गुयाना एक धर्मनिरपेक्ष राज्य है और यहाँ राज्य द्वारा स्थापित कोई धर्म नहीं है। 2012 की जनगणना में 24.83% लोगों ने स्वयं को हिंदू, 22.80% ने पेंटेकोस्टल चर्चों का सदस्य, 20.76% ने अन्य ईसाई चर्चों का सदस्य, 7.08% ने रोमन कैथोलिक, 6.77% ने मुस्लिम, 5.41% ने सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट और 5.22% ने एंग्लिकन बताया। छोटे समूहों में मेथोडिस्ट 1.35%, यहोवा के साक्षी 1.29%, रास्ताफ़री 0.47%, बहाई 0.06% और अन्य धर्म 0.85% थे; 3.14% लोगों ने किसी धर्म से जुड़ाव न होने की सूचना दी। 2022 की जनगणना में धर्म और संप्रदाय के प्रश्न शामिल रहे, लेकिन उसकी प्रारंभिक रिपोर्ट में धर्म की तालिका प्रकाशित नहीं हुई। धार्मिक संस्थाओं और व्यापक संगठनों में ईसाई संप्रदाय, गुयाना काउंसिल ऑफ़ चर्चेज़, गुयाना हिंदू धार्मिक सभा, गुयाना में सनातन धर्म की महा सभा (गुयाना सनातन धर्म महा सभा), सेंट्रल इस्लामिक ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ़ गुयाना, अहमदिया, गुयाना रास्ताफ़री काउंसिल, बहाई समुदाय और अफ़्रीकी प्रवासी, अरिरुया तथा आदिवासी आस्था-समुदाय शामिल हैं। गुयाना का अंतरधार्मिक संगठन, जिसे IROG कहा जाता है, कई आस्था-परंपराओं के लगभग 40 धार्मिक संगठनों को शामिल करता है। समुदाय अपनी सेवाओं और प्रवेश की व्यवस्था स्वयं करते हैं; धार्मिक समुदायों के लिए देशव्यापी पंजीकरण की अनिवार्यता या पादरियों के लिए सामान्य लाइसेंसिंग की कोई आवश्यकता दर्ज नहीं है। धार्मिक आचरण में सेवाएँ, मंदिर में पूजा, मस्जिद में प्रार्थना, नमाज़, जुमा, रमज़ान, ज़कात और हिंदू त्योहार शामिल हैं। फगवा रंगों के अनुष्ठानों के साथ मनाया जाता है, जबकि दीपावली दीपों के साथ मनाई जाती है। सार्वजनिक छुट्टियों में गुड फ्राइडे, ईस्टर मंडे, क्रिसमस, फगवा, दीपावली, ईद-उल-अज़हा और यौमुन नबी शामिल हैं। राज्य हर साल तारीखों की घोषणा करता है; इस्लामी छुट्टियाँ चंद्र कैलेंडर के अनुसार होती हैं। ईद-उल-फ़ित्र धार्मिक रूप से मनाई जाती है, लेकिन सार्वजनिक छुट्टी का उसका दर्जा हर बार लागू आधिकारिक घोषणा देखकर जाँचना चाहिए। संविधान का अनुच्छेद 145 अंतरात्मा, विचार, धर्म, धर्म परिवर्तन, सार्वजनिक और निजी धार्मिक आचरण, धार्मिक शिक्षा और धार्मिक पालन की रक्षा करता है। किसी को भी ऐसा शपथ लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता जो उसकी मान्यताओं के विरुद्ध हो। अनुच्छेद 149 अन्य बातों के साथ-साथ धर्म, अंतरात्मा, विश्वास या संस्कृति के आधार पर भेदभाव से सुरक्षा देता है। भेदभाव निवारण अधिनियम रोज़गार, शिक्षा, पेशेवर संघों, वस्तुओं और सेवाओं पर लागू होता है; धार्मिक संस्थाएँ दीक्षा, धार्मिक शिक्षा, धार्मिक कार्यों और धर्मानुकूल आचरण से जुड़े विशेष नियम अपना सकती हैं। 2023 में भांग के सेवन और रास्ताफ़री धार्मिक आचरण से संबंधित कानूनी टकराव की सूचना दी गई थी, लेकिन किसी सामान्य धार्मिक छूट की पुष्टि नहीं हुई है। शिक्षा मंत्रालय के कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में राष्ट्रीय योजना के रूप में धार्मिक शिक्षा शामिल है और इसमें ईसाई धर्म, हिंदू धर्म, इस्लाम और यहूदी धर्म पढ़ाए जाते हैं। अनुच्छेद 145 धार्मिक समुदायों को अपनी शिक्षा देने की अनुमति देता है। 18 वर्ष से कम आयु के लोग अपने अभिभावकों की सहमति के बिना किसी दूसरे धर्म की धार्मिक शिक्षा या धार्मिक समारोह में भाग नहीं ले सकते। हिंदू समुदाय और संबंधित सनातन धर्म संगठन हिंदी, संस्कृत और अंग्रेज़ी की शिक्षा, छात्रवृत्तियाँ तथा मंदिर, स्कूल और कल्याणकारी गतिविधियाँ उपलब्ध कराते हैं; इनकी उपलब्धता और गुणवत्ता स्थान के अनुसार अलग हो सकती है। IROG, विश्व अंतरधार्मिक सद्भाव सप्ताह और गुयाना विश्वविद्यालय में चर्चा कार्यक्रमों सहित अन्य माध्यमों से धार्मिक संवाद होता है। जातीय संबंध आयोग (Ethnic Relations Commission) को धार्मिक और जातीय सद्भाव बढ़ाने का संवैधानिक दायित्व मिला है, लेकिन उसकी मुख्य ज़िम्मेदारी नस्लीय और जातीय भेदभाव तथा उसके निवारण से संबंधित है; वह सामान्य धार्मिक न्यायालय नहीं है। धार्मिक विवाह में विवाह अधिकारी (Marriage Officer) शामिल होना आवश्यक है। प्रक्रिया के अनुसार निवासियों को विवाह की सूचना या नोटिस अथवा लाइसेंस की ज़रूरत होती है; गैर-निवासियों को लाइसेंस चाहिए। लाइसेंस जारी होने से पहले कम-से-कम एक पक्ष का गुयाना में 15 दिनों से निवास होना चाहिए, आवेदन कम-से-कम दो कार्यदिवस पहले जमा करना चाहिए और लाइसेंस 90 दिनों तक वैध रहता है। 16 या 17 वर्ष के व्यक्तियों के लिए ज़िम्मेदार व्यक्तियों की सहमति आवश्यक है। सामान्य पंजीकरण कार्यालय (General Register Office) लाइसेंस के लिए 5,000 GYD, कार्यालय में विवाह के लिए 2,600 GYD और प्रमाणपत्र की प्रक्रिया के लिए 300 GYD शुल्क सूचीबद्ध करता है। समुदायों के शुल्क पूरे देश में एक समान नहीं हैं। जन्म और मृत्यु का नागरिक पंजीकरण सामान्य पंजीकरण कार्यालय में कराना आवश्यक है; बपतिस्मा या कोई अन्य धार्मिक अनुष्ठान इस पंजीकरण का विकल्प नहीं है।
गुयाना में धर्म
गुयाना में ईसाई, हिंदू, मुस्लिम, रास्ताफ़री, बहाई और आदिवासी समुदाय हैं। उनकी धार्मिक सेवाएँ, छुट्टियाँ, शैक्षिक गतिविधियाँ और जीवन-संस्कार भी धार्मिक जीवन का हिस्सा हैं। धर्म के आधिकारिक अनुपात मुख्यतः 2012 की जनगणना पर आधारित हैं; 2022 की जनगणना की अद्यतन तालिका अभी प्रकाशित नहीं हुई है। संविधान अंतरात्मा की स्वतंत्रता, धर्म परिवर्तन तथा सार्वजनिक और निजी धार्मिक आचरण की रक्षा करता है।
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