नाउरू में प्रकृति

नाउरू की प्रकृति में उठा हुआ प्रवाल द्वीप, तटीय मैदान, किनारी प्रवाल-भित्ति, बुआडा लैगून, खनन किया गया फॉस्फेट पठार और आसपास का महासागर शामिल हैं। यहाँ के आवास स्थानिक नाउरू रीड वार्बलर, देशी पक्षियों और पौधों, रीफ़ मछलियों, प्रवालों, विशाल क्लैम और अंडे देने आने वाले हरे कछुओं का सहारा हैं। 9 मार्च 2026 तक औपचारिक स्थलीय या समुद्री संरक्षित क्षेत्र दर्ज नहीं हैं। खनन की विरासत, प्रदूषण, जल-संकट, अतिदोहन और जलवायु परिवर्तन भूमि, मीठे पानी तथा समुद्री पारितंत्रों पर दबाव डालते हैं।

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