प्रशासन है। 1998 में नेविस की स्वतंत्रता पर हुए जनमत-संग्रह में अलगाव के लिए आवश्यक संवैधानिक सीमा पूरी नहीं हुई। इसलिए आधुनिक ऐतिहासिक व्याख्या में संघ के साझा विकास के साथ-साथ सेंट किट्स और नेविस के अलग-अलग राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक अनुभवों को भी देखा जाता है।
सेंट किट्स और नेविस का इतिहास
सेंट किट्स और नेविस के इतिहास में आदिवासी बसावट, यूरोपीय उपनिवेशवाद, बागान कृषि, दासता, मुक्ति और एक स्वतंत्र संघ का गठन शामिल हैं। सेंट किट्स कैरेबियाई क्षेत्र में अंग्रेज़ी और फ़्रांसीसी बसावट का शुरुआती केंद्र बना, जबकि नेविस का विकास चीनी के बागानों और समुद्री व्यापार के इर्द-गिर्द हुआ। सेंट किट्स और नेविस का संघ 19 सितंबर 1983 को यूनाइटेड किंगडम से स्वतंत्र हुआ।
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