पर्यावरण दक्षिण सूडान में

दक्षिण सूडान में पर्यावरण में प्राकृतिक प्रणालियाँ और वे परिस्थितियाँ दोनों शामिल हैं जिनमें लोग रहते और काम करते हैं। नील बेसिन, सड आर्द्रभूमि, बाढ़भूमियाँ, सवाना, वनभूमि, जंगल, नदियाँ और वन्यजीवों के आवास पशुपालन, खेती, मछली पकड़ने और जंगली खाद्य पदार्थ जुटाने में सहायक हैं, जबकि पानी, स्वच्छता, सड़कें, जल-निकासी, वायु, हरित क्षेत्र, सुरक्षा और भूमि-उपयोग दैनिक जीवन को आकार देते हैं। बाढ़, सूखा, आग, असुरक्षा, विस्थापन, आवास-हानि, अवैध शिकार, प्रदूषण और तेज़ शहरी विस्तार इन परिस्थितियों को जल्दी बदल सकते हैं।

प्रकृति

दक्षिण सूडान की प्रकृति में नील बेसिन, मौसमी आर्द्रभूमियाँ और बाढ़-मैदान, सवाना और वनभूमि, उष्णकटिबंधीय वन, नदियाँ और वन्यजीव आवास शामिल हैं। सूड 5.7 मिलियन हेक्टेयर की रामसर आर्द्रभूमि है, जो नील नदी के जल-प्रवाह को नियंत्रित करती है और सैकड़ों पक्षी, पौधों तथा मछलियों की प्रजातियों को सहारा देती है। ये परिदृश्य पशुपालन, खेती, मछली पकड़ने और जंगली भोजन जुटाने का आधार हैं, लेकिन असुरक्षा, आवास-हानि, अवैध शिकार, प्रदूषण और जलवायु-संबंधी बाढ़, सूखे तथा आग के दबाव का सामना करते हैं।

आस-पास का क्षेत्र

दक्षिण सूडान का परिवेश पानी, स्वच्छता, सड़कों, जल निकासी, हवा, हरित क्षेत्र, सुरक्षा और भूमि उपयोग के निर्णयों तक पहुँच से तय होता है। सेवाओं और जिम्मेदारियों में मंत्रालय, राज्य और स्थानीय परिषदें, SSUWC, समुदाय, गैर-सरकारी संगठन और संयुक्त राष्ट्र एजेंसियाँ शामिल हैं। तेज़ शहरी विस्तार, बाढ़, सूखा, विस्थापन और संघर्ष पहुँच को जल्दी बदल सकते हैं, खासकर जुबा के आसपास और दूरस्थ काउंटियों में।

VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।