दक्षिण और पश्चिम में ईसाई धर्म अधिक प्रचलित है, जबकि उत्तर, सुदूर उत्तर और अदामावा में मुस्लिम आबादी बड़ी है। उपलब्ध क्षेत्रीय निष्कर्षों के अनुसार दक्षिण, मध्य, पूर्व, तटीय और पश्चिम क्षेत्र मुख्यतः कैथोलिक हैं, जबकि उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम मुख्यतः प्रोटेस्टेंट हैं। म्बोरारो और फुलानी समुदाय तथा बामून आबादी मुख्यतः मुस्लिम हैं। ईसाई और मुस्लिम आचरण में स्थानीय या पूर्वजों से जुड़ी परंपराएँ भी शामिल हो सकती हैं। उपलब्ध अनुमान के अनुसार मुस्लिम आबादी में सुन्नी स्पष्ट बहुमत हैं, जबकि शिया 1% से कम हैं। 2023 की एक सरकारी रिपोर्ट में उद्धृत CIA के 2018 के अनुमान में रोमन कैथोलिक 38.3%, प्रोटेस्टेंट 25.5%, अन्य ईसाई 6.9%, मुस्लिम 24.4%, जीववादी मान्यताओं वाले लोग 2.2%, अन्य धार्मिक संबद्धता वाले 0.5% और किसी धर्म से संबद्ध न होने वाले 2.2% बताए गए। कैमरून में वर्तमान आधिकारिक धार्मिक जनगणना नहीं है, इसलिए ये आँकड़े अनुमान हैं, आज की स्थिति की निश्चित गणना नहीं। कैमरून एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है। इसका संविधान धर्म और उपासना की स्वतंत्रता की रक्षा करता है और राज्य की तटस्थता तथा धार्मिक संगठनों से स्वतंत्रता अपेक्षित करता है। यह लोगों को धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव से भी बचाता है। कानून N°90/053, जिसे कानून N°2021/022 से संशोधित किया गया है, के तहत धार्मिक संघों और संस्थानों को सामान्यतः राज्य की अनुमति चाहिए। प्रादेशिक प्रशासन मंत्रालय का धार्मिक मामलों का विभाग (Service des Cultes) आवेदन जाँचता है, अनुमति जारी करता है और संबंधित धार्मिक रजिस्टर रखता है। सार्वजनिक व्यवस्था के आधार पर मंत्रालय किसी संगठन को निलंबित कर सकता है; राष्ट्रपति किसी अधिकृत संगठन को उसके घोषित उद्देश्य से हटने पर भंग कर सकते हैं। कुछ अपंजीकृत समूहों को प्रशासन व्यवहार में सहन करता है, लेकिन वे अपने नाम से बैंक खाता खोलने में असमर्थ हो सकते हैं और उनकी कानूनी स्थिति अनिश्चित रह सकती है। स्थानीय और पारंपरिक धार्मिक आचरण के लिए पंजीकरण आवश्यक नहीं है और उसे सामान्यतः निजी या स्थानीय आचरण माना जाता है। चर्च, मस्जिद, ईसाई धर्मविधि, रमज़ान और ईद धार्मिक आचरण के स्थापित रूप हैं। छुट्टियों और राष्ट्रीय अवसरों पर कैमरून का सरकारी टेलीविजन और रेडियो ईसाई तथा इस्लामी सेवाओं या समारोहों का प्रसारण कर सकते हैं। हर क्षेत्र में उपासना तक समान पहुँच नहीं है: असुरक्षा और पहुँच संबंधी पाबंदियाँ खासकर सुदूर उत्तर तथा उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं। धार्मिक सदस्यता योगदान और उपासना से जुड़े भुगतान समुदाय के अनुसार बदलते हैं; उपलब्ध शोध किसी एक राष्ट्रीय धार्मिक शुल्क को स्थापित नहीं करता। ईसाई सार्वजनिक छुट्टियों में गुड फ्राइडे, ईस्टर, एसेंशन, पेंटेकोस्ट, असम्प्शन और क्रिसमस शामिल हैं। मुस्लिम सार्वजनिक छुट्टियों में रमज़ान के अंत में ईद अल-फ़ित्र और ईद अल-अज़हा शामिल हैं, जिसे मेढ़े का त्योहार भी कहते हैं। ईसाई तिथियाँ ग्रेगोरियन कैलेंडर और ईस्टर के समय का अनुसरण करती हैं, जबकि इस्लामी तिथियाँ चंद्र कैलेंडर पर आधारित हैं। 2026 के एक संदर्भ में ईद अल-फ़ित्र 20 मार्च, गुड फ्राइडे 3 अप्रैल, एसेंशन 14 मई, ईद अल-अज़हा 27 मई, असम्प्शन 15 अगस्त और क्रिसमस 25 दिसंबर को रखा गया है। हर साल छुट्टी का आधिकारिक दर्जा और तारीख की पुष्टि करनी चाहिए। निजी धार्मिक स्कूलों को पाठ्यक्रम, बुनियादी ढाँचे और शिक्षकों के लिए राज्य की आवश्यकताएँ पूरी करनी होती हैं। वे राज्य पाठ्यक्रम में धार्मिक शिक्षा जोड़ सकते हैं और विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर राज्य सहायता पा सकते हैं। बुनियादी शिक्षा मंत्रालय निजी बुनियादी शिक्षा और कुरानिक स्कूलों की निगरानी करता है। कैथोलिक शिक्षा आयोग CENC कैथोलिक धर्मशिक्षा, स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालय गतिविधियों और पादरी-सेवा का समन्वय करता है। उपलब्ध निष्कर्षों में राष्ट्रगान से इनकार करने वाले यहोवा के साक्षियों पर बार-बार दंड या निष्कासन की घटनाएँ दर्ज हैं, लेकिन उनसे प्रादेशिक प्रशासन मंत्रालय या शिक्षा अधिकारियों का कोई एक सामान्य नियम स्थापित नहीं होता। धार्मिक संवाद मुख्यतः संप्रदाय-आधारित और अंतरधार्मिक पहलों के जरिए आयोजित होता है, किसी एक केंद्रीय वैधानिक परिषद के जरिए नहीं। CENC में अंतरधार्मिक संवाद और एक्युमेनिज़्म आयोग है, और ACADIR एक अंतरधार्मिक मंच के रूप में काम करता है। ईसाई और मुस्लिम नेताओं ने शांति और मध्यस्थता पर संयुक्त वक्तव्य जारी किए हैं। जीवन की घटनाएँ संबंधित धार्मिक परंपरा के अनुसार होती हैं और उनमें बपतिस्मा, धर्मशिक्षा, संस्कार, इस्लामी रस्में, धार्मिक विवाह, अंतिम संस्कार और दफ़न की रस्में, या स्थानीय पूर्वज-संबंधी और अनुष्ठानिक प्रथाएँ शामिल हो सकती हैं। धार्मिक समारोह नागरिक पंजीकरण का स्थान नहीं लेता। कैमरून के दंड संहिता के अनुच्छेद 217 के तहत धार्मिक विवाह कराने से पहले धार्मिक मंत्री को नागरिक विवाह प्रमाणपत्र देखना होता है। नागरिक विवाह, जन्म और मृत्यु का पंजीकरण नागरिक स्थिति केंद्र, महापौर या अन्य सक्षम MINAT-संबद्ध प्राधिकरणों के माध्यम से होता है। विवाह प्रमाणपत्र विरासत की प्रक्रिया और बच्चों के पंजीकरण को प्रभावित कर सकता है। हज की योजना बनाने वाले मुस्लिम निवासी अपने निवास क्षेत्र के स्वीकृत स्थानीय समन्वयक (encadreur) के जरिए पंजीकरण करते हैं; राष्ट्रीय हज आयोग और MINAT हर साल तीर्थयात्रा का आयोजन और पर्यवेक्षण करते हैं। पैकेज की कीमतें और पंजीकरण का समय हर साल बदलता है।
कैमरून में धर्म
कैमरून में धर्म मुख्यतः ईसाई धर्म और इस्लाम से प्रभावित है, साथ ही स्थानीय और पारंपरिक मान्यताएँ भी हैं। धार्मिक आचरण क्षेत्र और समुदाय के अनुसार अलग-अलग है। स्कूल, पंजीकरण, छुट्टियाँ और जीवन-समारोह औपचारिक तथा स्थानीय, दोनों व्यवस्थाओं के अनुसार चलते हैं। कुछ क्षेत्रों में असुरक्षा के कारण उपासना तक पहुँचना सीमित हो सकता है।
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