मैज्यार समुदाय (Magyar) पहली सहस्राब्दी के अंत के आसपास कार्पेथियन बेसिन में आकर बसा। राजा स्टीफ़न प्रथम, जिन्हें संत इश्त्वान (Szent István) के नाम से जाना जाता है, ने एक ईसाई राज्य की स्थापना की और हंगरी की राज्यसत्ता के स्थायी प्रतीक बने। मध्ययुगीन हंगरी राज्य ने अनेक लोगों, क्षेत्रों, व्यापार मार्गों और धार्मिक समुदायों को जोड़ा। उसका क्षेत्र और उसकी जनसंख्या आज के हंगरी के समान नहीं थे। सोलहवीं शताब्दी में सैन्य पराजय के बाद राज्य उस्मानी, हैब्सबर्ग और ट्रांसिल्वेनियाई सत्ता-केंद्रों के बीच विभाजित हो गया। युद्ध, प्रवासन, पुनर्निर्माण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने कई पीढ़ियों तक देश को आकार दिया। उस्मानी शक्ति के कमज़ोर होने के बाद भी हैब्सबर्ग शासन जारी रहा। 1848–1849 की क्रांति और स्वतंत्रता-संग्राम राष्ट्रीय स्वतंत्रता, नागरिक सुधार और राजनीतिक संघर्ष के बड़े प्रतीक बन गए। 1867 के समझौते से ऑस्ट्रिया-हंगरी का गठन हुआ और द्वैध राजतंत्र के भीतर हंगरी को व्यापक आंतरिक अधिकार मिले। इस अवधि में आधुनिकीकरण और तेज़ विकास हुआ, लेकिन इसके लाभ और राजनीतिक अधिकार समान रूप से साझा नहीं किए गए। प्रथम विश्व युद्ध ने पुराने राज्य का अंत कर दिया और ट्रायनॉन की संधि ने हंगरी के पहले के बड़े क्षेत्रों को उसकी सीमाओं के बाहर कर दिया। ट्रायनॉन आज भी संवेदनशील है, क्योंकि सीमाएँ बदलीं, समुदाय अलग हो गए और हंगरी के अल्पसंख्यक पड़ोसी राज्यों में रह गए। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हंगरी धुरी शक्तियों के साथ था, और हंगरी के यहूदियों तथा रोमा लोगों ने उत्पीड़न और होलोकॉस्ट में सामूहिक हत्या झेली। जर्मन कब्ज़े, युद्ध, ऐरो क्रॉस शासन और बाद के सोवियत नियंत्रण ने और अधिक हिंसा और क्षति पहुँचाई। युद्ध के बाद सोवियत प्रभाव में एक कम्युनिस्ट राज्य विकसित हुआ। 1956 की क्रांति ने उस व्यवस्था को चुनौती दी, लेकिन सोवियत सेनाओं ने उसे कुचल दिया; यह प्रतिरोध का स्थायी प्रतीक बन गई। 1989 में कम्युनिस्ट शासन समाप्त हुआ और इसके बाद संसदीय लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा बाज़ार अर्थव्यवस्था आई। ऐतिहासिक व्याख्या आज भी स्मारकों, छुट्टियों, पारिवारिक कथाओं, शिक्षा और राजनीतिक बहस को प्रभावित करती है।
इतिहास — हंगरी में
हंगरी का इतिहास राष्ट्रीय पहचान और सार्वजनिक स्मृति का केंद्रीय हिस्सा है। इस कहानी में मैज्यार समुदाय का बसना, मध्ययुगीन राज्य, उस्मानी और हैब्सबर्ग शासन, क्रांति, ऑस्ट्रिया-हंगरी, विश्व युद्ध, तानाशाही, 1956 का विद्रोह और लोकतांत्रिक परिवर्तन शामिल हैं। कई अवधियाँ आज भी भावनात्मक रूप से संवेदनशील हैं, क्योंकि परिवार उन्हें अलग-अलग ढंग से याद करते हैं।
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