इथियोपिया में धार्मिक जीवन क्षेत्र के अनुसार बहुत बदलता है। इथियोपियाई ऑर्थोडॉक्स तेवाहेदो चर्च (EOTC) की तिग्रे और अम्हारा में विशेष रूप से मजबूत मौजूदगी है। अफार, सोमाली और ओरोमिया के कुछ हिस्सों में इस्लाम विशेष रूप से प्रमुख है। गाम्बेला, पूर्ववर्ती एसएनएनपी क्षेत्र, ओरोमिया के कुछ हिस्सों और बेनिशांगुल-गुमुज़ में प्रोटेस्टेंट चर्च महत्वपूर्ण हैं। अदीस अबाबा और अन्य शहरी क्षेत्रों में कई धर्म हैं। वाक़ेफ़न्ना स्थानीय ओरोमो धर्म है। बीटा इज़राइल समुदाय विशेषकर अम्हारा और गोंदर, केचेने तथा अदीस अबाबा से जुड़े हैं, जबकि रस्ताफ़ारी समुदाय खासकर अदीस अबाबा और शाशामेने में दिखाई देते हैं। धार्मिक संबद्धता से जातीयता या राजनीतिक स्थिति अपने-आप तय नहीं होती। 2007 की राष्ट्रीय जनगणना में 43.5% ऑर्थोडॉक्स, 33.9% मुस्लिम, 18.5% प्रोटेस्टेंट, 0.7% कैथोलिक, 2.7% पारंपरिक और 0.6% अन्य संबद्धता दर्ज थी। हाल का कोई विश्वसनीय राष्ट्रीय धार्मिक जनगणना आँकड़ा स्थापित नहीं है, इसलिए ये आँकड़े वर्तमान आबादी का सही वर्णन न करते हों। प्रमुख संस्थाओं में EOTC, इथियोपियाई इस्लामी मामलों की सर्वोच्च परिषद (EIASC), इथियोपियाई इवेंजेलिकल चर्च मेकाने येसुस, इथियोपियाई काले हिवोत चर्च और इथियोपिया की अंतरधार्मिक परिषद (IRCE) शामिल हैं। शांति मंत्रालय का आस्था एवं धार्मिक मामलों का निदेशालय धार्मिक संस्थाओं के साथ काम करता है, धार्मिक संगठनों का पंजीकरण करता है और संवाद तथा संघर्ष-रोकथाम का समर्थन करता है। IRCE कई प्रमुख समुदायों को जोड़ती है, जबकि इथियोपियाई राष्ट्रीय संवाद आयोग ने मेल-मिलाप और सहमति-निर्माण में धार्मिक संस्थाओं को शामिल किया है। धार्मिक अभ्यास में उपासना, प्रार्थना, शिक्षण, उपवास, जुलूस, तीर्थयात्रा, चर्च या मठ जाना और मस्जिद में उपस्थिति शामिल हो सकती है। EOTC की पूजा-विधि मुख्य रूप से गीज़ में होती है और इथियोपियाई कैलेंडर कई पर्वों को प्रभावित करता है। EOTC का उपवास और फ़ासिका कहलाने वाला ईस्टर केंद्रीय अभ्यास हैं। मुस्लिम समुदाय रमज़ान, जुमा, मौलिद, ईद-उल-फ़ित्र और ईद-उल-अज़हा मनाते हैं। उद्घोषणा 1334/2024 के तहत राष्ट्रीय धार्मिक अवकाशों में 27 सितंबर का मेस्केल, 7 जनवरी का क्रिसमस, 19 जनवरी का एपिफ़नी या तिमकत, गुड फ्राइडे, ईस्टर, मौलिद, ईद-उल-फ़ित्र और ईद-उल-अज़हा शामिल हैं। इस्लामी तिथियाँ चंद्र कैलेंडर के अनुसार होती हैं। सार्वजनिक और निजी संस्थान आम तौर पर धार्मिक सार्वजनिक अवकाश पर बंद रहते हैं और ये वेतन सहित अवकाश हैं; आपातकालीन सेवाएँ उपलब्ध रहती हैं। संविधान का अनुच्छेद 11 राज्य और धर्म को अलग करता है और पारस्परिक गैर-हस्तक्षेप का प्रावधान देता है। अनुच्छेद 27 धर्म चुनने, बदलने, सिखाने और सार्वजनिक या निजी रूप से उसका अभ्यास करने की स्वतंत्रता देता है तथा दबाव को निषिद्ध करता है। माता-पिता अपने बच्चों को धार्मिक और नैतिक शिक्षा दे सकते हैं। पाबंदियों के लिए कानूनी आधार और सार्वजनिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, नैतिकता, शांति या किसी अन्य व्यक्ति के अधिकारों जैसी प्रासंगिक वजह आवश्यक है। धार्मिक मानहानि और उकसावा कानूनन निषिद्ध हैं। कानूनी पंजीकरण चाहने वाला धार्मिक संगठन शांति मंत्रालय के आस्था एवं धार्मिक मामलों के निदेशालय में आवेदन करता है। सामान्य दस्तावेज़ों में स्थापना-चार्टर, संस्थापकों की पहचान, स्थायी पता, बोर्ड और बैठक की जानकारी, वित्तीय जानकारी, प्रस्तावित नाम और लोगो तथा नियोजित शाखाएँ शामिल हैं। स्थानीय प्रकाशन से आम तौर पर 20 कार्यदिवस की आपत्ति-अवधि शुरू होती है। पंजीकृत संगठन आम तौर पर कम-से-कम हर पाँच वर्ष में नवीनीकरण करते हैं और वार्षिक गतिविधि तथा वित्तीय रिपोर्ट देते हैं। मौजूदा रिपोर्टों में धार्मिक संस्था के लिए 1,000 सदस्य और मंत्रालय या संघ के लिए 500 सदस्य की सीमा बताई गई है, लेकिन पुराने और नए नियम अलग हैं; आवेदन से पहले निदेशालय से लागू सीमा की पुष्टि करें। कोई विश्वसनीय एकसमान राष्ट्रीय पंजीकरण शुल्क स्थापित नहीं है। कानूनी पंजीकरण उपासना-स्थल की भूमि और कब्रिस्तान के लिए आवेदन में मदद कर सकता है। भूमि संघीय राज्य की है, जबकि आवंटन में क्षेत्रीय और स्थानीय प्राधिकरण भी शामिल होते हैं; वार्षिक स्थानीय भूमि कर ज़ोन के अनुसार बदलते हैं। उपासना और अनुष्ठानों को आम तौर पर सामुदायिक या संस्थागत दान से सहायता मिलती है, कोई मानक सरकारी भुगतान नहीं है। धार्मिक विद्यालय चर्च या मस्जिद के तत्वावधान में चल सकते हैं, जबकि सार्वजनिक और निजी गैर-धार्मिक विद्यालय धार्मिक शिक्षा या प्रार्थना नहीं देते। धार्मिक शिक्षा संस्थानों में शिक्षा मंत्रालय की देखरेख वाला धर्मनिरपेक्ष घटक हो सकता है। EOTC की चर्च-विद्यालय परंपराओं में प्रार्थना, कंठस्थ करना और गीज़, बाइबल, चर्च इतिहास, धर्मशास्त्र तथा कैनन कानून का अध्ययन शामिल हो सकता है; पहुँच, शुल्क और मान्यता संस्था पर निर्भर हैं। जीवन की घटनाओं में बपतिस्मा, नामकरण या आशीर्वाद, कम्यूनियन, स्वीकारोक्ति, चर्च विवाह, मुस्लिम विवाह और प्रार्थना-अनुष्ठान, अंतिम संस्कार तथा स्मृति-समारोह शामिल हो सकते हैं। धार्मिक समारोह नागरिक पंजीकरण का अपने-आप विकल्प नहीं बनता। विवाह में जीवनसाथियों की स्वतंत्र और पूर्ण सहमति आवश्यक है; लागू कानून के तहत धार्मिक या प्रथागत विवाह को कानूनी मान्यता मिल सकती है। धार्मिक या प्रथागत विवाद-प्रक्रियाओं के लिए पक्षकारों की सहमति चाहिए; शरीयत अदालतें व्यक्तिगत स्थिति के मामलों पर तब विचार करती हैं जब दोनों पक्ष मुस्लिम हों और सहमत हों। ये अदालतें सामान्य आपराधिक और नागरिक मामलों में सामान्य अदालतों का स्थान नहीं लेतीं। पूरे इथियोपिया में पहुँच समान नहीं है। 2023 की रिपोर्टों में धार्मिक केंद्रों और समुदायों के विरुद्ध हिंसा दर्ज हुई, जिसमें EOTC, मुस्लिम और प्रोटेस्टेंट समुदाय शामिल थे; मस्जिदों का विनाश, विस्थापन और राज्य तथा गैर-राज्य पक्षों के हमले विशेषकर ओरोमिया, अम्हारा, मध्य इथियोपिया और तिग्रे में रिपोर्ट हुए। सुरक्षा, परिवहन, बुनियादी ढाँचा और संघर्ष की स्थिति तय कर सकते हैं कि व्यक्ति उपासना-स्थल, विद्यालय, कब्रिस्तान या धार्मिक प्राधिकरण तक पहुँच पाएगा या नहीं। धर्म से जुड़े विवादों में जातीयता, राजनीति और संसाधन भी शामिल हो सकते हैं; उन्हें केवल धर्म के आधार पर न समझाएँ।
इथियोपिया में धर्म
इथियोपिया के धर्मों में ऑर्थोडॉक्स ईसाई धर्म, इस्लाम, प्रोटेस्टेंट चर्च, कैथोलिक धर्म, स्थानीय परंपराएँ और छोटे समुदाय शामिल हैं। देश का कोई राजधर्म नहीं है। संविधान कानूनी सीमाओं के अधीन आस्था, उपासना, शिक्षण और धार्मिक संगठन की स्वतंत्रता की रक्षा करता है। धार्मिक संबद्धता और अभ्यास क्षेत्रों के अनुसार काफी बदलते हैं।
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