आज बेनिन कहलाने वाला देश कई क्षेत्रीय समाजों से बना, किसी एक निरंतर राजनीतिक इकाई से नहीं। पुरातात्विक साक्ष्य पाषाण युग की गतिविधि, लौह-कर्म, बस्ती के टीले, दफ़न और शहरीकरण दर्ज करते हैं, विशेषकर दक्षिणी, उत्तर-पश्चिमी और उत्तरी इलाकों में। कुछ शुरुआती विकासों की तारीख, क्षेत्रीय विस्तार और अर्थ पर चर्चा जारी है; ऐसा कोई प्रमाण नहीं कि किसी एक आरंभिक राज्य ने पूरे भूभाग पर नियंत्रण किया हो। पूर्व-औपनिवेशिक इतिहास में अल्लादा, अबोमे के आसपास दानहोमे या दान्सोमे, पोर्तो-नोवो के आसपास खोग्बोनू या होग्बोनू, निक्की, क्वांदे और कांदी के क्षेत्रीय राज्य तथा नगर-राज्य शामिल हैं। आजा-फ़ोन प्रवास परंपराएँ, स्थानीय समुदाय और व्यापक व्यापार नेटवर्क इन इतिहासों को जोड़ते हैं; वहीं उत्तरी और दक्षिणी बेनिन के राजनीतिक तथा आर्थिक विकास के रास्ते अलग रहे। लगभग सत्रहवीं से उन्नीसवीं शताब्दी तक दानहोमे एक बड़ी शक्ति बना, जिसका राजनीतिक केंद्र अबोमे था। उसके शासकों ने क्षेत्र फैलाया, कर की माँग की और सैन्य व्यवस्थाएँ बनाए रखीं, जिनमें Mino या Ahosi दल शामिल थे। अटलांटिक व्यापार ने ओइदाह, अबोमे, पोर्तो-नोवो और आसपास के क्षेत्रों पर गहरा प्रभाव डाला। अगाजा ने 1718 और 1740 के बीच ओइदाह पर विजय प्राप्त की; उसके बाद तट पर पुर्तगाली, ब्रिटिश, डेनिश और फ़्रांसीसी व्यापारिक ठिकाने काम करते थे। सत्रहवीं से उन्नीसवीं शताब्दी तक गुलाम बनाए गए लोगों में युद्ध के बंदी और क्षेत्रीय संघर्षों में पकड़े गए लोग शामिल थे। एक विद्वत अनुमान के अनुसार 1710 से 1810 के बीच आज के बेनिन क्षेत्र से दस लाख से अधिक लोगों को निर्वासित किया गया, लेकिन यह सटीक कुल संख्या नहीं, एक अनुमान है। 1807 में ब्रिटिश दास व्यापार समाप्त होने के बाद ताड़ के तेल का व्यापार अधिक महत्त्वपूर्ण हुआ। फ़्रांसीसी नियंत्रण 1863 में पोर्तो-नोवो पर स्थापित संरक्षित शासन और 1882 में उसके नवीनीकरण से विकसित हुआ। 1892 से 1894 के फ़्रांसीसी-दानहोमे युद्धों का अंत बेहानज़िन के निर्वासन और अबोमे पर कब्ज़े से हुआ। 1894 में फ़्रांस ने दाहोमे और आश्रित क्षेत्रों का उपनिवेश बनाया; यह भूभाग 1904 में फ़्रांसीसी पश्चिम अफ़्रीका का हिस्सा, 1946 में विदेशी क्षेत्र और 1958 में फ़्रांसीसी समुदाय का सदस्य बना। 4 दिसंबर 1958 को गणराज्य घोषित हुआ, फिर 1 अगस्त 1960 को République du Dahomey के रूप में स्वतंत्रता मिली। स्वतंत्रता के बाद के पहले दौर में क्षेत्रीय और दलगत प्रतिस्पर्धा, अस्थिरता और कई तख्तापलट हुए। 28 अक्टूबर 1963 के तख्तापलट में हुबर्ट मागा हटाए गए और 26 अक्टूबर 1972 को मथियू केरेको सत्ता में आए। 1975 में देश का नाम République populaire du Bénin हुआ और मार्क्सवादी-लेनिनवादी एक-दलीय रास्ता अपनाया गया। आर्थिक संकट और राज्य की वैधता के संकट ने 6 दिसंबर 1989 को समाजवाद छोड़ने में योगदान दिया। Conférence nationale des forces vives 19 से 28 फ़रवरी 1990 तक हुई; संविधान 11 दिसंबर 1990 को अपनाया गया और 1991 के चुनावों से लोकतांत्रिक नवीकरण शुरू हुआ। तब से चुनावों के माध्यम से सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण एक केंद्रीय आधिकारिक व्याख्या रहा है, हालाँकि राजनीतिक विकास की गुणवत्ता और स्थिरता का अलग ऐतिहासिक मूल्यांकन ज़रूरी है। बेनिन की ऐतिहासिक स्मृति में शाही विरासत, औपनिवेशिक विजय, प्रतिरोध, दासता, प्रवासी समुदायों के अनुभव, स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक संक्रमण शामिल हैं। अबोमे के शाही महल 1985 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल बने; यह स्थल 47.6 हेक्टेयर में फैला है और इसमें घेज़ो तथा ग्लेले के महलों का संग्रहालय शामिल है। ओइदाह का Door of No Return प्रवासी समुदायों, पीड़ितों और दास बनाने में शामिल क्षेत्रीय पक्षों से जुड़े अर्थ रखता है। औपनिवेशिक हिंसा, लूटी गई वस्तुओं, उत्पत्ति और वापसी पर बहस जारी है: फ़्रांस ने 2021 में अबोमे की 26 वस्तुएँ लौटाईं और 2026 में सरकार ने 35 और सांस्कृतिक वस्तुओं तथा अभिलेखों पर बातचीत की सूचना दी। ये वस्तुएँ ऐतिहासिक स्मृति के लिए भी प्रासंगिक हैं, भले ही उनका कलात्मक वर्गीकरण किसी अन्य विषय में आता हो। बेनिन में शोध के लिए Archives nationales du Bénin, Bibliothèque Nationale du Bénin, Musée historique d'Abomey, सांस्कृतिक विरासत प्राधिकरण, नगरपालिकाएँ, समुदाय, पुरातात्विक कार्य और मौखिक इतिहास परियोजनाएँ उपयोगी हो सकती हैं। कोई एक संस्था देश का पूरा इतिहास उपलब्ध नहीं कराती। अभिलेखागार तक पहुँच संरक्षण की स्थिति, प्रतिबंधित संग्रह और बौद्धिक-संपदा नियमों पर निर्भर है; सामुदायिक ज्ञान में ऐसी सामग्री हो सकती है जिसे खुले तौर पर साझा नहीं किया जा सकता। राष्ट्रीय अभिलेखागार का वाचन-कक्ष सोमवार से शुक्रवार 08:00 से 13:00 और 14:00 से 17:00 तक खुला बताया गया है; शुल्क, संग्रहालय कीमतें और स्थल के समय स्थानीय स्तर पर जाँचें। यात्रा, प्रतिलिपि, अनुवाद और शोध लागत बदलती रहती है।
बेनिन का इतिहास
बेनिन का इतिहास पाषाण युग से वर्तमान तक के प्रमाण-आधारित विकासक्रम को दर्ज करता है। इसमें क्षेत्रीय बस्तियाँ और राज्य, दानहोमे, अटलांटिक दास व्यापार, फ़्रांसीसी औपनिवेशिक शासन, स्वतंत्रता, मार्क्सवादी-लेनिनवादी दौर और 1990 के दशक का लोकतांत्रिक संक्रमण शामिल हैं। स्रोतों में पुरातत्व, मौखिक इतिहास, शाही वृत्तांत, औपनिवेशिक और गणतांत्रिक अभिलेख, संग्रहालय तथा ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं, लेकिन क्षेत्रीय कवरेज और व्याख्याएँ असमान बनी हुई हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

