बोत्सवाना में विरासत में मिली परंपराएँ मुख्यतः परिवारों, समुदायों और पारंपरिक नेतृत्व के माध्यम से आगे बढ़ती हैं। Batswana बोत्सवाना के लोगों को कहते हैं, जबकि साझा भाषा और सांस्कृतिक संदर्भ (Setswana) सांस्कृतिक हस्तांतरण को आकार देता है; morafe का अर्थ समुदाय है, जबकि Bogosi पारंपरिक नेतृत्व को और पारंपरिक नेता (kgosi) या dikgosi उसके प्रमुखों को कहते हैं। kgotla सामुदायिक बैठक और परामर्श का स्थान है। नागरिक परामर्श या निर्णय के लिए Kgotla बैठक का अनुरोध कर सकते हैं, लेकिन किसी विशिष्ट बैठक में भाग लेना kgosi की अनुमति और स्थानीय नियमों पर निर्भर करता है। पारिवारिक जीवन में विवाह से पहले की पारंपरिक बातचीत (patlo) या go batla mosadi विवाह की तैयारी का हिस्सा है। विस्तारित परिवार और समुदाय विवाह-संबंध पर चर्चा करते हैं; परिवारों के बीच तय पारंपरिक विवाह-भुगतान (bogadi) या lobola आम तौर पर मवेशियों में तय होता है और कभी-कभी इसमें धन या उपहार भी शामिल होते हैं। विवाह समारोह दोनों परिवारों के घरों पर हो सकते हैं और उनमें गीत, नृत्य, उल्लास-ध्वनि तथा सामूहिक भोजन शामिल हो सकते हैं। पारंपरिक विवाह और नागरिक विवाह अलग मार्ग हैं। नागरिक विवाह जिला आयुक्त के माध्यम से होता है; राज्य की विवाह अधिनियम सेवा में 21 दिन की सूचना-अवधि वाली पंजीकरण प्रक्रिया बताई गई है। बक्गाटला बा क्गाफेला के बीच बोयाले, समुदाय के अनुसार अलग-अलग रूपों में बोगवेरा और दीक्षा, विवाह या राज्याभिषेक जैसे जीवन के पड़ावों पर सेपेरु अन्य विरासत में मिली प्रथाओं में शामिल हैं। दीक्षा से जुड़ा ज्ञान सामान्यतः सबके लिए उपलब्ध नहीं होता और उसे बिना सोचे-समझे साझा नहीं करना चाहिए। संगीत और नृत्य क्षेत्र तथा समुदाय के अनुसार काफी अलग होते हैं। क्गात्लेंग में बक्गाटला बा क्गाफेला का डिकोपेलो बिना वाद्ययंत्रों के स्वर-आधारित सामूहिक गायन और नृत्य को जोड़ता है; समूहों को बुज़ुर्ग सदस्य अनौपचारिक रूप से सलाह देते हैं और ज्ञान आगे बढ़ाते हैं। चोबे क्षेत्र में वीखुहाने या बासुबिया का क्षेत्रीय नृत्य (Seperu) महिलाओं के अर्धवृत्त या घोड़े की नाल जैसी संरचना वाले नृत्य को मुख्य पुरुष नर्तक, पंखों और कई तहों वाले मुशिशी परिधान के साथ जोड़ता है। UNESCO के एक अभिलेख में 194 सक्रिय कलाकार और 12 गुरु कलाकार दर्ज हैं, जिनमें अधिकांश 70 वर्ष से अधिक आयु के हैं। अन्य दर्ज रूपों में फाथिसी, बोरांकाना, सेतापा, त्सुत्सुबे, होसाना, डिवारे, सेबिरवा, दिक्वाएरे, सेतिंकाने, सेगाबा और कतारा शामिल हैं। पलायन, कृषि में गिरावट और लोकप्रिय संगीत परंपरा को आगे बढ़ाना कठिन बनाते हैं। उत्तर-पूर्व और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के कुछ हिस्सों तथा ज़िम्बाब्वे से लगी कुछ सीमावर्ती बस्तियों में बाकालांगा का वर्षा अनुष्ठान (Wosana) किया जाता है। इसमें प्रार्थना, उत्सव, गायन, नृत्य और पारंपरिक नेतृत्व शामिल होते हैं; ईसाईकरण और भागीदारी में गिरावट से इस प्रथा को ख़तरा है। Wosana के अभ्यासी गोपनीयता बनाए रखने के लिए बाध्य हैं। UNESCO ने 2024 से Wosana को तत्काल सुरक्षा की ज़रूरत वाली अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की सूची में रखा है। सामान्य रूप से धार्मिक शिक्षाएँ इस विषय के दायरे से बाहर हैं। कपड़े और हस्तशिल्प भी क्षेत्र तथा जातीयता से प्रभावित होते हैं। विवाह-पूर्व patlo संदर्भ में लेटीसे और शोवेल दर्ज हैं, जबकि मुशिशी सेपेरु परिधान का कार्यात्मक हिस्सा है। कोई एक राष्ट्रीय पारंपरिक पोशाक नहीं है। क्गात्लेंग में बक्गाटला बा क्गाफेला के मिट्टी के बर्तन मुख्यतः महिलाओं द्वारा मिट्टी, पत्थर, लौह ऑक्साइड, मवेशियों के गोबर, पानी और लकड़ी से बनाए जाते हैं और गड्ढों में पकाए जाते हैं। बर्तनों का उपयोग पानी रखने, ज्वार को किण्वित करने, बीयर बनाने और कुछ पूर्वज-संबंधी तथा उपचार अनुष्ठानों में किया जाता है। ज्ञान अक्सर माँ से बेटी और फिर नातिन तक पहुँचता है; कुछ ही बचे गुरु कुम्हार, कम कीमतें, औद्योगिक रूप से बने बर्तन और कच्चे माल वाली जगहों पर निर्माण इस प्रथा के लिए खतरा हैं। नगामिलैंड और ओकावांगो की टोकरियाँ मोकोल्वाने ताड़ से बुनी जाती हैं और उनमें लेमाओ तथा प्रकृति या पशुओं से जुड़े नमूने होते हैं। BotswanaCraft और Botswana National Museum की प्रदर्शनियाँ पहचान और बिक्री, निर्यात सहित, को समर्थन देती हैं। Oodi Weavers कराकुल ऊन का उपयोग करते हैं; अन्य शिल्पों में लकड़ी की नक्काशी, मनके का काम, चमड़ा, वस्त्र, आभूषण और सान-संबंधी कला शामिल हैं। बायई का पारंपरिक खोखला जलयान (mokoro) अब पेड़ों की रक्षा के लिए आंशिक रूप से फ़ाइबरग्लास से भी बनाया जाता है। क्षेत्रीय वर्गीकरण दिशा समझने में मदद करता है: क्गात्लेंग डिकोपेलो, मिट्टी के बर्तनों और मोरोपा वा बोयाले से विशेष रूप से जुड़ा है; चोबे सेपेरु से; उत्तर-पूर्व और सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट वोसाना से; नगामिलैंड और ओकावांगो टोकरियों और मोकोरो से; और घान्ज़ी सान-संबंधी शिल्प से जुड़ा है। 30 सितंबर का बोत्सवाना दिवस, विरासत माह, स्थानीय सांस्कृतिक उत्सव और राष्ट्रपति दिवस प्रतियोगिताएँ सार्वजनिक अवसर देते हैं, लेकिन ये किसी एक देशव्यापी पारंपरिक कैलेंडर का स्थान नहीं लेते। राष्ट्रपति दिवस प्रतियोगिताओं के शोधित नियमों के अनुसार पंजीकरण 1 से 28 फ़रवरी तक होता है, प्रतियोगिताएँ लगभग चार महीने चलती हैं और फ़ाइनल जुलाई में होता है। नागरिक भाग ले सकते हैं; प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थी बाहर रखे गए हैं, तथा पहचान, मूल स्थान या निवास का प्रमाण भी लागू होता है। सुरक्षा और दस्तावेज़ीकरण में युवा, लिंग, खेल और संस्कृति मंत्रालय; कला और संस्कृति विभाग; राष्ट्रीय ICH समिति; चार जिला ICH समितियाँ; Botswana National Museum and Monuments; UNESCO राष्ट्रीय आयोग; दिक्गोसी और जनजातीय प्राधिकरण; समुदाय और Botswana Tourism Organisation शामिल हैं। व्यवस्था विकेंद्रीकृत है और किसी प्रथा तक पहुँच उसके अनुसार बदलती है। UNESCO की रिपोर्ट के अनुसार अमूर्त सांस्कृतिक विरासत पर संग्रहालय सामग्री लिखित अनुरोध से माँगी जा सकती है। पवित्र ज्ञान, गीत, नृत्य और वस्तुओं को समुदाय की सहमति के बिना उनके संदर्भ से बाहर दस्तावेज़ित, प्रकाशित या उपयोग नहीं करना चाहिए। आधुनिकीकरण, शहरीकरण, पलायन, स्कूल पाठ्यक्रम, ईसाईकरण और बाज़ार में बदलाव से परंपराओं का क्षय होता है, जबकि संग्रहालय, सामुदायिक उत्सव, प्रतियोगिताएँ, सूचीकरण, UNESCO परियोजनाएँ और शिल्प बाज़ार उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करते हैं।
बोत्सवाना में परंपराएँ
बोत्सवाना में कोई एक राष्ट्रीय परंपरा नहीं, बल्कि विभिन्न समुदायों की विविध विरासत में मिली रीति-रिवाज़, प्रतीक, गीत, नृत्य और शिल्प हैं। सेत्स्वाना, परिवार, पारंपरिक नेतृत्व और क्षेत्रीय जुड़ाव तय करते हैं कि ऐसी प्रथाएँ कैसे आगे बढ़ती और निभाई जाती हैं। क्गोतला की बैठकें, विवाह की प्रथाएँ, संगीत, नृत्य, कपड़े और हस्तशिल्प अलग-अलग रूप लेते हैं और क्षेत्र के अनुसार उनकी पहुँच के नियम बदलते हैं।
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