सीरिया में प्रेम-संबंधों में डेटिंग, परिवार के माध्यम से परिचय, स्वयं साथी चुनना या सगाई की व्यवस्था शामिल हो सकती है। सामाजिक अपेक्षाएँ धार्मिक समुदाय, लिंग, शहरी या ग्रामीण परिवेश, विस्थापन और स्थानीय प्राधिकरण के अनुसार काफ़ी बदलती हैं। सगाई, विवाह और अलगाव से जुड़ी औपचारिक व्यवस्थाओं से परे अविवाहित प्रेम-संबंध के लिए अलग राज्य-मान्य कानूनी स्थिति स्थापित नहीं है। ख़ित्बा का अर्थ सगाई है। यह सामाजिक रूप से प्रचलित है, लेकिन स्वयं विवाह अनुबंध नहीं है और इससे अपने-आप वैवाहिक अधिकार या दायित्व नहीं बनते। विवाह अनुबंध को عقد زواج या عقد قران कहा जाता है। संशोधित 2019 सहित सीरियाई व्यक्तिगत स्थिति कानून 1953 के अनुसार सामान्य विवाह आयु दोनों पक्षों के लिए 18 वर्ष है। कानूनी शर्तें पूरी होने पर अदालत 15–17 वर्ष की आयु में विवाह की अनुमति दे सकती है; शर्तों में कथित शारीरिक परिपक्वता, वैवाहिक अधिकार समझने की क्षमता और उन अधिकारों की जानकारी शामिल है। महिला की सहमति मूल शर्त है और जबरन अभिभावक-विवाह को चुनौती दी जा सकती है। पिता या दादा की अभिभावक भूमिका तथा अन्य शर्तें लागू व्यक्तिगत स्थिति नियमों पर निर्भर करती हैं। मुस्लिम व्यक्तिगत स्थिति के नियम हर धार्मिक समुदाय पर अपने-आप लागू नहीं होते। न्यायिक समीक्षा, वैध कारण और भरण-पोषण की क्षमता जैसी शर्तों के तहत मुस्लिम पुरुष के लिए बहुविवाह कानूनी रूप से संभव है। पक्ष विवाह अनुबंध में सहमत शर्तें भी दर्ज कर सकते हैं। जोड़े को अपने धर्म और स्थान के लिए सक्षम व्यक्तिगत स्थिति या धार्मिक अदालत द्वारा लागू नियम सत्यापित करने चाहिए। औपचारिक प्रक्रिया सामान्यतः सक्षम व्यक्तिगत स्थिति या धार्मिक अदालत से होकर फिर नागरिक मामलों विभाग और नागरिक पंजीकरण कार्यालय तक जाती है। विवाह प्रमाणपत्र और परिवार पुस्तिका दस्तावेज़ी प्रमाण देते हैं। बिना नागरिक पंजीकरण वाला धार्मिक विवाह, जिसे زواج عرفي कहा जाता है, संबंध का कमज़ोर प्रमाण छोड़ सकता है; बाद में अदालत से पुष्टि और फिर नागरिक मामलों में पंजीकरण की ज़रूरत पड़ सकती है। इससे जन्म और परिवार पंजीकरण जटिल हो सकते हैं तथा परित्याग, हिंसा और आर्थिक सहायता खोने का जोखिम बढ़ सकता है। राष्ट्रीय लागत और प्रक्रिया अवधि विश्वसनीय रूप से स्थापित नहीं हैं और क्षेत्र, स्थिति तथा दस्तावेज़ों के अनुसार बदलती हैं। पंजीकृत विवाह से مهر, भरण-पोषण, निवास या सहायता, और बाद में अभिरक्षा तथा पारिवारिक रिकॉर्ड से जुड़े अधिकार और दायित्व बन सकते हैं। अविवाहित सहवास की कोई दर्ज स्वचालित राज्य-स्थिति या वैवाहिक अधिकार नहीं हैं। अंतरंग संबंधों में हिंसा शारीरिक, यौन, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक या आर्थिक हो सकती है और घर, सार्वजनिक स्थान या डिजिटल माध्यमों में हो सकती है। फ़ोन या सोशल मीडिया उत्पीड़न, तस्वीरों से ब्लैकमेल, नियंत्रित व्यवहार और आवागमन पर रोक की रिपोर्टें हैं। किशोर लड़कियों, विस्थापित या लौटे लोगों, महिला-प्रधान परिवारों, विधवाओं, तलाक़शुदा महिलाओं, दस्तावेज़-विहीन लोगों और गरीबी या असुरक्षा से प्रभावित परिवारों के लिए जोखिम विशेष रूप से गंभीर हैं। कलंक और प्रतिशोध रिपोर्ट करने से रोक सकते हैं। UNFPA और साझेदार संगठन महिलाओं और लड़कियों के सुरक्षित स्थान, लैंगिक-आधारित हिंसा केस प्रबंधन, मनोसामाजिक सहायता, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवा तथा कानूनी सलाह देते हैं। बताया गया है कि UNHCR की कानूनी सहायता 14 राज्यपाल-क्षेत्रों में सीरियाई आंतरिक विस्थापित लोगों, लौटने वालों और मेज़बान समुदाय के समर्थित सदस्यों के लिए मुफ़्त है; सेवा सीरियाई अरब रेड क्रिसेंट, सीरियाई विकास संगठन, कानूनी या सामुदायिक केंद्रों और मोबाइल टीमों के माध्यम से मिल सकती है। रविवार से गुरुवार, 9:00–15:00 तक हेल्पलाइन और केंद्र पहुँच की सूचना है, लेकिन मौजूदा प्रदाता और स्थानीय उपलब्धता सत्यापित करें। विदेशी शरणार्थियों और शरण चाहने वालों को अदालत या नागरिक पंजीकरण कार्यालयों में नियमित पहुँच के लिए सामान्यतः वैध निवास परमिट चाहिए। अलगाव में तलाक़, ख़ुलअ या गंभीर मतभेद अथवा हिंसा जैसे कारणों से अदालत-आदेशित تفريق शामिल हो सकता है। पंजीकरण संबंधित अदालत और प्राधिकरण की प्रक्रिया से होता है, चाहे पहले से अपंजीकृत विवाह या तलाक़ हो। अलगाव के बाद अभिरक्षा, भरण-पोषण, पहचान दस्तावेज़ और निजी सुरक्षा अक्सर मुख्य व्यावहारिक मुद्दे बनते हैं। तलाक़शुदा और विधवा महिलाएँ कलंक, नियंत्रण, दोबारा विवाह के दबाव तथा आर्थिक या यौन शोषण का सामना कर सकती हैं। सीरिया के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय प्राधिकरण और प्रक्रियाएँ बदल गई हैं, इसलिए पहले की प्रक्रिया पर भरोसा करने से पहले संबंधित राज्यपाल-क्षेत्र में जिम्मेदार कार्यालय की पुष्टि करें।
सीरिया में प्रेम-संबंध
सीरिया में प्रेम-संबंध मुख्यतः अनौपचारिक होते हैं, जब तक जोड़ा विवाह के माध्यम से उन्हें औपचारिक न करे। ख़ित्बा यानी सगाई एक मान्य सामाजिक प्रथा है, लेकिन इससे अपने-आप विवाह के कानूनी अधिकार और दायित्व पैदा नहीं होते। औपचारिक विवाह पंजीकरण भरण-पोषण, अभिरक्षा और पारिवारिक रिकॉर्ड के मामलों में सबसे स्पष्ट प्रमाण देता है; व्यवहार और पहुँच धर्म, राज्यपाल-क्षेत्र, दस्तावेज़ों, विस्थापन और स्थानीय प्राधिकरण के अनुसार बदलते हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

