नीदरलैंड में दीवानी कानून को आम तौर पर burgerlijk recht या privaatrecht कहा जाता है। यह निजी संबंधों को नियंत्रित करता है, राज्य द्वारा अभियोजित अपराधों को नहीं; हालाँकि, एक घटना के कभी-कभी दीवानी और आपराधिक दोनों परिणाम हो सकते हैं। Burgerlijk Wetboek, जिसे अक्सर BW कहा जाता है, डच दीवानी कानून के नियमों का मुख्य संग्रह है। यह अनुबंधों, सामान्य कानूनी सिद्धांतों, अदालत के फैसलों और आवास, कंपनियों, परिवार तथा उपभोक्ता मामलों जैसे क्षेत्रों के विशेष कानूनों के साथ काम करता है। जब पक्ष किसी वस्तु-विनिमय, सेवा, भुगतान, डिलीवरी या अन्य वादे पर सहमत होते हैं, तो अनुबंध जिम्मेदारियाँ पैदा करते हैं। अनुबंध लिखित या मौखिक हो सकता है, या पक्षों के आचरण से बन सकता है; फिर भी, महत्वपूर्ण समझौतों की शर्तें और बदलाव लिखित रूप में रखना अधिक सुरक्षित है। यदि कोई पक्ष अपना दायित्व पूरा नहीं करता, तो स्थिति के अनुसार दूसरा पक्ष दायित्व पूरा करवाने, मरम्मत, भुगतान, अनुबंध समाप्त करने या मुआवज़ा पाने की माँग कर सकता है। सही उपाय देरी, सूचना, गलती, नुकसान और अनुबंध की शर्तों पर निर्भर हो सकता है। दीवानी देयता तब उत्पन्न हो सकती है जब कोई व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से नुकसान पहुँचाए, दायित्व का उल्लंघन करे या उचित सावधानी न बरते। आम प्रमाणों में अनुबंध, चालान, तस्वीरें, विशेषज्ञ राय, संदेश, चिकित्सा रिकॉर्ड और गवाहों के बयान शामिल हैं। संपत्ति और आवास के नियम स्वामित्व, कब्ज़े, उपयोग, किराये और सुरक्षा अधिकारों में फर्क करते हैं। किसी संपत्ति का उपयोग करने वाला व्यक्ति अपने आप उसका मालिक नहीं होता; मकान-मालिक, किरायेदार, खरीदार और पड़ोसी के अधिकार तथा दायित्व अलग-अलग हो सकते हैं। पारिवारिक और विरासत के मामलों की अपनी प्रक्रियाएँ और अवधारणाएँ होती हैं। विवाह, साझेदारी, माता-पिता की जिम्मेदारी, अलगाव, भरण-पोषण, वसीयत और संपत्ति-विरासत में अदालत, नोटरी या कई संस्थाएँ शामिल हो सकती हैं। दीवानी विवादों का समाधान सीधे बातचीत या मध्यस्थता से हो सकता है। मध्यस्थता में एक मार्गदर्शक प्रक्रिया के माध्यम से पक्ष अपना समझौता करने की कोशिश करते हैं; अदालत प्रस्तुत मामले के भीतर बाध्यकारी फैसला देती है। कुछ दीवानी मामलों की सुनवाई kantonrechter करता है, जबकि अन्य मामलों के लिए दूसरी दीवानी अदालत होती है। औपचारिक दावा dagvaarding के माध्यम से हो सकता है, जबकि कुछ आवेदनों में लिखित अनुरोध प्रक्रिया अपनाई जाती है। वकील का प्रतिनिधित्व जरूरी है या नहीं, यह मामले के प्रकार पर निर्भर करता है। पहला कदम पक्षों, वादे या दायित्व, उल्लंघन या नुकसान, प्रमाण और माँगे गए परिणाम की पहचान करना है। समय रहते लिखित कार्रवाई और योग्य सलाह छोटे मतभेद को बड़ा और महँगा विवाद बनने से रोक सकती है।
नीदरलैंड में दीवानी कानून
नीदरलैंड में दीवानी कानून लोगों, कंपनियों और अन्य निजी पक्षों के बीच विवादों और संबंधों को नियंत्रित करता है। इसमें अनुबंध, धन, संपत्ति, पारिवारिक मामले, देयता, आवास और विरासत शामिल हैं। इस व्यवस्था में Burgerlijk Wetboek, लिखित समझौते, प्रमाण, बातचीत, मध्यस्थता और दीवानी अदालतें शामिल हैं।
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