इंडोनेशिया एक संवैधानिक गणराज्य और लोकतंत्र है। इसकी राजनीतिक व्यवस्था संविधान और पाँच व्यापक सिद्धांतों पर आधारित राज्य-दर्शन (Pancasila) से निर्देशित होती है। इसमें ईश्वर में विश्वास, मानवता, राष्ट्रीय एकता, विचार-विमर्श पर आधारित लोकतंत्र और सामाजिक न्याय सहित पाँच व्यापक सिद्धांत शामिल हैं। राष्ट्रपति राष्ट्रीय कार्यपालिका का नेतृत्व करते हैं और वे राष्ट्राध्यक्ष तथा सरकार के प्रमुख दोनों होते हैं। मंत्री राष्ट्रपति की सहायता करते हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्त, परिवहन तथा विदेश मामलों जैसे क्षेत्रों का प्रबंधन करते हैं। राष्ट्रीय विधायिका में प्रतिनिधि सभा (Dewan Perwakilan Rakyat) और क्षेत्रीय प्रतिनिधि परिषद (Dewan Perwakilan Daerah) शामिल हैं, जिन्हें क्रमशः DPR और DPD कहा जाता है। कुछ संवैधानिक दायित्वों के लिए दोनों मिलकर जन परामर्श सभा (Majelis Permusyawaratan Rakyat), जिसे MPR कहा जाता है, बनाते हैं। राजनीतिक दल उम्मीदवारों, विचारों और समर्थन को संगठित करते हैं। इंडोनेशियाई राजनीति में अक्सर कई दलों के बीच सहयोग आवश्यक होता है, इसलिए गठबंधन और बातचीत से बने समझौते आम हैं। इंडोनेशिया अत्यधिक विकेंद्रीकृत है। प्रांतों, रीजेंसी और शहरों में निर्वाचित नेता और परिषदें होती हैं, जो कई स्थानीय सेवाओं से संबंधित कार्य देखती हैं, हालाँकि गाँवों और विशेष क्षेत्रों की अपनी व्यवस्थाएँ हो सकती हैं। न्यायालय राज्य-व्यवस्था का एक अलग हिस्सा हैं। महत्वपूर्ण संस्थाएँ अपने-अपने कानूनी अधिकार-क्षेत्र में चुनावों, सार्वजनिक वित्त, प्रशासन और भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों की निगरानी भी करती हैं। नागरिक मतदान, सार्वजनिक बैठकों, याचिकाओं, नागरिक समाज संगठनों, पत्रकारिता, प्रदर्शनों और प्रतिनिधियों से सीधे संपर्क के माध्यम से भाग लेते हैं। सार्वजनिक चर्चा जीवंत हो सकती है, लेकिन कानूनसम्मत, शांतिपूर्ण और सम्मानजनक भागीदारी सबसे सुरक्षित आधार है। राजनीति सेवाओं में सुधार करने और इंडोनेशिया के अनेक समुदायों का प्रतिनिधित्व करने के अवसर पैदा करती है। इसकी सीमाओं में असमान प्रभाव, गलत सूचना, संरक्षणवाद, भ्रष्टाचार के जोखिम, ध्रुवीकरण और राष्ट्रीय लक्ष्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के साथ संतुलित करने की कठिनाई शामिल हैं।
राजनीति: इंडोनेशिया में
इंडोनेशिया में राजनीति लोकतंत्र, संविधान, पाँच व्यापक सिद्धांतों वाले राज्य-दर्शन, निर्वाचित संस्थाओं, राजनीतिक दलों और सक्रिय सार्वजनिक बहस से आकार लेती है। राष्ट्रीय और स्थानीय निकायों के बीच सत्ता साझा की जाती है, जबकि नागरिक चुनावों, सामुदायिक कार्रवाई, परामर्श और शांतिपूर्ण आलोचना के माध्यम से सार्वजनिक निर्णयों को प्रभावित करते हैं। इन बुनियादी संबंधों को समझने से राजनीतिक समाचारों और सरकारी निर्णयों को समझना आसान होता है।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

