गिनी में औपचारिक लेकिन बिखरी हुई आपदा-प्रबंधन व्यवस्था है। मुख्य राष्ट्रीय निकायों में ANGUCH, मानवीय आपात स्थितियों के लिए तैयारी और प्रतिक्रिया, क्षति और जरूरतों के आकलन, आपात सहायता तथा प्रभावित और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के समर्थन का समन्वय करने वाली राष्ट्रीय एजेंसी शामिल है। नागरिक सुरक्षा और सुरक्षा मंत्रालय के अधीन DGPC रोकथाम, पूर्वानुमान, कार्रवाई, बचाव और सहायता संभालती है। पर्यावरण और सतत विकास मंत्रालय के अधीन CENAGCUE आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पर्यावरणीय आपात स्थितियों, सूचना और रोकथाम पर काम करता है। ANM आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियाँ जारी करती है। प्रीफेक्चर, नगरपालिकाएँ, स्थानीय प्राधिकरण, गिनी रेड क्रॉस, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ और गैर-सरकारी संगठन स्थानीय या विशेषज्ञ सहायता देते हैं। कानूनी और योजना ढाँचे में नागरिक सुरक्षा की विशेष स्थिति स्थापित करने वाला 2013 का कानून, ANGUCH बनाने और SENAH की जगह लेने वाला जून 2022 का डिक्री, राष्ट्रीय आपदा-प्रबंधन समिति स्थापित करने वाला मई 2023 का आदेश, 2016 का राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यक्रम, 2018 की राष्ट्रीय आकस्मिक योजना और 2024 से 2030 की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीति शामिल हैं। रणनीति में सात सार्वजनिक निकायों सहित 23 से अधिक पक्ष पहचाने गए हैं। दस्तावेज़ जिम्मेदारियों के दोहराव, स्थानीय समन्वय की कमजोरी, नगर और विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के सीमित समावेश तथा निवेश और सार्वजनिक-निजी वित्तपोषण की कमी भी बताते हैं। स्थानीय कानूनी और प्रवर्तन विवरण पूरे देश में समान रूप से दर्ज नहीं हैं। बाढ़ गिनी के सबसे महत्वपूर्ण जोखिमों में से एक है। ऐतिहासिक आकलन के अनुसार पाँच प्रीफेक्चर, यानी देश के प्रीफेक्चरों का 14.71 प्रतिशत, बहुत बार प्रभावित होते हैं; 20 प्रीफेक्चर, यानी 58.82 प्रतिशत, अक्सर और नौ प्रीफेक्चर, यानी 26.47 प्रतिशत, कम प्रभावित होते हैं। दर्ज जोखिम क्षेत्रों में कोनाक्री, बोके, बोफ़ा, गाओआल, कुंदारा, कंकन, कुरुसा, केरोआने, फ़राना, दाबोला, किसिदुगू, लाबे, डिंगिरेये, किंडिया और सिगुइरी शामिल हैं। भारी वर्षा, नदियों और छोटी जलधाराओं का बढ़ना, समुद्री जल, मैंग्रोव, निचले इलाके, बंद नालियाँ और पुलिया तथा असुरक्षित निर्माण जोखिम बढ़ाते हैं। 2000 से 2017 के बीच दर्ज बाढ़ में 82 प्रतिशत नदीजनित थीं। मौसमी जोखिम विशेष रूप से नाइजर, माकोना, फ़ाताला, तिंगुइलिंटा, कोलिबा या कोरुबाल और बाफिंग या सेनेगल नदी प्रणालियों से जुड़ा है। 2024 में 12 प्रीफेक्चरों और कोनाक्री के 20,078 परिवारों के 133,688 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए और चार लोगों की मृत्यु हुई। 23 अगस्त 2025 तक दर्ज बाढ़ ने 38 में से 13 प्रीफेक्चरों में 35,131 से अधिक लोगों को प्रभावित किया, 59 लोगों की मृत्यु हुई, 14 लोग लापता हुए और नौ स्कूल तथा सात स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुए। ये आँकड़े अपनी रिपोर्टिंग अवधियों से संबंधित हैं; इन्हें स्थायी वार्षिक औसत न समझें। भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएँ पर्वतीय, खदान, खनन और पहाड़ी इलाकों, ढलानों के निचले हिस्सों और कचरे के ढेरों के पास केंद्रित हैं। ऐतिहासिक आकलन पाँच प्रीफेक्चरों को बहुत अधिक, नौ को अधिक, 17 को कम प्रभावित और तीन को ऐसा बताता है जहाँ कोई दर्ज रिपोर्ट नहीं थी। खनन, अनियंत्रित ड्रिलिंग या भूमिगत गतिविधि और जोखिम क्षेत्रों में बस्तियाँ ढलानों को कमजोर कर सकती हैं। 20 अगस्त 2025 को कोयाह के मानेआ में भारी बारिश के बाद आधिकारिक अंतरिम आँकड़े में 15 मौतें, 11 घायल और कई लापता लोग दर्ज हुए। DGPC, सैन्य इंजीनियरिंग इकाइयों, ANGUCH और स्थानीय प्राधिकरणों ने खोज, बचाव, निकासी और पुनर्बहाली अभियान चलाए। भीषण तूफान और तेज हवाओं का जोखिम लगभग पूरे देश में है। 34 में से 32 प्रीफेक्चर, यानी 94.12 प्रतिशत, अक्सर जोखिम में माने गए हैं; एक को बहुत अधिक जोखिम वाला और एक को बिना दर्ज वर्गीकरण वाला माना गया है। बवंडर कम दर्ज होते हैं और आम तौर पर गरज वाले तूफानों के साथ रखे जाते हैं। 2026 में ANM की चेतावनियों में गरज-चमक, भारी वर्षा, तेज हवाएँ, स्थानीय अचानक बाढ़, बिजली गिरना और गिरता मलबा या बहाव शामिल थे। व्यावहारिक बचाव में पहचाने हुए जोखिम क्षेत्रों से दूर रहना, तूफान के दौरान यात्रा सीमित करना, असुरक्षित वस्तुएँ बाँधना और ANM की ताजा सूचना देखना शामिल है। आग के जोखिम में झाड़ी की आग के साथ शहरी, घरेलू, औद्योगिक, कृषि, ऊर्जा और खनन की आग भी शामिल हैं। झाड़ी की आग से नौ प्रीफेक्चर, यानी 26.47 प्रतिशत, बहुत अधिक और 25, यानी 75.53 प्रतिशत, अधिक प्रभावित वर्गीकृत हैं। बताए गए मानवीय कारणों में झूम खेती, शिकार, सिगरेट, चराई या सोने के खनन से जुड़ी आग और शुष्क परिस्थितियाँ शामिल हैं। शहरी और औद्योगिक आग बिजली की खराबी, मोमबत्तियों, शॉर्ट सर्किट, खराब रखरखाव और कंपनियों तथा संस्थानों में आपात योजनाओं की कमी से भी जुड़ी हैं। 12 प्रीफेक्चरों में सूखा और गर्मी अक्सर, नौ में कम और 13 में बिना दर्ज वर्गीकरण के बताए गए हैं। हौट गिनी में अत्यधिक गर्मी का जोखिम विशेष है। पानी की कमी से खेती, पशुपालन, मछली पकड़ने और समुदायों के बीच आवाजाही प्रभावित हो सकती है। सूखे या गर्मी के लिए सामान्य व्यक्तिगत मुआवज़े या निकासी लाभ का कोई प्रमाण नहीं मिला। भूकंप कम आते हैं, लेकिन उनके परिणाम गंभीर हो सकते हैं: 22 दिसंबर 1983 को कुम्बिया और गाओआल में आए भूकंप में कथित तौर पर 300 से अधिक लोग मारे गए और 10,000 से अधिक प्रभावित हुए। तट और फ़ूता-जल्लोन में आगे की भूकंपीय गतिविधि दर्ज हुई है। तटीय समुदाय और ढाँचे तूफान से उठे समुद्री उभार, बड़े ज्वार और तटीय कटाव का भी सामना करते हैं; कोलेज दे राटोमा के पास तथा बोफ़ा के तैयदी और कमसार में ऐसे स्थल दर्ज हैं। तकनीकी और परिवहन जोखिमों में कृषि, खनन और मछली पकड़ने में रासायनिक संपर्क, सड़क दुर्घटनाएँ, तट पर जहाज़ दुर्घटनाएँ और रेल या विमानन घटनाएँ शामिल हैं। खराब सड़कें, परिवहन मार्गों के साथ बस्तियाँ और औद्योगिक आपात योजनाओं की कमी परिणामों को बढ़ा सकती हैं। महामारी और सामान्य स्वास्थ्य समस्याएँ मुख्यतः स्वास्थ्य सेवाओं के विषय हैं, हालांकि आपदा योजना में पानी, स्वच्छता, साफ-सफाई, आपात आश्रय और चिकित्सा सहायता शामिल हो सकती है। अपराध और सामान्य प्रकृति-संरक्षण अलग विषय हैं, जब तक वे सीधे आपदा प्रतिक्रिया से संबंधित न हों। चेतावनी व्यवस्था मुख्यतः ANM के पूर्वानुमानों और अलर्ट, स्थानीय प्राधिकरणों, मीडिया और सामुदायिक माध्यमों पर निर्भर करती है। ANM दैनिक पूर्वानुमानों के साथ लघु, मध्यम और दीर्घ अवधि की जानकारी देती है; सार्वजनिक चेतावनियों में गंभीरता, क्षेत्र और घटना दिखाई जाती है। गिनी अभी बहु-जोखिम पूर्व चेतावनी प्रणाली विकसित कर रहा है। सामुदायिक समूहों के नाम बदलते रहे हैं, जैसे स्थानीय कार्रवाई समूह और निगरानी समितियाँ। एक रिपोर्ट ने क्षेत्रीय प्रशासन और विकेंद्रीकरण मंत्रालय तथा गिनी रेड क्रॉस के सहयोग से 80 ग्रामीण कम्यूनों में 80 स्थानीय कार्रवाई समूह बताए, लेकिन देशभर में मौजूदा कवरेज सत्यापित नहीं है। राष्ट्रव्यापी SMS या सार्वभौमिक चेतावनी प्रणाली का प्रमाण नहीं मिला। सार्वजनिक तैयारी योजनाएँ समझ में आने वाली जानकारी, अभ्यास, जागरूकता अभियान और स्थानीय प्राधिकरणों, आपात सेवाओं तथा समुदायों की भागीदारी की माँग करती हैं। स्कूलों और अस्पतालों को भवन जोखिम, आपात योजनाओं और सुरक्षात्मक व्यवहार की जानकारी मिलनी चाहिए। रणनीति में विकलांग लोगों के लिए विशेष चेतावनी व्यवस्था का भी आह्वान है, जिसमें सायरन के उपयोग पर बधिर लोगों के लिए व्यवस्था शामिल है। आपात स्थिति में ANGUCH राष्ट्रीय समन्वय करती है और DGPC परिचालन बचाव संभालती है। बड़ी इमारतों के ढहने के बाद सैन्य इंजीनियरिंग इकाइयाँ मदद कर सकती हैं। घटना के अनुसार प्रीफेक्चर, नगरपालिकाएँ, गिनी रेड क्रॉस, संयुक्त राष्ट्र आपात समूह, UNICEF, OCHA, FAO और WFP योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रव्यापी प्रतिक्रिया समय की कोई गारंटी प्रकाशित नहीं है। ANGUCH संपर्क नंबर +224 611-003-100 और ईमेल info@anguch.gov.gn प्रकाशित करती है। DGPC तथा सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा मंत्रालय 24 घंटे के आपात संपर्क प्रकाशित करते हैं और ANM +224 621344405 सूचीबद्ध करती है। घटना के दौरान संभव हो तो स्थानीय प्राधिकरण, ANGUCH या नागरिक सुरक्षा से संपर्क करें, मौजूदा चेतावनियों का पालन करें और तत्काल या आधिकारिक रूप से घोषित खतरे वाले क्षेत्र से निकलें। सार्वजनिक चेतावनी और आपात समन्वय के लिए कोई प्रकाशित उपयोगकर्ता शुल्क नहीं है। बचाव और सहायता तक पहुँच फिर भी स्थिति, स्थान, उपलब्ध दल, संचार और संसाधनों पर निर्भर करती है। राहत घटना के अनुसार मिलती है, सामान्य गारंटीकृत भुगतान नहीं। 2024 की बाढ़ के बाद बताई गई सहायता में आवास के तौर पर उपयोग किए गए स्कूल, चार स्वागत केंद्र, चावल, चीनी और तेल जैसे खाद्य पदार्थ, साबुन, क्लोरीन और गद्दे शामिल थे। 2025 में मानेआ और कोयाह के आसपास प्रभावित 52 परिवारों को दूसरी जगह बसाया गया और भोजन तथा गद्दे, मच्छरदानी, कंबल, कपड़े, बाल्टी और साबुन जैसी आवश्यक वस्तुएँ दी गईं। 2025 का 8,377,270,000 GNF का सरकारी कोष मानेआ के निकट परिवारों के लिए भोजन, आवश्यक वस्तुओं, चार पुनर्गठन स्थलों और नकद हस्तांतरण में लगा। संयुक्त राष्ट्र केंद्रीय आपात प्रतिक्रिया कोष के 2024 के 2.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर आवंटन ने कंकन और न्ज़ेरेकोरे में काम को समर्थन दिया। राशि, आवास, पुनर्वास, पंजीकरण और भुगतान का समय घटना तथा आकलित जरूरतों पर निर्भर करता है; कोई निश्चित राष्ट्रीय दर या सामान्य भुगतान समय-सीमा प्रमाणित नहीं हुई। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण रणनीति कहती है कि निवारक बलपूर्वक निकासी केवल तभी की जा सकती है जब गंभीर और आसन्न जोखिम हो। प्रभावित लोगों को समय, व्यवस्था, गंतव्य और अपेक्षित अवधि की जानकारी मिलनी चाहिए। अधिकारियों को गरिमा, मौलिक अधिकार, संपत्ति और सामान की रक्षा करनी चाहिए, जबकि स्थानीय प्राधिकरण जोखिम क्षेत्र और निकासी व्यवस्था तय करते हैं। रणनीति के अनुसार इनकार करना व्यक्ति के अपने जोखिम पर है। परिवहन और आवास की व्यवस्था पूरे गिनी में एक समान दर्ज नहीं है, इसलिए स्थानीय निर्देश और प्रतिक्रिया की वास्तविक क्षमता जाँचें। पुनर्बहाली का समन्वय ANGUCH करती है और अक्सर सहयोगी संस्थाओं तथा घटना-विशिष्ट वित्त पर निर्भर करती है। 2025 और 2026 में पश्चिम अफ्रीकी राज्यों का आर्थिक समुदाय और ANGUCH के सहयोग से म्बोरो में एक स्कूल और स्वास्थ्य चौकी तथा सौर ऊर्जा से चलने वाला जल ढाँचा फिर से बनाने में मदद मिली। गिनी में आपदा पुनर्बहाली के लिए एक समान राष्ट्रीय मुआवज़ा दर या एकल आवेदन अंतिम तारीख का प्रमाण नहीं है। जोखिम में महत्वपूर्ण ढाँचे में जल और स्वच्छता प्रणालियाँ, आवास, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, सड़कें, बाज़ार, व्यापार सुविधाएँ, ऊर्जा प्रणालियाँ और उद्योग शामिल हैं। राष्ट्रीय रणनीति में जोखिम मानचित्रण, रखरखाव और नवीनीकरण, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल ढाँचा, जल निकासी और मजबूत भवन नियंत्रण को प्राथमिकता दी गई है। मौजूदा उपकरण और ढाँचा अपर्याप्त, पुराने या खराब रखरखाव वाले बताए गए हैं। गिनी में व्यावहारिक जोखिम स्थान के अनुसार बदलता है। यह कोनाक्री और तटीय निचले इलाकों, नदी गलियारों, किंडिया, फ़राना, कंकन और न्ज़ेरेकोरे के कुछ हिस्सों तथा खनन या पहाड़ी समुदायों में खास तौर पर अधिक है। बरसात का मौसम अक्सर बाढ़, भूस्खलन, तूफान और बहाव की चेतावनियों को तत्काल प्रासंगिक बनाता है। इसलिए परिवार, कंपनी, स्कूल या संस्था को स्थानीय खतरे पहचानने, ANM और स्थानीय प्राधिकरणों की सूचना देखने, जरूरी दस्तावेज़ और सामान सुलभ रखने, घोषित निकासी स्थलों की जानकारी रखने और एक ही संचार माध्यम पर निर्भर न रहने की जरूरत है।
गिनी में आपदाएँ
गिनी में बार-बार बाढ़, भूस्खलन, भीषण तूफान, झाड़ी और शहरी आग, सूखा, तटीय कटाव, भूकंप तथा तकनीकी या परिवहन दुर्घटनाएँ होती हैं। बाढ़ और भीषण तूफान देश के कई हिस्सों को प्रभावित करते हैं, जबकि कोनाक्री, तटीय निचले इलाकों, नदी गलियारों, खनन क्षेत्रों और पहाड़ी ढलानों की बस्तियों में जोखिम विशेष रूप से अधिक है। गिनी में राष्ट्रीय आपदा-प्रबंधन संस्थाएँ और योजनाएँ हैं, लेकिन जिम्मेदारियाँ एक-दूसरे से मिलती हैं और हर परिस्थिति के लिए एक स्पष्ट, प्रमाणित संपर्क केंद्र नहीं है। चेतावनी, बचाव, निकासी, राहत और पुनर्बहाली आपदा, स्थान, उपलब्ध संसाधनों तथा राष्ट्रीय, स्थानीय और सहयोगी संगठनों के बीच समन्वय पर निर्भर करती है।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

