दक्षिण सूडान में निवेश नाज़ुक, तेल पर निर्भर और आयात-निर्भर अर्थव्यवस्था में होता है, जहाँ नकद और अनौपचारिक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा है। तेल सकल घरेलू उत्पाद का 80% से अधिक, निर्यात का लगभग 95% और सरकारी राजस्व का करीब 70% से 80% है। मुद्रास्फीति, मुद्रा का अवमूल्यन, कमी, सुरक्षा हालात और सूडान के निर्यात गलियारे पर निर्भरता संचालन से होने वाली आय और पूँजी बदलने या भेजने की क्षमता, दोनों को प्रभावित कर सकती है। स्थापित निवेश विकल्पों में बैंक ऑफ साउथ सूडान से लाइसेंस प्राप्त बैंकों में बचत और सावधि जमा, सरकारी ट्रेजरी बिल और बॉन्ड, निजी कंपनी का स्वामित्व, भूमि-आधारित परियोजनाएँ, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, कृषि-प्रसंस्करण, खनन, खदान, पेट्रोलियम, गैस, ऊर्जा, विनिर्माण, परिवहन, दूरसंचार, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, पर्यटन, होटल, वित्तीय संस्थान और सार्वजनिक-निजी भागीदारी शामिल हैं। सार्वजनिक-निजी भागीदारी में किसी परियोजना में सार्वजनिक और निजी पक्ष शामिल होते हैं; इसमें बुनियादी ढाँचा या सामाजिक बुनियादी ढाँचा हो सकता है। कृषि मंत्रालय ने कृषि-औद्योगिक परिसर, तेल मिलें, चीनी, चावल, तिलहन, कॉफी, चाय, बागवानी और कृषि-यांत्रिक केंद्र जैसी परियोजनाएँ सूचीबद्ध की हैं। 2023 की सूची में इन परियोजनाओं का आकार लगभग USD 18.124 million से USD 160 million था; वर्तमान उपलब्धता और शर्तों की पुष्टि जरूरी है। दक्षिण सूडान में सत्यापित स्थानीय प्रतिभूति एक्सचेंज या सूचीबद्ध शेयरों, एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट निवेश ट्रस्ट या स्थानीय पेंशन उत्पादों का स्थापित खुदरा बाज़ार नहीं है। मोबाइल मनी भुगतान और नकद पाने में मदद करती है, लेकिन प्रतिभूतियों की अभिरक्षा या निवेश उत्पाद नहीं है। बैंक ऑफ साउथ सूडान को सरकारी प्रतिभूतियाँ जारी और प्रशासित करने का अधिकार होने से ट्रेजरी बिल और बॉन्ड का कानूनी आधार है, लेकिन नीलामी कैलेंडर, निवेशक पात्रता, मूल्य निर्धारण और निपटान की जानकारी लगातार प्रकाशित नहीं होती। इसलिए कई मामलों में मानकीकृत द्वितीयक बाज़ार की जगह निजी शेयर हस्तांतरण और अनुबंध के तहत निवेश से निकलने की व्यवस्था होती है, जिससे तरलता और निवेश से बाहर निकलने का जोखिम काफी बढ़ता है। विदेशी निवेशक को आम तौर पर निवेश शुरू करने से पहले निवेश प्रमाणपत्र चाहिए। राष्ट्रीय निवेशक निवेश प्राधिकरण में पंजीकरण कराता है; निवेश लाभ पाने के लिए भी प्रमाणपत्र की जरूरत हो सकती है। निवेश मंत्रालय, न्याय और संवैधानिक कार्य मंत्रालय, बैंक ऑफ साउथ सूडान, दक्षिण सूडान राजस्व प्राधिकरण, क्षेत्रीय मंत्रालय, राज्य और काउंटी के भूमि अधिकारी तथा पारंपरिक प्राधिकारी अलग-अलग भूमिका निभा सकते हैं। कंपनी अधिनियम 2012 के तहत कंपनी गठन, कारोबार का सत्यापन, निदेशकों के कर पहचान नंबर, व्यवसाय का कर पहचान नंबर, क्षेत्रीय लाइसेंस, वास्तविक लाभार्थी और ग्राहक की जाँच, धन-शोधन-रोधी नियंत्रण, बीमा और कर पंजीकरण आवश्यक हो सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक कर प्रणाली का उपयोग करने वाले विदेशी व्यक्ति को आम तौर पर पासपोर्ट, विदेशी नागरिक पंजीकरण और कार्य परमिट चाहिए। निवेश प्रमाणपत्र क्षेत्रीय मंज़ूरियों की जगह नहीं लेता। परियोजना के लिए पर्यावरण और सामाजिक परमिट, कर अनापत्ति प्रमाणपत्र, भूमि दस्तावेज़, सामुदायिक परामर्श, रियायत या लाइसेंस तथा विवाद या मध्यस्थता खंड भी आवश्यक हो सकता है। तेल और खनन परियोजनाओं में लाइसेंस, रियायत, पर्यावरण प्रभाव आकलन, खुलासे, भुगतान रिकॉर्ड और वास्तविक स्वामित्व की खास सावधानी से जाँच करें। निवेश संवर्धन अधिनियम के प्राथमिकता क्षेत्रों में कृषि और मूल्य संवर्धन, बुनियादी ढाँचा, खनन, खदान, ऊर्जा, पेट्रोलियम, गैस, वानिकी, विनिर्माण, परिवहन, दूरसंचार, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, बैंकिंग, बीमा, संपत्ति प्रबंधन, औषधि, रसायन और पर्यटन शामिल हैं। प्राथमिकता क्षेत्र का दर्जा किसी खास परियोजना के अच्छा या कानूनी तौर पर उपलब्ध होने का प्रमाण नहीं है। विदेशी संस्थाएँ दक्षिण सूडान में फ्रीहोल्ड भूमि नहीं ले सकतीं। एक निश्चित अवधि के लिए पट्टाधिकार या अन्य सीमित अवधि का अधिकार उपलब्ध हो सकता है, लेकिन प्रथागत भूमि आवंटन, पंजीकरण और सामुदायिक प्रक्रियाओं में पारंपरिक प्राधिकारी के साथ राज्य या काउंटी अधिकारी शामिल हो सकते हैं। 250 फेद्दान से अधिक की व्यावसायिक कृषि, वानिकी, पशुपालन, मुर्गीपालन या खेती परियोजनाओं के लिए संबंधित मंज़ूरी चाहिए। निवेश अधिनियम के तहत विदेशी कृषि पट्टा अधिकतम 30 वर्ष चल सकता है और दोनों पक्षों की सहमति से नवीनीकृत हो सकता है; वृक्षारोपण वानिकी का पट्टा अधिकतम 60 वर्ष चल सकता है। खदान और खनन की अवधि खदान के जीवन या संबंधित रियायत अथवा लाइसेंस पर निर्भर है। एक-दूसरे पर चढ़ते दावे, अधूरे स्वामित्व दस्तावेज़ और प्रथागत अधिकारों के विवाद से भूमि-अधिकार का जोखिम ऊँचा रहता है। पंजीकृत निवेशकों को मूल स्थान के आधार पर भेदभाव से संरक्षण मिलता है और आम तौर पर उन्हें अन्य निवेशकों जैसी लाइसेंसिंग, रिकॉर्ड रखने, बीमा और कर संबंधी जिम्मेदारियाँ निभानी होती हैं; क्षेत्रीय कानून अलग नियम दे सकते हैं। अधिग्रहण या राष्ट्रीयकरण पर सार्वजनिक उद्देश्य, गैर-भेदभाव, विधि-समुचित प्रक्रिया और उचित तथा पर्याप्त मुआवज़े जैसी औपचारिक शर्तें लागू हैं। कर और वैधानिक शुल्क चुकाने के बाद पूँजी, ऋण भुगतान और बिक्री या परिसमापन की रकम को अधिकृत डीलर बैंक के माध्यम से स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय मुद्रा में भेजा जा सकता है। विदेशी मुद्रा की कमी होने पर औपचारिक हस्तांतरण अधिकार व्यावहारिक रूप से मुद्रा बदल पाने की गारंटी नहीं देते। विवाद दक्षिण सूडानी अदालतों या सहमत मध्यस्थता, जिसमें निवेश विवादों के निपटारे के अंतरराष्ट्रीय केंद्र की प्रक्रिया भी संभव है, तक जा सकते हैं। श्रम नियमों में समान वेतन और जहाँ लागू हो गैर-प्रबंधकीय पदों पर योग्य स्थानीय कामगारों को प्राथमिकता देना शामिल है। लागत में निवेश आवेदन, प्रमाणपत्र, कंपनी और व्यवसाय पंजीकरण, बैंक और विदेशी मुद्रा सेवाएँ, क्षेत्रीय लाइसेंस, भूमि, कानूनी समीक्षा, पर्यावरण आकलन, बीमा, कर, सुरक्षा और रसद शामिल हैं। वित्तीय वर्ष 2023/24 की शुल्क-सूची में विदेशी आवेदन शुल्क USD 100 और विदेशी प्रमाणपत्र शुल्क USD 2,000 था। राष्ट्रीय आवेदन और प्रमाणपत्र शुल्क क्रमशः SSP 15,000 और SSP 135,000 थे; हस्तांतरण, संशोधन और समीक्षा के अलग शुल्क थे। मौजूदा शुल्क-सूची और प्रक्रिया की अवधि की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए धन लगाने से पहले जिम्मेदार प्राधिकरण से पूछें। सही आकलन में अपेक्षित आय, पूँजी वृद्धि, निवेश अवधि, तरलता, मुद्रा जोखिम, वित्तपोषण, संचालन लागत और बाहर निकलने के उपलब्ध रास्ते की तुलना करें। उथले वित्तीय बाज़ार, सीमित शेयर और बॉन्ड बाज़ार ढाँचे तथा तेल और सूडान के निर्यात गलियारों पर निर्भरता के कारण प्रतिभूतियों के माध्यम से स्थानीय विविधीकरण सीमित है। प्रत्यक्ष कारोबार, परियोजना और वास्तविक परिसंपत्ति निवेश अधिक आर्थिक अवसर दे सकते हैं, लेकिन इनके लिए अधिक गहरी कानूनी, भूमि, संचालन और सुरक्षा जाँच जरूरी है। नकद, मवेशी या सामुदायिक अनौपचारिक व्यवस्था स्थानीय स्तर पर उपयोगी हो सकती है, पर आम तौर पर इनमें मानकीकृत अभिरक्षा, दस्तावेजीकृत स्वामित्व और अनुमानित निकास सुरक्षा नहीं होती। प्रमुख जोखिमों में सशस्त्र संघर्ष, उपराष्ट्रीय हिंसा, अपहरण, सूडान संघर्ष से व्यवधान, पाइपलाइन या निर्यात रुकना, विनिमय दर का अवमूल्यन, समानांतर बाज़ार का प्रीमियम, मुद्रास्फीति, बैंक की तरलता की कमी, नकद निकासी सीमा, भ्रष्टाचार, अपारदर्शी खरीद, अनौपचारिक वसूली और चौकियाँ शामिल हैं। कमजोर बुनियादी ढाँचा, सीमित बिजली, बाढ़, आयात पर निर्भरता, अदालत के फैसलों को लागू करने में कठिनाई, भूमि विवाद, प्रतिबंधों का जोखिम, धन-शोधन संबंधी चिंताएँ, प्रतिष्ठा जोखिम और संप्रभु या निपटान जोखिम से नुकसान की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए बैंक जमा, सरकारी प्रतिभूति, निजी कंपनी, भूमि पट्टा और अनौपचारिक व्यवस्था को एक-दूसरे के समान निवेश न मानें।
दक्षिण सूडान में निवेश
दक्षिण सूडान में निवेश का अर्थ आय, वृद्धि, मूल्य-संरक्षण या दीर्घकालिक स्वामित्व पाने के लिए पूँजी लगाना है। प्रमुख अवसर प्रत्यक्ष व्यवसाय और परियोजना निवेश, कृषि, बुनियादी ढाँचे, प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा और निजी कंपनियों में हैं; स्थानीय प्रतिभूति कारोबार सीमित है। बैंक जमा और सरकारी प्रतिभूतियाँ अधिक तरल विकल्प देती हैं, लेकिन पहुँच, मूल्य निर्धारण और निपटान पूरी तरह पारदर्शी नहीं हैं। मुद्रास्फीति, विनिमय दर में बदलाव, सुरक्षा हालात, कमजोर बुनियादी ढाँचा और निवेश से निकलने की कठिनाई नतीजे को काफी प्रभावित कर सकते हैं।
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