सबसे पुराने कालों के साक्ष्यों में नवपाषाण, कांस्य और लौह युग की बस्तियाँ, ओह्रिड झील के खंभों पर बने आवास-स्थल और कोकिनो पुरातात्विक स्थल शामिल हैं। प्राचीन काल में पायोनियाई और प्राचीन मैसेडोनियाई राजनीतिक समुदाय, ईसा-पूर्व चौथी शताब्दी में फिलिप द्वितीय और सिकंदर का विस्तार, हेलेनिस्टिक परिवर्तन और 148 ईसा-पूर्व में रोमन विजय शामिल थे। रोम ने इस क्षेत्र को मैसेडोनिया प्रांत में शामिल किया; 395 ईस्वी के बाद उत्तर-प्राचीन काल में बीजान्टिन शासन आया। आज के उत्तर मैसेडोनिया का क्षेत्र किसी भी प्राचीन मैसेडोनियाई राज्य के पूरे विस्तार के समान नहीं है। छठी और सातवीं शताब्दी में स्लाव आबादी का बसना बढ़ा। नौवीं शताब्दी में ईसाईकरण ने सिरिल और मेथोडियस से जुड़े मिशनों तथा क्लेमेंट और नौम के कार्य के लिए आधार बनाया। ओह्रिड साहित्यिक विद्यालय स्लाव साक्षरता का एक प्रमुख केंद्र बना। सैमुएल से जुड़ा राज्य लगभग दसवीं और ग्यारहवीं शताब्दी के आरंभ में अस्तित्व में था; इसके बाद बीजान्टिन, बल्गेरियाई और सर्बियाई शासन बदलते रहे। ओटोमन शासन चौदहवीं शताब्दी में शुरू हुआ और 1912 तक चला। कर-रजिस्टर, अदालत के अभिलेख, शाही आदेश और धार्मिक न्यासों के दस्तावेज़ जैसे ओटोमन अभिलेख प्रशासनिक, शहरी, ग्रामीण, धार्मिक और जनसांख्यिकीय बदलाव दिखाते हैं। ओटोमन मिल्लत श्रेणियों को आधुनिक राष्ट्रीय पहचानों के बराबर नहीं मानना चाहिए। अठारहवीं और उन्नीसवीं शताब्दियों में स्कूलों, छपाई, चर्च के अधिकार-क्षेत्र और यूनानी, बल्गेरियाई, सर्बियाई तथा मैसेडोनियाई राजनीतिक परियोजनाओं की प्रतिस्पर्धा ने सार्वजनिक जीवन को आकार दिया। आंतरिक मैसेडोनियाई क्रांतिकारी संगठन, जिसे आमतौर पर IMRO या VMRO कहा जाता है, 1893 में स्थापित हुआ। इसके बाद 1903 में इलिंडेन विद्रोह और क्रुशेवो गणराज्य की स्थापना हुई। 1912–1913 के बाल्कन युद्धों और बुखारेस्ट समझौते ने व्यापक मैसेडोनियाई क्षेत्र को बाँट दिया; वारदार क्षेत्र सर्बिया और बाद में यूगोस्लाव राज्य का हिस्सा बना। दोनों विश्व युद्धों के बीच केंद्रीकरण, पलायन और भाषा तथा शिक्षा को लेकर संघर्षों ने आबादी को प्रभावित किया। प्रथम विश्व युद्ध भी सलोनिका मोर्चे के जरिए इस क्षेत्र तक पहुँचा। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान कब्ज़े और प्रशासनिक विभाजन, प्रतिरोध और सहयोग ने रोजमर्रा के जीवन को बदल दिया। यहूदी समुदायों का विनाश इस इतिहास का हिस्सा है और इसके लिए स्थानीय पक्षों, कब्ज़ा करने वाले अधिकारियों और बचे हुए अभिलेखों पर अलग से ध्यान देना आवश्यक है। 2 अगस्त 1944 की पहली ASNOM सभा ने युद्धोत्तर मैसेडोनियाई गणराज्य की संस्थागत रूपरेखा स्थापित की। यूगोस्लाविया के भीतर पीपुल्स रिपब्लिक और बाद में मैसेडोनिया के समाजवादी गणराज्य में 1945 में मैसेडोनियाई भाषा का मानकीकरण, औद्योगीकरण, समाजवादी आधुनिकीकरण और एक-दलीय शासन हुआ। मैसेडोनियाई ऑर्थोडॉक्स चर्च ने 1967 में अपनी स्वायत्तता घोषित की; इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व आज भी बना हुआ है। गणराज्य ने 8 सितंबर 1991 को स्वतंत्रता पर जनमत-संग्रह कराया और 17 नवंबर 1991 को अपना संविधान अपनाया। 8 अप्रैल 1993 को इसे एक अंतरिम नाम के तहत संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता मिली। 2001 के सशस्त्र संघर्ष के बाद ओह्रिड रूपरेखा समझौता हुआ, जिसमें युद्धविराम व्यवस्था, विकेंद्रीकरण, भाषा-प्रयोग और बहुजातीय सार्वजनिक प्रशासन के संगठन को संबोधित किया गया। प्रेस्पा समझौते पर 17 जून 2018 को हस्ताक्षर हुए और यह 12 फरवरी 2019 को लागू हुआ; राज्य का आधिकारिक नाम सभी उपयोगों के लिए उत्तर मैसेडोनिया गणराज्य बना, जबकि मैसेडोनियाई भाषा और राष्ट्रीयता के नाम बने रहे। उत्तर मैसेडोनिया 27 मार्च 2020 को NATO में शामिल हुआ। ओह्रिड कई कालों को जोड़ता है: लिक्निडोस, आरंभिक ईसाई बेसिलिका, बीजान्टिन पवित्र वास्तुकला, ओटोमन शहरी परत और आधुनिक स्मृति। UNESCO ने 1979 में ओह्रिड क्षेत्र के प्राकृतिक मूल्यों, 1980 में उसके सांस्कृतिक मूल्यों को सूचीबद्ध किया और 2019 में सीमा-पार सूचीकरण का विस्तार किया। UNESCO का दर्जा ऐतिहासिक या कानूनी दावों का फैसला नहीं करता। प्रेस्पा रूपरेखा यूनानी और मैसेडोनियाई ऐतिहासिक तथा सांस्कृतिक संदर्भों में भेद करती है और इतिहास, पुरातत्व तथा शिक्षा पर द्विपक्षीय अंतर्विषयक समिति का प्रावधान करती है, जिसमें पाठ्यपुस्तकों और शिक्षण सामग्री की अनैतिहासिक दावों या पुनरीक्षणवादी संदर्भों के लिए समीक्षा शामिल है। उत्तर मैसेडोनिया में ऐतिहासिक शोध के लिए उत्तर मैसेडोनिया गणराज्य का राज्य अभिलेखागार, उत्तर मैसेडोनिया गणराज्य का संग्रहालय, राष्ट्रीय इतिहास संस्थान, पुरातत्व संग्रहालय, सांस्कृतिक विरासत संरक्षण प्रशासन, अन्य संग्रहालय, पुरातात्विक साक्ष्य और विद्वतापूर्ण प्रकाशन उपयोगी हैं। उपलब्ध अभिलेखीय जानकारी के अनुसार राज्य अभिलेखागार के सार्वजनिक वाचन-कक्ष और पुस्तकालय में कार्यदिवसों पर 09:00 से 14:00 तक पहुँचा जा सकता है। शोधकर्ताओं को आमतौर पर संबंधित अभिलेख-समूह या रजिस्टर की पहचान करके अभिलेखागार की अनुरोध प्रक्रिया का पालन करना होता है। प्रमाणित प्रतियाँ अनुरोध पर मिलती हैं और लागू शुल्क-सूची के अनुसार उनसे शुल्क लिया जाता है; दी गई जानकारी में वाचन-कक्ष के लिए कोई सामान्य शुल्क नहीं बताया गया है। उपलब्धता अभिलेख-समूह, भाषा, संरक्षण और अनुमति की आवश्यकताओं पर निर्भर करती है। विश्वसनीय विवरण पुरातात्विक साक्ष्य, अभिलेखीय रिकॉर्ड, बाद की व्याख्याओं और सामूहिक स्मृति को अलग-अलग रखता है। वह आधुनिक सीमाओं, जातीय श्रेणियों या राष्ट्रीय पहचानों को प्राचीन और मध्यकालीन समाजों पर लागू नहीं करता। प्राचीन मैसेडोनियाई लोगों, सैमुएल, सिरिल और मेथोडियस, गोट्से डेलचेव, IMRO, इलिंडेन, द्वितीय विश्व युद्ध, कब्ज़े, प्रतिरोध, शरणार्थियों, आत्मसात या अल्पसंख्यक अनुभव से जुड़ी निरंतरता के दावों में संबंधित पक्ष, काल, स्रोत-आधार और इतिहासलेखन परंपरा बतानी चाहिए।
उत्तर मैसेडोनिया में इतिहास
उत्तर मैसेडोनिया का इतिहास प्रागैतिहासिक बस्तियों, प्राचीन मैसेडोनियाई और पायोनियाई राजनीतिक समुदायों, रोमन और बीजान्टिन शासन, ओटोमन काल, यूगोस्लाव समाजवाद और स्वतंत्र राज्य तक फैला है। प्रमुख संदर्भों में ओह्रिड की साहित्यिक परंपरा, इलिंडेन विद्रोह, 1944 की ASNOM सभा, 1991 की स्वतंत्रता, 2001 का संघर्ष और प्रेस्पा समझौता शामिल हैं। मैसेडोनियाई, यूनानी, बल्गेरियाई, सर्बियाई और अल्बानियाई इतिहासलेखन में व्याख्याएँ अक्सर अलग होती हैं; इसलिए दावों के स्रोत स्पष्ट बताना और स्रोतों की आलोचनात्मक जाँच करना आवश्यक है।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

