क़तर की राजनीतिक व्यवस्था वंशानुगत नेतृत्व, संवैधानिक संस्थाओं और चुनिंदा सार्वजनिक निकायों के लिए होने वाले चुनावों को जोड़ती है। क़तर में राज्य के सर्वोच्च शासक (Emir) राज्याध्यक्ष हैं और राष्ट्रीय शासन में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। मंत्रिपरिषद सरकारी कार्यों का प्रबंधन करती है, जबकि न्यायालय न्यायिक कार्य संभालते हैं और सार्वजनिक प्राधिकरण विशिष्ट सेवाएँ प्रदान करते तथा निर्धारित क्षेत्रों को विनियमित करते हैं। संविधान और लागू कानूनों द्वारा स्थापित विधायी ढाँचे में शूरा परिषद (Shura Council) भाग लेती है। चुनाव प्रतिस्पर्धी संसदीय दलों के माध्यम से सरकार बदलने का निर्धारण नहीं करते। क़तर में शूरा परिषद और केंद्रीय नगरपालिका परिषद (Central Municipal Council) जैसे निकायों के लिए चुनाव हुए हैं; इनमें भागीदारी नागरिकता संबंधी आवश्यकताओं, पात्रता नियमों और संबंधित कानूनों द्वारा नियंत्रित होती है। इसलिए किसी व्यक्ति की राजनीतिक भूमिका काफी हद तक उसकी राष्ट्रीयता और कानूनी स्थिति पर निर्भर करती है। क़तर की राज्य संस्थाओं को उसकी सीमित चुनावी प्रक्रियाओं के साथ समझने से यह स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक प्राधिकार कहाँ प्रयोग किया जाता है और भागीदारी कैसे व्यवस्थित है।
राजनीति — क़तर में
क़तर में राजनीति अमीर के नेतृत्व वाली वंशानुगत संवैधानिक राजशाही के माध्यम से संगठित है। संविधान अमीर, मंत्रिपरिषद, शूरा परिषद, न्यायालयों और अन्य सार्वजनिक निकायों की भूमिकाएँ निर्धारित करता है। कुछ संस्थाओं के लिए चुनाव होते हैं, लेकिन क़तर प्रतिस्पर्धी बहुदलीय संसदीय व्यवस्था के रूप में काम नहीं करता।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

