अमूर्त सांस्कृतिक विरासत (ICH) से आशय उन जीवित प्रथाओं, ज्ञान, कौशल और अभिव्यक्तियों से है जिन्हें समुदाय समय के साथ आगे बढ़ाते और बदलते हैं। म्यांमार में परिवार, मठ, गाँव और जातीय संघ, त्योहार समितियाँ, बुज़ुर्ग, प्रशिक्षुता, स्कूल, मीडिया और सार्वजनिक समारोहों में भागीदारी के माध्यम से परंपराएँ आगे बढ़ती हैं। वार्षिक कैलेंडर में कई व्यापक रूप से मनाए जाने वाले त्योहार हैं। म्यांमार का पारंपरिक नववर्ष Thingyan आम तौर पर अप्रैल के मध्य में पाँच दिनों तक होता है। तारीख़ें Myanmar Calendar Advisory Board तय करता है। जल अर्पण, बुद्ध प्रतिमाओं को स्नान कराना, बुज़ुर्गों का सम्मान, दान, ध्यान, पारिवारिक मिलन, सामुदायिक गीत और नृत्य उत्सव का हिस्सा हैं। Thingyan देशव्यापी सार्वजनिक अवकाश है और 2024 में UNESCO की Representative List में जोड़ा गया। Thadingyut अक्टूबर में तीन दिन चलता है; इसमें आम तौर पर रोशनी, मोमबत्तियाँ, पैगोडा दर्शन और Zat Pwe प्रस्तुतियाँ होती हैं। Tazaungdaing Tazaungmon की पूर्णिमा पर, आम तौर पर नवंबर में आता है; इसमें रोशनी, दान और Matho Thingan वस्त्र-बुनाई प्रतियोगिताएँ होती हैं। शान राज्य का Taunggyi तीन-दिवसीय गर्म हवा के गुब्बारों के त्योहार के लिए जाना जाता है। Waso आम तौर पर जुलाई में पूर्णिमा और तीन महीने के बौद्ध वर्षावास की शुरुआत दर्शाता है। Kason आम तौर पर मई में पैगोडा पर बोधि वृक्षों को पानी देने से जुड़ा है। Htamane आम तौर पर फरवरी में Tabodwe की पूर्णिमा पर होता है और इसमें सामूहिक रूप से चिपचिपे चावल तैयार किए जाते हैं; इसका सामाजिक और अनुष्ठानिक पक्ष यहाँ आता है, जबकि भोजन मुख्य विषय हो तो वह निकटवर्ती भोजन विषय में आता है। वर्ष भर कई स्थानों पर पैगोडा उत्सव होते हैं, लेकिन उनकी तारीख़ें और स्थानीय रीतियाँ अलग-अलग हैं। जीवन-चक्र और पारिवारिक परंपराओं का कोई एक राष्ट्रीय ढाँचा नहीं है। Shinbyu परिवार द्वारा आयोजित समारोह है, जिसमें आम तौर पर 20 वर्ष से कम आयु के लड़के नवदीक्षा लेकर मठ में शिक्षा प्राप्त करते हैं। यह अक्सर लगभग दो दिन चलता है और प्रायः Tabaung या Tabodwe में स्थानीय जुलूस और पुण्य अर्जन के साथ आयोजित होता है। जन्म, विवाह और अंतिम संस्कार की रीतियाँ जातीयता, धर्म और स्थान के अनुसार बदलती हैं; उचित रूप संबंधित परिवार, मठ या समुदाय तय करता है। Thanakha परिवारों और व्यवहारिक सीख के माध्यम से आगे बढ़ता है। सभी उम्र, लिंग और जातीयता के लोग गोल पत्थर पर छाल को पानी के साथ पीसकर बना लेप दैनिक सजावट, सौंदर्य और त्वचा देखभाल के लिए लगाते हैं; इसका पारंपरिक चिकित्सा से भी संबंध है। Thanakha के पेड़ मध्य म्यांमार के शुष्क क्षेत्र से विशेष रूप से जुड़े हैं, हालांकि यह प्रथा कचिन, काया, कायिन, चिन, मोन, रखाइन, शान, Tanintharyi, यांगून, बागो, Ayeyarwady, मांडले, Sagaing, Magway और Nay Pyi Taw में भी पाई जाती है। सार्वजनिक अनुष्ठानिक जीवन पर मुख्यतः थेरवाद बौद्ध प्रथाओं का प्रभाव है, जबकि Nat परंपराएँ और जातीय प्रथाएँ स्थानीय रूप से उनसे जुड़ी हैं। परंपरा-केंद्रित विवरण किसी रीति का सामाजिक और समारोहगत कार्य बता सकता है; सिद्धांत और धर्मशास्त्र मुख्यतः धर्म विषय के अंतर्गत आते हैं। भागीदारी अक्सर पारिवारिक संबंध, सामुदायिक रीति, उम्र, लिंग, जातीयता, मठ की प्रथा या पवित्र स्थल के नियमों पर निर्भर करती है। हर रीति में भाग लेने का सार्वभौमिक अधिकार न मानें। वस्त्र और पहनावा क्षेत्रीय, जातीय और समारोहगत पहचान व्यक्त करते हैं। longyi और htamein कई जगह पहने जाते हैं, जबकि क्षेत्रीय और जातीय पोशाक स्थानीय भेद दिखाती है। Acheik वस्त्र का समारोहगत महत्त्व हो सकता है। त्योहारों के वस्त्र नागा, कचिन और अन्य समुदायों में अलग होते हैं। रेशम बुनाई Amarapura और मांडले से जुड़ी है। अन्य हस्तांतरित शिल्पों में लाख का काम, सोने की पत्ती का काम, कांस्य ढलाई, लकड़ी और पत्थर की नक्काशी, कढ़ाई, बुनाई, कमल-तंतु और वस्त्र बुनाई तथा वाद्य-निर्माण शामिल हैं। कौशल आम तौर पर परिवार, समुदाय या प्रशिक्षुता में सीखे जाते हैं; व्यावसायिक स्कूल भी उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करते हैं। संगीत और प्रदर्शन परंपराओं को स्थान और सामूहिक पहचान से जोड़ते हैं। Kachin State में सजाए गए Manaw स्तंभों के चारों ओर Manaw नृत्य होता है, खासकर Myitkyina के आसपास और आमतौर पर जनवरी में। Naga New Year 14 से 16 जनवरी तक मनाया जाता है; आयोजन स्थल Sagaing Region के Leshi, Lahe और Nanyun के बीच बारी-बारी से बदलता है। 49 से अधिक नागा कुलों की भाषिक विविधताएँ, गीत और नृत्य उत्सव में योगदान देते हैं। मंचित Zat Pwe प्रदर्शन विशेष रूप से Thadingyut से जुड़े हैं। पारंपरिक गीत और नृत्य त्योहारों, संघ और स्वतंत्रता दिवस आयोजनों, स्कूलों, मीडिया तथा क्षेत्रीय या राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के माध्यम से भी चलते हैं। म्यांमार की परंपराओं में क्षेत्रीय विविधता केंद्रीय है। कैलेंडर की प्रथाएँ देशभर में होती हैं, जबकि Manaw मुख्यतः कचिन समुदायों, Naga New Year Sagaing Region के नागा क्षेत्रों, गर्म हवा के गुब्बारों का त्योहार Taunggyi और दक्षिणी शान, वस्त्र उत्पादन Amarapura तथा मांडले, और Thanakha उत्पादन मध्य म्यांमार से जुड़ा है। बागो और Shwe Kyin के स्थानीय प्रकाश, नाव और संगीत त्योहार हैं। ये उदाहरण कोई एकसमान राष्ट्रीय परंपरा नहीं बनाते। धार्मिक मामलों और संस्कृति मंत्रालय, Department of Archaeology and National Museum, Myanmar National ICH Safeguarding and Promotion Committee, Myanmar Cultural Heritage Trust और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विरासत संरक्षण समितियाँ दस्तावेज़ीकरण और संरक्षण में मदद करती हैं। जीवित परंपरा को आगे बढ़ाने में मठ, संघ, समुदाय और परंपरा-धारक केंद्रीय हैं। म्यांमार ने 2014 में UNESCO 2003 Convention की पुष्टि की; 2020 में एक राष्ट्रीय ICH सूची दर्ज की गई, जिसके रखरखाव में मंत्रालय, Department of Archaeology and National Museum, समुदाय और नागरिक-संगठन शामिल हैं। समीक्षा और अद्यतन लगभग हर दो वर्ष के चक्र में होते हैं। अधिकांश सार्वजनिक त्योहार समुदाय, मठ, पैगोडा, गाँव या जातीय संघ की भागीदारी से खुले हैं, लेकिन कोई केंद्रीय प्रवेश व्यवस्था, लाइसेंस या राष्ट्रीय शुल्क-सूची नहीं है। दान, पुण्य अर्पण, वस्त्र और अन्य सामग्री, भोजन, कपड़े, परिवहन, ठहरने, प्रवेश और बाज़ार की खरीद में अलग-अलग खर्च हो सकते हैं। विदेशी आगंतुक स्थानीय समुदाय के आमंत्रण और स्थानीय नियमों तथा सुरक्षा स्थितियों के अधीन चुनिंदा सार्वजनिक गतिविधियाँ देख या उनमें शामिल हो सकते हैं। पवित्र स्थानों में सम्मानजनक व्यवहार, उपयुक्त वस्त्र और तस्वीर, रिकॉर्डिंग, पुनरुत्पादन या व्यावसायिक उपयोग से पहले सहमति जरूरी है। दस्तावेज़ीकरण में समुदाय और परंपरा-धारकों की सहमति का मार्गदर्शन हो तथा प्रथा को उसके सांस्कृतिक संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत न किया जाए। शहरीकरण, प्रवास, युवाओं की आवाजाही, औपचारिक शिक्षा, वैश्वीकरण और पर्यटन परंपराओं के अभ्यास को बदल सकते हैं। इसलिए संरक्षण में स्कूल, मीडिया, प्रतियोगिता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और दस्तावेज़ीकरण के माध्यम से जीवित बदलाव का समर्थन होता है; परंपराओं को स्थिर प्रदर्शन की तरह नहीं देखा जाता। चंद्र कैलेंडर, आयोजन का आकार और स्थानीय पहुँच बदल सकते हैं, इसलिए सटीक तारीख़ें, स्थान और पहुँच की स्थिति होटल और पर्यटन मंत्रालय, स्थानीय अधिकारियों, मठ या सामुदायिक आयोजकों से जाँचें।
म्यांमार में परंपराएँ
म्यांमार की परंपराएँ विरासत में मिली और समाज के माध्यम से आगे बढ़ाई जाने वाली प्रथाएँ, प्रतीक और अभिव्यक्तियाँ हैं, जो वार्षिक और जीवन-चक्र, परिवार, धर्म, वस्त्र, संगीत, शिल्प और क्षेत्रीय पहचान से जुड़ी हैं। प्रमुख उदाहरणों में Thingyan, Thadingyut, Tazaungdaing, Shinbyu, Manaw, Naga New Year, Thanakha, Acheik, longyi और htamein शामिल हैं। भागीदारी और अर्थ समुदाय, जातीयता, धर्म, उम्र, लिंग, स्थान तथा संबंधित परिवार या पवित्र स्थल के अनुसार बदलते हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

