पाकिस्तान में आपराधिक कानून उन कृत्यों से संबंधित है जिन्हें राज्य अपराध मानता है और उसके बाद मिलने वाली सज़ा या अन्य कानूनी कार्रवाई से भी। मुख्य नियम आपराधिक कानूनों और प्रक्रिया, संवैधानिक संरक्षणों तथा साक्ष्य के नियमों से आते हैं। आपराधिक मामला अक्सर पुलिस को दी गई जानकारी से शुरू होता है। संज्ञेय अपराध के लिए पुलिस प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर सकती है, जिसे आम तौर पर FIR कहा जाता है, और जाँच शुरू कर सकती है। FIR महत्वपूर्ण रिकॉर्ड है, लेकिन यह अपने आप में इस बात का प्रमाण नहीं कि अभियुक्त ने अपराध किया है। जाँच के दौरान पुलिस लोगों से पूछताछ कर सकती है, वस्तुएँ और रिकॉर्ड इकट्ठा कर सकती है, किसी स्थान का निरीक्षण कर सकती है, चिकित्सकीय साक्ष्य माँग सकती है और जहाँ कानून अनुमति देता है वहाँ संदिग्ध को गिरफ़्तार कर सकती है। व्यक्ति को ऐसे बयान या दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करने में सावधानी रखनी चाहिए जिन्हें वह समझता न हो। जाँच के बाद पुलिस रिपोर्ट जमा कर सकती है और अभियोजन पक्ष उचित न्यायालय में मामला पेश कर सकता है। मजिस्ट्रेट और सत्र न्यायालयों की शक्तियाँ अलग होती हैं, और कुछ मामले अपील या अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से उच्च न्यायालयों तक जा सकते हैं। ज़मानत एक प्रक्रिया है जिसके ज़रिए तय होता है कि गिरफ़्तार या अभियुक्त व्यक्ति मामला जारी रहने के दौरान बाहर रह सकता है या नहीं। यह दोषमुक्ति के समान नहीं है और इस पर शर्तें लागू हो सकती हैं। अभियुक्त को निष्पक्ष प्रक्रिया का अधिकार है। वह आरोप को चुनौती दे सकता है, कानूनी प्रतिनिधित्व माँग सकता है, उचित प्रक्रिया के ज़रिए साक्ष्य पर सवाल उठा सकता है और जहाँ कानून अनुमति देता है वहाँ निर्णय के खिलाफ़ अपील कर सकता है। पीड़ित या गवाह के भी अधिकार और दायित्व हो सकते हैं, लेकिन उन्हें औपचारिक प्रक्रिया के ज़रिए काम करना होता है। आपराधिक मामलों में पुलिस, अभियोजक, न्यायालय, फोरेंसिक सेवाएँ, चिकित्सा अधिकारी, जेलें और परिवार शामिल हो सकते हैं। देरी, भाषा की समस्याएँ, दस्तावेज़ों की कमी और बदले की आशंका व्यावहारिक रूप से प्रक्रिया तक पहुँच कठिन बना सकती हैं। गिरफ़्तारी, FIR, पूछताछ या आपराधिक समन का सामना कर रहे व्यक्ति को जल्द किसी योग्य आपराधिक वकील से संपर्क करना चाहिए। शुरुआती व्यावहारिक कदम हैं दस्तावेज़ सुरक्षित रखना, ऐसे संपर्क से बचना जिसे गलत समझा जा सकता हो, तारीखें और मामला संख्या दर्ज करना तथा न्यायालय की हर वैध शर्त का पालन करना।
पाकिस्तान में आपराधिक कानून
पाकिस्तान में आपराधिक कानून बताता है कि किन आचरणों को अपराध माना जाता है और राज्य उनकी जाँच तथा अभियोजन कैसे करता है। पाकिस्तान में पुलिस जाँच, प्रथम सूचना रिपोर्ट, अभियोजक, मजिस्ट्रेट, सत्र न्यायालय और उच्च न्यायालयों की प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया में संदिग्धों, अभियुक्तों, पीड़ितों, गवाहों और परिवारों के अधिकार और दायित्व शामिल हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

