गैबॉन भूमध्य रेखा पर स्थित है और इसकी तटरेखा लगभग 800 किलोमीटर लंबी है। स्थलीय वर्षावन देश के लगभग 76% हिस्से में फैला है; इसके साथ बाढ़ग्रस्त और दलदली वन, लगभग 3,950 वर्ग किलोमीटर मैंग्रोव, सवाना, नदियाँ, काले पानी वाले तंत्र, झीलें और तटीय आवास भी हैं। वार्षिक वर्षा आम तौर पर 2,000 मिलीमीटर से अधिक होती है, जो ऐसे पारिस्थितिकी तंत्रों को सहारा देती है जो वन, नदी और समुद्र के बीच निकटता से जुड़े हैं। तटीय और नदी पारिस्थितिकी तंत्र मैंग्रोव, मत्स्य संसाधन, समुद्री कछुए, दरियाई घोड़े, प्रवासी पक्षियों और तटरेखा-सुरक्षा के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक हैं। गैबॉन में उच्चतर पौधों की 1,900 से अधिक प्रजातियाँ दर्ज हैं, जिनमें लगभग 57 स्थानिक और 25 उप-स्थानिक प्रजातियाँ शामिल हैं। जीव-जंतुओं में 150 से अधिक स्थलीय स्तनधारी प्रजातियाँ, 19 प्राइमेट प्रजातियाँ और 600 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ हैं। संरक्षण कार्य में प्रमुख प्रजातियों में अफ्रीकी वन हाथी (Loxodonta cyclotis), पश्चिमी तराई गोरिल्ला (Gorilla gorilla), चिंपैंजी (Pan troglodytes), मैंड्रिल (Mandrillus sphinx), तेंदुआ (Panthera pardus) और पैंगोलिन की तीन प्रजातियाँ शामिल हैं। इविंदो क्षेत्र में मीठे पानी की 13 संकटग्रस्त मछली प्रजातियाँ, तीव्र जलधाराओं और झरनों से जुड़ी Podostemaceae पौधों की कम से कम सात प्रजातियाँ तथा गंभीर संकटग्रस्त पतली थूथन वाला मगरमच्छ (Mecistops cataphractus) पाया जाता है। गैबॉन में 13 स्थलीय राष्ट्रीय उद्यान हैं, जो 2002 के बाद स्थापित हुए और देश की लगभग 11% भूमि में फैले हैं। राष्ट्रीय उद्यान ऐसा संरक्षित क्षेत्र है जहाँ संरक्षण प्राथमिकता है और इकोटूरिज्म, वैज्ञानिक अनुसंधान तथा शिक्षा जैसी गतिविधियाँ विनियमित होती हैं। देश में अंतरराष्ट्रीय संरक्षण-मूल्य वाली आर्द्रभूमियों के रूप में मान्यता प्राप्त नौ Ramsar स्थल और 2017 के बाद स्थापित 20 समुद्री संरक्षित क्षेत्र भी हैं—नौ समुद्री उद्यान और 11 जलीय आरक्षित क्षेत्र। ये समुद्री क्षेत्र मिलकर लगभग 52,759 वर्ग किलोमीटर, यानी गैबॉन के समुद्री जल का करीब 26.2%, घेरते हैं। अन्य संरक्षण क्षेत्रों में दो वृक्ष उद्यान, इपासा-माकोकोउ जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र और वन रियायतों के भीतर संरक्षण खंड शामिल हैं। UNESCO ने लोपे-ओकांडा मिश्रित विश्व धरोहर स्थल को 2007 में और इविंदो प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल को 2021 में सूचीबद्ध किया। संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क में बहुत अलग-अलग भू-दृश्य शामिल हैं। अकांदा और पोंगारा में तटीय वन, मैंग्रोव, सवाना, समुद्री कछुओं के आवास और प्रवासी पक्षियों के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। लुआंगो, मायुम्बा, पेटिट लुआंगो और सेट्टे कामा में तटीय मैदान, लैगून, मैंग्रोव, वन और सवाना हैं तथा वहाँ समुद्री कछुए, दरियाई घोड़े और वन हाथी पाए जाते हैं। लोपे-ओकांडा में वर्षावन और सवाना के बीच संक्रमण क्षेत्र तथा ओगोऊए घाटी है, जहाँ पौधों की 1,550 से अधिक प्रजातियाँ दर्ज हैं। इविंदो पुराने Caesalpinioideae वनों, काले पानी वाली नदियों, तीव्र धाराओं और झरनों के लिए जाना जाता है। मोंट बिरोगू में पहाड़, वन, आर्द्रभूमि और सवाना का मिश्रण है, जबकि बातेके भू-दृश्य में पठारी सवाना और वन संक्रमण क्षेत्र हैं। मुख्य कानूनी ढाँचे में पर्यावरण संरक्षण पर कानून 007/2014 और राष्ट्रीय उद्यानों पर कानून 003/2007 शामिल हैं। जीव-जंतुओं, वनस्पतियों या आवासों को नुकसान पहुँचा सकने वाली गतिविधियों के लिए पहले से अनुमति और पर्यावरणीय तथा सामाजिक प्रभाव आकलन (EIES) आवश्यक हो सकता है। उद्यान और क्षेत्र की प्रबंधन योजनाएँ अनुमत और निषिद्ध गतिविधियाँ, निगरानी, नियंत्रण और बजट तय करती हैं। बफर क्षेत्र आमतौर पर लगभग पाँच किलोमीटर चौड़े होते हैं, लेकिन सटीक नियम संबंधित योजना पर निर्भर करते हैं। जलीय प्रबंधन योजनाओं की सामान्यतः कम से कम हर तीन साल में समीक्षा होती है; कुछ आरक्षित क्षेत्रों की समीक्षा सालाना हो सकती है। 2017 के बाद ANPN और ANPNP के बदलाव के दौरान शब्दावली में असंगतियाँ आईं, इसलिए विशिष्ट क्षेत्र के वर्तमान संस्थागत नाम और जिम्मेदारियों की पुष्टि करें। मौजूदा प्रशासन में ANPN प्रमुख संरक्षित-क्षेत्र एजेंसी है, जबकि जल और वन मंत्रालय तथा DGEPN की भी संबंधित जिम्मेदारियाँ हैं। 2019 की छठी राष्ट्रीय रिपोर्ट में जानवरों की 27 प्रजातियाँ पूरी तरह संरक्षित बताई गई थीं और पाँच पौधों की प्रजातियों पर 20 वर्ष का संरक्षण उपाय लागू किया गया था। पूर्ण संरक्षण में आम तौर पर संरक्षित प्रजाति का शिकार, पकड़ना, व्यापार और स्थानांतरण निषिद्ध है; अपवादों के लिए वैज्ञानिक अनुमति चाहिए। संकटग्रस्त प्रजातियों के व्यापार को नियंत्रित करने वाली अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था CITES, ग्रे पैरट (Psittacus erithacus), पैंगोलिन की तीनों प्रजातियों और सूचीबद्ध अन्य वन्यजीवों पर लागू है। Guibourtia की प्रजातियाँ, जिनमें केवाज़िंगो शामिल है, CITES नियंत्रण के अधीन हैं। संग्रह, परिवहन, बिक्री या निर्यात की योजना बनाने से पहले वर्तमान पूरी प्रजाति-सूची लागू कानूनी पाठ से जाँचें। प्रथागत उपयोग-अधिकार व्यक्तिगत या सामूहिक जरूरतों—जैसे जलावन, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, औषधीय और खाद्य पौधे, निर्वाह खेती, शिकार, मछली पकड़ना, रास्ते और जल तक पहुँच—को कवर कर सकते हैं। ग्रामीण वन क्षेत्र में लागू नियमों के तहत ये उपयोग उपलब्ध हो सकते हैं। स्थायी राज्य-संरक्षित क्षेत्रों में प्रथागत शिकार और मछली पकड़ना सामान्यतः निषिद्ध है; समुद्री उद्यान के बफर क्षेत्रों में सामुदायिक अनुबंध और संबंधित प्रबंधन योजना के जरिए प्रथागत मछली पकड़ने तथा सांस्कृतिक या पर्यटन गतिविधियों की अनुमति हो सकती है। संरक्षण नियम सटीक क्षेत्र, गतिविधि, प्रजाति और प्रबंधन दस्तावेज़ पर निर्भर करते हैं। कोई प्रथा प्रचलित होने से व्यावसायिक उपयोग, वन्यजीव व्यापार या प्रतिबंधित क्षेत्र में गतिविधि की अनुमति अपने-आप नहीं मिलती। संरक्षित क्षेत्रों में प्रवेश और गतिविधियाँ लागू उद्यान या क्षेत्र योजना के अनुसार होती हैं और सामान्यतः ANPN या अधिकृत सेवा-प्रदाता से समन्वय चाहिए। 1 जनवरी 2026 से पर्यटन गतिविधियों के लिए ANPN प्रवेश फॉर्म (Fiche d’accès) अनिवार्य है। वैज्ञानिक काम के लिए लिखित अनुमति जरूरी है। इकोटूरिज्म में वन्यजीव देखना, पैदल यात्रा, नदी और झरनों का भ्रमण, समुद्रतट और कछुओं के घोंसले बनाने के स्थल तथा सांस्कृतिक व्याख्या शामिल हो सकती है। खेल या पकड़ के लिए मछली पकड़ना परमिट और स्थानीय नियमों के अधीन है और इसका सीधा लक्ष्य पूरी तरह संरक्षित प्रजातियाँ नहीं हो सकतीं। पहुँच का मौसम, उपलब्ध सेवाएँ और शुल्क क्षेत्र के अनुसार बदलते हैं; हर संरक्षित स्थल पर समान रूप से लागू होने वाला एक राष्ट्रीय सार्वजनिक शुल्क नहीं है, इसलिए मौजूदा लागत और शर्तें ANPN या संबंधित सेवा-प्रदाता से पुष्ट करें। शिक्षा और प्रशिक्षण में उद्यान योजनाओं तथा UNESCO परियोजनाओं से जुड़ी स्थानीय व्याख्या शामिल है। लोपे पर्यावरण संग्रहालय शिक्षा, संरक्षण और इतिहास को जोड़ता है और 13 उद्यानों के नेटवर्क में अभी अकेला है। ENEF वानिकी, मत्स्य पालन, जीव-जंतु, संरक्षित क्षेत्रों और पर्यावरण से जुड़ा औपचारिक प्रशिक्षण देता है। समुदाय की आजीविका, युवा और महिलाओं की पहलें भी इकोटूरिज्म और संरक्षण परियोजनाओं से जुड़ी हैं। मुख्य दबावों में अवैध शिकार और बुशमीट का व्यावसायिक व्यापार, वन्यजीवों की अवैध तस्करी, कटाई और सड़कें, कृषि और शहरी विस्तार, तेल तथा खनन के प्रभाव, प्रदूषण, रिसाव, गैस जलाना, ट्रॉलिंग, अत्यधिक मछली पकड़ना, मैंग्रोव का क्षरण, तटीय बदलाव और आक्रामक प्रजातियाँ शामिल हैं। जलवायु-संवेदनशील तटीय पारिस्थितिकी तंत्र अतिरिक्त दबाव झेलते हैं। मानव-हाथी संघर्ष एक मान्य समस्या है; गैबॉन की 2018 की राष्ट्रीय रणनीति और GPS कॉलर से जुड़ा काम इसे संबोधित करने के उपाय दर्ज करते हैं। संरक्षण का टकराव दोहन, मत्स्य पालन, कृषि और बुनियादी ढाँचे के साथ-साथ प्रथागत पहुँच से भी हो सकता है। उद्यान कानून स्थानीय भूमि-उपयोग क्षेत्रों के प्रबंधन के लिए परामर्श और अनुबंध का प्रावधान करता है; प्रबंधन योजनाओं में प्रथागत अधिकार शामिल करने की अपेक्षा है। सह-प्रबंधन की संभावना पर काम में लोपे, इविंदो, लुआंगो और मायुम्बा शामिल रहे हैं; लोपे और इविंदो में नई स्थानीय परामर्श संरचनाओं की भी सूचना है।
गैबॉन में प्रकृति
गैबॉन की प्रकृति में वर्षावन, आर्द्रभूमि, मैंग्रोव, सवाना, नदियाँ, झीलें, तटीय जल और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र शामिल हैं। इन आवासों में वन हाथी, पश्चिमी तराई गोरिल्ला, चिंपैंजी, मैंड्रिल, तेंदुए, पैंगोलिन और दर्ज पक्षियों की 600 से अधिक प्रजातियों सहित असाधारण वन्यजीव पाए जाते हैं। राष्ट्रीय उद्यान, समुद्री उद्यान, जलीय आरक्षित क्षेत्र और अन्य संरक्षित क्षेत्र इन पर्यावरणों का संरक्षण करते हैं, साथ ही विनियमित अनुसंधान, शिक्षा, प्रथागत उपयोग और इकोटूरिज्म की अनुमति देते हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

