सूडान में कृषि भोजन और आय का केंद्रीय स्रोत बनी हुई है। उत्पादन में सिंचित खेती, अर्ध-यंत्रीकृत वर्षा-आधारित खेती और पारंपरिक वर्षा-आधारित खेती शामिल हैं। मुख्य फसलों में ज्वार, जिसे दुरा भी कहते हैं, बाजरा, गेहूँ, तिल, मूँगफली, सूरजमुखी, दालें और बागवानी उत्पाद शामिल हैं। सूडान में पशुधन भी बहुत है; अनुमानित 115.4 मिलियन जानवरों में भेड़, बकरी, मवेशी और ऊँट शामिल हैं। पशुधन, मछली पकड़ना, आयात, स्थानीय बाज़ार और घरेलू उत्पादन—सभी भोजन तक पहुँच में योगदान करते हैं। अप्रैल 2023 से जारी संघर्ष ने उत्पादन, व्यापार, परिवहन और आवाजाही बाधित की है। 2026 में लगभग 28.9 मिलियन लोगों को खाद्य सुरक्षा या आजीविका सहायता की आवश्यकता होने का अनुमान था; फरवरी से मई 2026 के बीच 19.5 मिलियन लोग IPC स्तर 3 या उससे खराब स्थिति का सामना कर रहे थे। उत्तरी दारफुर, दक्षिणी दारफुर और दक्षिण कोर्दोफान के 14 इलाकों में, संघर्ष और पहुँच प्रतिबंध जारी रहने पर अकाल का जोखिम था। जुलाई 2026 के अंत तक लगभग 8.6 मिलियन लोग देश के भीतर विस्थापित थे। राज्यों के बीच पहुँच बहुत अलग है और सुरक्षा, सड़क, वर्षा तथा स्थानीय आपूर्ति के साथ बदल सकती है। 2025 में अनाज उत्पादन का अनुमान लगभग 5.2 मिलियन टन था, जो 2024 से करीब 22% और पाँच-वर्षीय औसत से 19% कम था। 2026 में सूडान को लगभग 2.8 मिलियन टन आयात की आवश्यकता होने की उम्मीद थी, मुख्य रूप से गेहूँ। जनवरी से जून 2026 में ज्वार की औसत कीमत तुलनीय पिछली अवधि से लगभग 65% अधिक थी, जबकि बाजरे की कीमत करीब 42% बढ़ी; जून 2026 में ज्वार एक वर्ष पहले से लगभग 66% और बाजरा करीब 37% महँगा था। मार्च से जून 2026 के बीच डीज़ल की कीमत दोगुनी हुई और एक वर्ष पहले की तुलना में लगभग तीन गुनी थी। महँगाई, उत्पादन नुकसान, व्यापार बाधित होना और विनिमय दर में बदलाव परिवारों की खरीद क्षमता को प्रभावित करते हैं। कीमतें राज्य, मौसम, सुरक्षा, परिवहन और बाज़ार के अनुसार अलग होती हैं। बरसात का मौसम सड़कों, सहायता वितरण और फसल को प्रभावित करता है। वर्षा-आधारित फसलों की कटाई आम तौर पर साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में होती है, जबकि गेहूँ की कटाई सामान्यतः मार्च में होती है। कमी का मौसम प्रायः जून से सितंबर तक रहता है। सूखा और अनियमित वर्षा सेनार और गेदारेफ जैसे इलाकों में अतिरिक्त जोखिम पैदा करते हैं; ग्रेटर दारफुर, कोर्दोफान और ब्लू नाइल में पहुँच की बाधाएँ विशेष रूप से गंभीर हैं। सूडान के आम खाद्य पदार्थों में किसरा या किस्सरा—ज्वार या मक्का पर आधारित पतली खमीर उठी रोटी; असीदा—गाढ़ा दलिया; और गुर्रासा—गेहूँ की रोटी, जो खास तौर पर उत्तरी सूडान से जुड़ी है—शामिल हैं। ये अक्सर मुल्ला के साथ परोसे जाते हैं, जो कई प्रकार की करी या शोरबे का समूह है। मुल्ला रोब में भिंडी, किण्वित दूध और मूँगफली हो सकती है; वाइका सूखी भिंडी से बनती है। अन्य स्थानीय खाद्य पदार्थों में फुल मेडामेस, दक्वा मूँगफली का पेस्ट, शर्मौत सूखा मांस, काजाइक सूखी मछली का शोरबा, शेया भुना मेमना, अगाशे मसालेदार सीख, तामिया, महाशी, कमूनिया और कवारी शामिल हैं। सूडान का कोई एक आधिकारिक राष्ट्रीय व्यंजन स्थापित नहीं है। क्षेत्रीय व्यंजन जलवायु, मौसम, जातीय परंपराओं और सामग्री की उपलब्धता पर निर्भर करते हैं। भोजन अक्सर साझा थाल में परोसा जाता है और दाएँ हाथ से खाया जाता है। मेहमाननवाज़ी, जेबेना कॉफी, मीठी चाय, करकदेह, हिलू-मुर और इमली के पेय का मजबूत सामाजिक महत्व है। व्यंजन मुख्यतः परिवारों और अनौपचारिक अभ्यास के जरिए पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते हैं। कई जगहों पर रेस्तराँ, चाय की दुकानें, सड़क-खाना बेचने वाले और बाज़ार के भोजन केंद्र भोजन देते हैं, लेकिन उपलब्धता, कीमत और सुरक्षा शहर, राज्य तथा सुरक्षा हालात के अनुसार बहुत बदलते हैं। कुछ शहरी और विस्थापित समुदायों में घर का खाना बनाने और नियमित आपूर्ति की कमी पूरी करने के लिए टेक-अवे तथा अनौपचारिक भोजन सेवाएँ भी हैं। रोज़मर्रा के आहार में अक्सर अनाज, तेल और चीनी का बड़ा हिस्सा होता है; जहाँ उपलब्ध हों, दालें, दूध, मांस, सब्जियाँ, फल, मछली और मूँगफली विविधता जोड़ते हैं। संघर्ष, विस्थापन और ऊँची कीमतों ने कई परिवारों के लिए भोजन की मात्रा और विविधता घटाई है। 2026 में पाँच वर्ष से कम उम्र के लगभग 825,000 बच्चों को गंभीर तीव्र कुपोषण का सामना करने की आशंका थी। चिकित्सा उपचार स्वास्थ्य सेवाओं का विषय है, जबकि भोजन तक पहुँच और आहार की परिस्थितियाँ खाद्य स्थिति का हिस्सा हैं। खाद्य सुरक्षा के जोखिमों में असुरक्षित पानी, क्षतिग्रस्त जल और स्वच्छता प्रणालियाँ, बाढ़, खुला या अनुचित ढंग से रखा भोजन, शीतलन में बाधा और असुरक्षित परिवहन शामिल हैं। 2023 से हैजा कई लहरों में फैल चुका है; 2025 के दौरान 12 राज्यों और 90 स्थानीय इलाकों में फैलाव की सूचना थी। सुरक्षित अभ्यासों में सुरक्षित पानी का स्रोत इस्तेमाल करना, भोजन संभालने से पहले हाथ धोना, भोजन को अच्छी तरह गर्म करना, उसे दूषित होने से बचाना, लेबल और समाप्ति तिथि जाँचना तथा खुले उत्पादों से बचना शामिल है। Sudanese Standards and Metrology Organization ने बिना सुरक्षा के रखी मिठाइयों और अन्य उत्पादों के बारे में चेतावनी दी है और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से खरीदने की सलाह दी है। खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारियों में Federal Ministry of Health का Environmental Health and Food Control Department; Federal Ministry of Agriculture and Forestry; Federal Ministry of Animal Resources and Fisheries; तथा Sudanese Standards and Metrology Organization (SSMO) शामिल हैं। इनके कार्यों में खाद्य नीति, उत्पाद पंजीकरण, आयात निगरानी, स्वास्थ्य प्रमाणपत्र, संस्थान निरीक्षण, पौधों और पशुओं का स्वास्थ्य, अनुरूपता प्रमाणपत्र, प्रयोगशाला जाँच, मानक, अंशांकन और उपभोक्ता शिकायतें शामिल हैं। Food Control Act 1973 और Standards Act 2008 औपचारिक ढाँचे के कुछ हिस्से देते हैं। राष्ट्रीय खाद्य-श्रृंखला निगरानी और जोखिम विश्लेषण पूरी तरह एकीकृत नहीं हैं और प्रवर्तन क्षमता क्षेत्र के अनुसार बदलती है। SSMO उपभोक्ता शिकायत के लिए 5960 देता है। मानवीय खाद्य सहायता परिवारों, बाज़ार और खेती तक पहुँच को पूरक करती है; यह देशव्यापी स्वतः मिलने वाला अधिकार नहीं बनाती। WFP भोजन, नकद और पोषण सहायता देता है तथा Food Assistance for Assets का समर्थन करता है; सभी 18 राज्यों में प्रति माह लगभग चार मिलियन लोगों तक पहुँचता है। पहुँच असुरक्षा, कार्यक्रम नियमों, सड़कों, वर्षा और संघर्ष रेखा के पार या सीमा पार अनुमति पर निर्भर करती है। FAO, UNICEF, राज्य प्राधिकरण, स्थानीय सहायता संगठन और सामुदायिक संरचनाएँ भी भोजन, खेती, पानी, पोषण या लचीलेपन के कार्यक्रमों में मदद करते हैं। लंबी अवधि में खाद्य लचीलापन प्रमाणित बीज, सूखा और गर्मी सहने वाली किस्मों, बहाल सिंचाई तथा जल प्रणालियों, जल संचयन, संरक्षण कृषि, चरागाह प्रबंधन, पशुओं की आवाजाही, पशु चिकित्सा टीकाकरण, बेहतर भंडारण, कटाई के बाद कम नुकसान, जलवायु-अनुकूल तरीकों और प्रारंभिक चेतावनी पर निर्भर करता है। ज्वार अपेक्षाकृत सूखा-सहिष्णु है, पारंपरिक रूप से एक केंद्रीय फसल है और 2025 में FAO One Country One Priority Product बना। युद्ध, सामग्री की कमी, ईंधन लागत, आवाजाही प्रतिबंध और सीमित वित्तपोषण इन उपायों को बाधित करते रहते हैं।
सूडान में भोजन
सूडान में भोजन में खेती, पशुपालन, बाज़ार, घर का खाना, बाहर भोजन करना, पोषण और खाद्य सुरक्षा शामिल हैं। संघर्ष, विस्थापन, फसल, परिवहन, ईंधन की कीमत और स्थानीय सुरक्षा के कारण पहुँच बहुत बिखरी हुई है। ज्वार, बाजरा, गेहूँ, दालें, मूँगफली, दूध, मांस, मछली और सब्जियाँ मुख्य खाद्य आधार हैं; किसरा, असीदा, गुर्रासा और मुल्ला जैसे व्यंजन क्षेत्रीय विविधता दिखाते हैं।
VivAVia से गलतियाँ हो सकती हैं। महत्वपूर्ण जानकारी की जाँच करें।

