2011 की संवैधानिक घोषणा संक्रमणकालीन संवैधानिक ढाँचा देती है। इस्लाम राज्य धर्म है, इस्लामी शरीअत कानून का प्रमुख स्रोत है और अरबी आधिकारिक भाषा है। दंड संहिता कानून العقوبات 1953 की है और कानून संख्या 48/1956 से इसमें बड़े संशोधन हुए। आपराधिक प्रक्रिया मुख्यतः 1953 की आपराधिक प्रक्रिया संहिता قانون الإجراءات الجنائية से संचालित होती है, जिसमें कानून संख्या 18/1962, 3/2003 और 7/2014 जैसे संशोधन शामिल हैं। विशिष्ट कृत्यों के लिए विशेष कानून निर्णायक रहते हैं, जिनमें मादक पदार्थों पर कानून संख्या 7/1990, यातायात अपराधों पर कानून संख्या 11/1984 और साइबर अपराध पर कानून संख्या 5/2022 शामिल हैं। लोक अभियोजन, النيابة العامة, के पास सामान्य आपराधिक मामले शुरू करने, जाँचने, आरोप लगाने और अदालत में अभियोजन का प्रतिनिधित्व करने का विशिष्ट अधिकार है। अभियोजक-जनरल النائب العام हैं। पुलिस, सीमा-शुल्क अधिकारी और कुछ नगरपालिका या कृषि अधिकारी न्यायिक अधिकारी की शक्तियाँ مأمورو الضبط القضائي इस्तेमाल कर सकते हैं। वे रिपोर्ट दर्ज करते हैं, गवाहों और विशेषज्ञों से पूछताछ करते हैं, साक्ष्य सुरक्षित रखते हैं और फ़ाइलें तथा जब्त वस्तुएँ लोक अभियोजन को भेजते हैं। जाँच न्यायाधीश قاضي التحقيق और आरोप कक्ष غرفة الاتهام जाँच और गंभीर अपराधों की अदालत में सुपुर्दगी के दौरान शामिल हो सकते हैं। आपराधिक अदालतें सामान्य न्यायालय संरचना में काम करती हैं, जिसमें प्रथम दृष्टांत की अदालतें, आपराधिक अदालतें, अपील अदालतें और सर्वोच्च न्यायालय शामिल हैं। सैन्य अभियोजन और सैन्य अदालतों का विशेष अधिकार-क्षेत्र है, लेकिन नागरिकों पर उनका उपयोग कानूनी रूप से विवादित है और पूर्वी तथा पश्चिमी लीबिया में व्यवहार एकसमान नहीं है। वैधता के सिद्धांत के अनुसार, कोई आचरण अपराध नहीं हो सकता और कोई दंड नहीं दिया जा सकता जब तक कानून ऐसा न बताए। आम तौर पर घटना के समय लागू कानून लागू होता है, जबकि अंतिम निर्णय से पहले बाद का अधिक अनुकूल कानून लागू हो सकता है। कानून की अज्ञानता सामान्यतः बचाव नहीं है। पात्र परिस्थितियों में वैध प्रतिरक्षा, आवश्यकता, दुर्घटना या अप्रत्याशित घटना जिम्मेदारी को समाप्त कर सकती है। मानसिक अक्षमता आपराधिक जिम्मेदारी को समाप्त कर सकती है, जबकि आंशिक अक्षमता दंड घटा सकती है। बताए गए नियमों के तहत 14 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति की आपराधिक जिम्मेदारी नहीं होती। सात वर्ष की आयु से सुरक्षात्मक उपाय लागू हो सकते हैं; क्षमता होने पर 14 से 17 वर्ष का व्यक्ति जिम्मेदार हो सकता है, लेकिन कम दंड और किशोर-विशेष प्रक्रिया लागू होती है। अपराध की रिपोर्ट लोक अभियोजन या न्यायिक अधिकारी को की जा सकती है। जिन अपराधों के लिए व्यक्तिगत शिकायत आवश्यक नहीं है, उनकी सूचना कोई भी प्राधिकरणों को दे सकता है। शिकायत-आधारित अपराधों में पीड़ित या अधिकृत प्रतिनिधि को आम तौर पर अपराध और अपराधी का पता चलने से तीन महीने के भीतर मौखिक या लिखित शिकायत देनी होती है। लोक अभियोजन यह कहकर मामला खारिज कर सकता है कि अपराध नहीं हुआ या साक्ष्य अपर्याप्त हैं। पीड़ित या दीवानी वादी लागू प्रक्रिया के तहत खारिजी को चुनौती दे सकता है। गंभीर अपराधों के मामले आम तौर पर आरोप कक्ष के माध्यम से भेजे जाते हैं। तलाशी अपराध से जुड़ी वस्तुओं तक सीमित है और सामान्यतः अभियुक्त या प्रतिनिधि तथा दो गवाहों की उपस्थिति में होती है। जब्त दस्तावेज़, हथियार, औज़ार, अपराध से प्राप्त धन और अन्य उपयोगी वस्तुओं को सील करके दर्ज किया जाना चाहिए। गंभीर अपराध की जाँच में पूछताछ या आमना-सामना से पहले वकील को बुलाया जाता है, उन बताए गए अपवादों के अधीन जहाँ अपराध प्रत्यक्ष रूप से पकड़ा गया हो या साक्ष्य खोने का खतरा हो। अभियुक्त पूछताछ से इनकार कर सकता है, और दी गई प्रक्रियात्मक नियमावली के तहत अदालत में पूछताछ के लिए अभियुक्त की सहमति आवश्यक है। सुनवाई में अभियुक्त को आरोप बताया जाता है, बचाव प्रक्रिया के माध्यम से अभियोजन के गवाहों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं, और अंत में अभियुक्त बोलता है। सुनवाई सामान्यतः सार्वजनिक होती है, हालांकि सार्वजनिक व्यवस्था या नैतिकता के लिए अदालत उसे बंद कर सकती है। अनुपस्थिति में फैसला हो सकता है; लागू नियमों के अनुसार अभियुक्त के सामने आने या गिरफ्तारी के बाद पुनः सुनवाई उपलब्ध है। कुछ परिस्थितियों में गिरफ्तारी आदेश जारी हो सकता है, जैसे उपस्थित न होना, फरार होने का जोखिम, अज्ञात पता या अपराध करते हुए पकड़ा जाना। गिरफ्तार व्यक्ति से तुरंत पूछताछ की जानी चाहिए और उसे 24 घंटे के भीतर लोक अभियोजन को सौंपना चाहिए। पर्याप्त साक्ष्य होने पर गंभीर अपराध या तीन महीने से अधिक कारावास वाले दुष्कर्म में अस्थायी हिरासत लागू हो सकती है। गिरफ्तारी के बाद लोक अभियोजन छह दिन तक हिरासत का आदेश दे सकता है; इसके बाद वैधानिक प्रक्रियाओं के तहत न्यायिक विस्तार संभव है, जिनमें 30 दिन की अवधि और आगे 90-दिन वाले रास्ते शामिल हैं। रिहाई, ज़मानत, निवास की शर्तें, पुलिस में रिपोर्ट करना और स्थान-प्रतिबंध उपलब्ध हो सकते हैं। वैधानिक समय-सीमाएँ वास्तविक रिहाई या समय पर कार्यवाही की गारंटी नहीं देतीं: 2024 और 2025 की संयुक्त राष्ट्र रिपोर्टें मनमानी गिरफ्तारी और हिरासत, लंबी विचाराधीन हिरासत, अपर्याप्त कानूनी प्रतिनिधित्व, दबाव में लिए गए इकबालिया बयान, यातना, हिरासत में मौत तथा परिवार या चिकित्सा सहायता तक सीमित पहुँच का वर्णन करती हैं। सशस्त्र या सुरक्षा हिरासत औपचारिक प्रक्रिया को दरकिनार कर सकती है; इसलिए जिम्मेदार प्राधिकरण, हिरासत-स्थल और वकील तक पहुँच की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। गंभीर अपराध के अभियुक्त को जाँच और मुकदमे के दौरान वकील का औपचारिक अधिकार है। यदि अभियुक्त ने वकील नहीं चुना है, तो आरोप कक्ष या अदालत वकील नियुक्त कर सकती है। व्यवहार में वकील तक पहुँच सीमित हो सकती है और दी गई जानकारी में कानूनी सहायता सेवाओं या लागतों की कोई व्यापक वर्तमान देशव्यापी सूची स्थापित नहीं है। न्यायिक सहायता समिति अपील की जमानत राशि माफ कर सकती है। दीवानी वादी मुआवज़ा या बहाली माँगने के लिए आपराधिक मुकदमे में शामिल हो सकता है, लेकिन उसे वकील, विशेषज्ञ और गवाहों का खर्च पहले देना पड़ सकता है। यदि आपराधिक दावा खारिज या छोड़ दिया जाए तो पीड़ित दीवानी अदालत में राहत माँग सकता है, लेकिन वह अभियुक्त की हिरासत नहीं माँग सकता। बताई गई प्रक्रिया के तहत अभियोजन दीवानी अधिकार की स्थिति तीन महीने के भीतर स्वीकार करता है। नाबालिग या मानसिक रूप से अक्षम पीड़ित को निर्णय होने तक संरक्षक, स्वीकृत चैरिटी में स्थान या मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में रखा जा सकता है। मुख्य दंडों में मृत्युदंड, आजीवन कारावास, कारावास, हिरासत और जुर्माना शामिल हैं। अतिरिक्त दंड नागरिक अधिकार छीन सकते हैं, पेशे या गतिविधि पर रोक लगा सकते हैं, कानूनी क्षमता सीमित कर सकते हैं या दोषसिद्धि प्रकाशित कर सकते हैं। जब तक विशेष कानून कुछ और न कहे, कारावास सामान्यतः तीन से 15 वर्ष का होता है और हिरासत 24 घंटे से तीन वर्ष तक की। वैधानिक पाठ गोली मारकर मृत्युदंड देने का प्रावधान करता है, लेकिन वास्तविक फाँसी, दंड-परिवर्तन, क्षमा और निलंबन के व्यवहार की मामले-विशेष पुष्टि आवश्यक है। अस्थायी हिरासत में बिताया समय सज़ा से घटाया जाता है। लागू नियमों के तहत छह महीने तक की साधारण हिरासत में जेल के बाहर काम करने की अनुमति मिल सकती है। किशोर न्यायालय محكمة الأحداث हर प्रथम दृष्टांत अदालत के भीतर काम करता है। यह 14 से कम-से-कम 18 वर्ष से कम आयु के अपराधियों, निवारक उपायों, दुष्कर्मों और छोटे अपराधों को संभालता है; गंभीर अपराध बताए गए सुपुर्दगी मार्ग से चलते हैं। हिरासत के बदले पुनर्वास स्कूल, निर्दिष्ट स्थान, मान्य चैरिटी या संरक्षक के पास रखना जैसे उपाय हो सकते हैं। किशोर कार्यवाही में सामाजिक स्थिति, वातावरण और प्रेरणा पर विचार होता है; सुनवाई बंद कमरे में होती है, निर्णय सार्वजनिक होते हैं और माता-पिता या अभिभावक को सूचना मिलती है तथा वे अपील कर सकते हैं। किशोर गंभीर-अपराध मामलों में बचाव के लिए वकील अनिवार्य है और अनुच्छेद 330 के तहत बाल पीड़ितों को विशेष देखभाल मिल सकती है। यातायात अपराध भी आपराधिक कानून का हिस्सा हैं। यातायात पुलिस न्यायिक अधिकारी की शक्तियाँ इस्तेमाल कर सकती है और मामलों में लाइसेंस, वाहन जब्ती, तेज़ गति, लाल बत्ती तोड़ना, असुरक्षित उपकरण, फ़ोन का उपयोग, शराब या नशीले पदार्थों के प्रभाव में वाहन चलाना तथा लापरवाही से चोट या मृत्यु शामिल हो सकती है। वैधानिक पाठ नशे में वाहन चलाने पर कारावास और लाइसेंस निलंबन, एक से तीन वर्ष तक लाइसेंस वापसी का प्रावधान करता है; लापरवाही से चोट या मृत्यु पर कारावास, जुर्माना और लाइसेंस वापसी हो सकती है। केवल जुर्माने वाले उल्लंघनों में तत्काल भुगतान, कम अवधि में भुगतान, अभियोजन या न्यायालयी दंड-आदेश का उपयोग हो सकता है। पुराने दीनार कानूनों में बताई गई राशियों की वर्तमान स्थिति जाँचें। 2022 का साइबर अपराध कानून संख्या 5 कुल 53 अनुच्छेदों का है और तब लागू हो सकता है जब आचरण पूरी तरह या आंशिक रूप से लीबिया में हो या विदेश में हुआ आचरण लीबिया में प्रभाव पैदा करे। इसमें अनधिकृत पहुँच, अवरोधन, प्रणाली या डेटा में हस्तक्षेप, पासवर्ड या डिक्रिप्शन उपकरणों का दुरुपयोग, पहचान उपकरण का दुरुपयोग, डिजिटल जालसाज़ी, अश्लीलता या अभद्रता, वेश्यावृत्ति के लिए उकसाना, मानव तस्करी, धन शोधन, आतंकवादी सहायता, ट्रेडमार्क का दुरुपयोग और गुप्त सुनना शामिल हैं। सूचना सुरक्षा और संरक्षा के लिए राष्ट्रीय प्राधिकरण के पर्यवेक्षण कार्यों में अवरोधन उपायों का अनुरोध करना शामिल है। एन्क्रिप्शन, VPN का उपयोग और अभिव्यक्ति-संबंधी आचरण के लिए मामले-विशेष कानूनी समीक्षा आवश्यक है। लीबियाई और विदेशी व्यक्तियों को आपराधिक न्याय तक औपचारिक पहुँच संभव है, लेकिन भाषा, हिरासत प्राधिकरण, वकील तक पहुँच और सुरक्षा नियंत्रण व्यावहारिक पहुँच को प्रभावित करते हैं। अदालत शुल्क, ज़मानत और संपार्श्विक लागत प्रक्रिया और दावे पर निर्भर करती है।
लीबिया में आपराधिक कानून
लीबिया में आपराधिक कानून अपराधों, दंडों, जाँच शक्तियों और अभियुक्त तथा पीड़ित व्यक्तियों के अधिकारों को परिभाषित करता है। मुख्य ढाँचे में 1953 की दंड संहिता, 1953 की आपराधिक प्रक्रिया संहिता और मादक पदार्थों, यातायात, साइबर अपराध तथा अन्य अपराधों से जुड़े विशेष कानून शामिल हैं। लोक अभियोजन, النيابة العامة, आम तौर पर आपराधिक मामले शुरू करता और चलाता है, जबकि अदालतें आरोपों तथा दंड पर निर्णय देती हैं। औपचारिक व्यवस्था स्थापित है, लेकिन पहुँच, हिरासत की स्थितियाँ और प्रवर्तन क्षेत्रों तथा संस्थाओं के अनुसार बहुत बदल सकते हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

