कुवैत में सबसे प्रसिद्ध चुनाव राष्ट्रीय सभा, यानी मजलिस अल-उम्मा (Majlis al-Umma), के संसदीय चुनाव हैं। सभा मतदाताओं का प्रतिनिधित्व करती है और कानून बनाने, बजट, सार्वजनिक बहस तथा मंत्रियों की जाँच में भाग लेती है। अमीर निर्वाचित नहीं होता। कुवैत एक वंशानुगत अमीरात है और अमीर राष्ट्राध्यक्ष है। इसलिए चुनाव निर्वाचित संसदीय संस्था के प्रतिनिधियों को चुनते हैं, न कि राष्ट्रपति या सीधे राष्ट्रीय सरकार को। पात्र कुवैती नागरिक संविधान और कानून में तय चुनावी नियमों के अनुसार मतदान करते हैं। नागरिकता और कानूनी मतदान आयु प्रमुख शर्तें हैं, जबकि निवास और पंजीकरण के नियम तय करते हैं कि किसी व्यक्ति का नाम कहाँ दर्ज है। गैर-कुवैती निवासी राष्ट्रीय सभा के चुनावों में मतदान नहीं करते। कुवैत ने संसदीय मतदान व्यवस्थित करने के लिए निर्वाचन क्षेत्रों का उपयोग किया है। आधुनिक संसदीय चुनावों में एकल-मत पद्धति भी रही है, जिसमें मतदाता सीमित संख्या में उम्मीदवार चुनता है, लेकिन कानून के अनुसार सटीक नियम बदल सकते हैं। मतदाताओं को उस चुनाव के आधिकारिक निर्देश अवश्य पढ़ने चाहिए। उम्मीदवार आम तौर पर बैठकों, वक्तव्यों, सोशल मीडिया और दीवानिया जैसी पारंपरिक सभाओं में अपने कार्यक्रम, सार्वजनिक रुख और व्यक्तिगत योग्यताएँ बताते हैं। प्रचार में सेवाएँ, आवास, नौकरियाँ, शिक्षा, पहचान, वित्त और संसद तथा सरकार के संबंध जैसे विषय उठ सकते हैं। मतदान के दिन पात्र मतदाता निर्धारित मतदान स्थल पर जाता है, पहचान की पुष्टि करता है, मतपत्र या अधिकृत मतदान सामग्री प्राप्त करता है और निजी तौर पर अपना चयन करता है। फिर निर्देशानुसार मतपत्र डालता या जमा करता है। मतदान कर्मियों के निर्देशों का पालन करें, क्योंकि गलत तरीके से भरा गया मतपत्र गिना नहीं जा सकता। मतदान बंद होने के बाद वोट गिने जाते हैं और आधिकारिक माध्यमों से नतीजे घोषित किए जाते हैं। लागू निर्वाचन क्षेत्र और मतगणना नियमों के तहत जीतने वाला उम्मीदवार संसद का सदस्य बनता है। चुनाव के लिए उपलब्ध कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आपत्तियाँ या शिकायतें की जाती हैं। संसदीय चुनाव अपने आप हर मंत्री की नियुक्ति नहीं करते और न ही राष्ट्रपति मंत्रिमंडल बनाते हैं। कुवैत की संवैधानिक व्यवस्थाओं के तहत मंत्रिपरिषद गठित होती है। निर्वाचित सभा सरकार के साथ काम करती है, उससे सवाल करती है और कभी-कभी उससे असहमत भी होती है। कुवैत में महिलाओं को 2000 के दशक के मध्य में मतदान करने और पद के लिए चुनाव लड़ने का अधिकार मिला। यह देश के चुनावी इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जबकि भागीदारी उस समय लागू पात्रता नियमों और चुनाव प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है। चुनाव नागरिक जीवन का केवल एक हिस्सा है। नागरिक संसदीय बैठकों पर नज़र रख सकते हैं, प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं, सार्वजनिक चर्चाओं में शामिल हो सकते हैं, वैध शिकायत माध्यमों का उपयोग कर सकते हैं और वादों की बाद की कार्रवाई से तुलना कर सकते हैं।
कुवैत में चुनाव
कुवैत में चुनाव मुख्यतः राष्ट्रीय सभा के सदस्यों को चुनने से जुड़े हैं। इसे अरबी में मजलिस अल-उम्मा (Majlis al-Umma) कहा जाता है। कुवैत की चुनाव प्रणाली संवैधानिक राजतंत्र का हिस्सा है, इसलिए निर्वाचित प्रतिनिधि अमीर और मंत्रिपरिषद के साथ काम करते हैं। मतदान, उम्मीदवारों के प्रचार, निर्वाचन क्षेत्रों के नियम और संसदीय निगरानी समझने योग्य मुख्य बातें हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

