बुरुंडी का संविधान विवाह और परिवार की रक्षा करता है और दोनों जीवनसाथियों की स्वतंत्र तथा पूर्ण सहमति आवश्यक ठहराता है। 1993 की परिवार संहिता अब भी एक प्रमुख संदर्भ है। नागरिक विवाह के लिए आम तौर पर पुरुषों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं की 18 वर्ष है; गंभीर कारणों से गवर्नर आयु में छूट दे सकता है। नाबालिगों को माता-पिता या पारिवारिक परिषद की सहमति चाहिए। विवाह की मंशा की सूचना कम से कम 15 दिनों के लिए प्रकाशित करनी होती है। दहेज विवाह की वैधता तय नहीं करता। पहले का विवाह समाप्त या अमान्य घोषित होना चाहिए। संविधान समलैंगिक विवाह को मान्यता नहीं देता। पारंपरिक या धार्मिक विवाह हो सकते हैं, लेकिन उनका कानूनी प्रभाव और साक्ष्य का मूल्य विशिष्ट मामले पर निर्भर करता है। कम्यून का नागरिक पंजीकरण कार्यालय (état civil) जन्म और मृत्यु दर्ज करता है। जन्म की सूचना माँ के निवास वाले कम्यून को 15 दिनों के भीतर देनी चाहिए। पहले पिता सूचना देता है; वैकल्पिक रूप से माँ या जन्म के समय मौजूद व्यक्ति यह कर सकता है। पंजीकरण निःशुल्क है, लेकिन प्रमाणपत्र के लिए शुल्क लग सकता है और देर से सूचना देने पर जुर्माना हो सकता है। वैधानिक अवधि समाप्त होने के बाद प्रांतीय गवर्नर देर से जन्म सूचना देने की अनुमति देता है। जन्म प्रमाणपत्र पहचान दस्तावेज़, स्कूल, विरासत और सामाजिक सहायता तक पहुँच आसान करता है। 2024 से नागरिक पंजीकरण कार्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों के बीच शुरू किया गया संबंध समय पर सूचना देना आसान बनाने के लिए है, लेकिन स्थानीय पुष्टि के बिना यह हर जगह समान रूप से उपलब्ध नहीं है। मृत्यु की सूचना भी 15 दिनों के भीतर देनी चाहिए; पंजीकरण निःशुल्क है, जबकि प्रमाणपत्र के लिए भुगतान करना पड़ सकता है। माता-पिता अपने साझा बच्चों के भरण-पोषण, पालन-पोषण और शिक्षा की संयुक्त ज़िम्मेदारी लेते हैं। माता-पिता की ज़िम्मेदारी, फ़्रेंच में parental authority (autorité parentale), आम तौर पर पिता और माता दोनों की होती है और बच्चे के वयस्क होने या स्वतंत्र घोषित किए जाने तक रहती है। पितृत्व स्थापित न होने पर माँ यह ज़िम्मेदारी निभाती है। देखभाल और पालन-पोषण माता-पिता की क्षमता के आधार पर होता है। दुर्व्यवहार, गंभीर कदाचार या पूरी तरह अक्षम होने के मामलों में अदालत माता-पिता की ज़िम्मेदारी वापस ले सकती है। अभिभावकता (tutelle) अन्य स्थितियों के साथ तब लागू हो सकती है जब अकेला या जीवित माता-पिता मर गया हो, लापता या अनुपस्थित हो अथवा माता-पिता की ज़िम्मेदारी से वंचित हो। वसीयत, पारिवारिक परिषद या अदालत अभिभावक नियुक्त कर सकती है; निर्णय बच्चे के सर्वोत्तम हित में होना चाहिए। जीवनसाथियों, माता-पिता और बच्चों तथा ऊपर और नीचे की पीढ़ियों के अन्य रिश्तेदारों के बीच भरण-पोषण देय हो सकता है। यह धन या वस्तु के रूप में दिया जा सकता है। राशि सहायता पाने वाले व्यक्ति की ज़रूरतों और सहायता देने वाले की उपलब्ध क्षमता पर निर्भर करती है तथा परिस्थितियाँ बदलने पर बदल सकती है। स्थानीय प्रथम दृष्टया अदालत (Tribunal de résidence) भरण-पोषण के मामले संभालती है। दस्तावेज़ न होना, दूरी, लागत या भुगतान न कर पाने से पहुँच और वसूली कठिन हो सकती है। अलगाव या तलाक के मामलों में परिवार संहिता पहले जीवनसाथियों और उनकी पारिवारिक परिषदों की भागीदारी से सुलह का प्रावधान करती है। कार्यवाही आम तौर पर जीवनसाथियों के वैवाहिक निवास की अदालत में होती है। अदालत अस्थायी रूप से साथ रहने पर रोक लगा सकती है, घरेलू संपत्तियों को सुरक्षित कर सकती है और भरण-पोषण का आदेश दे सकती है। बच्चे के हित के अनुसार वे पिता, माता या किसी तीसरे व्यक्ति के साथ रह सकते हैं। आम तौर पर दोनों माता-पिता की निगरानी संबंधी ज़िम्मेदारियाँ बनी रहती हैं और उन्हें अपनी क्षमता के अनुसार योगदान देना होता है; जिसके पास बच्चे की अभिरक्षा नहीं है उसे मुलाक़ात का अधिकार मिल सकता है। तलाक बच्चों के भरण-पोषण और अन्य लाभों के अधिकार समाप्त नहीं करता। घरेलू हिंसा, उपेक्षा, शोषण, यौन हिंसा, जबरन और कम उम्र में विवाह, मानव तस्करी तथा बच्चे को छोड़ देना सुरक्षा और उपयुक्त सेवाओं तक भेजे जाने की माँग करते हैं। संपर्क बिंदुओं में स्वास्थ्य केंद्र, पुलिस, न्याय व्यवस्था, सामाजिक सेवाएँ, बाल संरक्षण समितियाँ और मामला सहायता देने वाले संगठन शामिल हो सकते हैं। बाल संरक्षण समितियाँ अक्सर कम्यून या समुदाय स्तर पर काम करती हैं और मामलों की पहचान तथा संदर्भण कर सकती हैं और मनोसामाजिक सहायता की व्यवस्था कर सकती हैं; उनकी क्षमता स्थानीय स्तर पर अलग-अलग है। सुरक्षित पारिवारिक देखभाल न पाने वाले बच्चों के लिए परिवार का पता लगाना, पुनर्मिलन और रिश्तेदारों के सुरक्षित संरक्षण को आम तौर पर प्राथमिकता मिलती है। अभिभावकता, अस्थायी या वैकल्पिक देखभाल और दत्तक ग्रहण के कानूनी प्रभाव अलग हैं और उन्हें समान नहीं मानना चाहिए। दत्तक लेने वाले व्यक्ति की उम्र आम तौर पर कम से कम 30 वर्ष होनी चाहिए और सामान्यतः उम्र का अंतर कम से कम 15 वर्ष होना चाहिए। सक्षम अदालत, आवश्यक सहमतियाँ, पारिवारिक परिषद की राय और बच्चे के विचार पर ध्यान देना मामले के अनुसार तय होता है। दत्तक ग्रहण का फैसला आने के बाद उसे नागरिक रजिस्टर में दर्ज करना आवश्यक है। देश के भीतर और अंतरराष्ट्रीय दत्तक ग्रहण में अलग प्राधिकरण और प्रक्रियाएँ शामिल हो सकती हैं। बुरुंडी में एक अकेली सार्वभौमिक पारिवारिक सेवा नहीं है जो सीधे केंद्रीय संपर्क बिंदु के रूप में काम करे। व्यवहार में कम्यून नागरिक पंजीकरण, अदालतें, पारिवारिक परिषदें, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएँ, बाल संरक्षण ढाँचे, रिश्तेदारी सहायता और लक्षित सामाजिक संरक्षण कार्यक्रम मिलकर काम करते हैं। सामाजिक संरक्षण कार्यक्रम Merankabandi (Merankabandi) देश भर में चुने हुए गरीब या विशेष रूप से असुरक्षित परिवारों को सहायता देता है, जिनमें महिलाओं, बच्चों, शरणार्थियों या लौटने वालों वाले परिवार शामिल हैं; यह सामान्य पारिवारिक या बाल भत्ता नहीं है। जन्म प्रमाणपत्र या पहचान दस्तावेज़ न होना, लंबी दूरी, शुल्क, देर से सूचना के जुर्माने, कागज़ी रजिस्टर, सीमित डिजिटलीकरण, बाढ़, असुरक्षा, सामाजिक कलंक और सामाजिक सेवाओं की सीमित क्षमता पहुँच में बड़ी बाधा बन सकती है।
बुरुंडी में परिवार
बुरुंडी में पारिवारिक संबंधों में विवाह, साथ रहना, माता-पिता होना, भरण-पोषण, देखभाल और आश्रित रिश्तेदारों की सहायता शामिल है। राज्य प्राधिकरण, अदालतें, पारिवारिक परिषदें तथा स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएँ इन ज़िम्मेदारियों में भाग लेते हैं, जबकि रोज़मर्रा के जीवन में रिश्तेदारी नेटवर्क अक्सर मुख्य सहारा देते हैं। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र, माता-पिता की ज़िम्मेदारी तथा बाल संरक्षण आगे के कई व्यावहारिक निर्णयों को प्रभावित करते हैं।
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