पराग्वे का भाषाई परिदृश्य पराग्वेयन कैस्टेलानो, पराग्वेयन गुआरानी, आदिवासी भाषाओं, पराग्वेयन सांकेतिक भाषा और रोज़मर्रा में संपर्क से बनी जोपारा भाषा को समेटता है। जोपारा गुआरानी और कैस्टेलानो के पारस्परिक प्रभाव से बनती है और अनौपचारिक बातचीत में विशेष रूप से आम है। यह तीसरी आधिकारिक भाषा नहीं है। गुआरानी भाषा अकादमी संकल्प 54/2012 से स्थापित आधिकारिक अनंतिम गुआरानी वर्णमाला का रखरखाव करती है, जबकि APARLE पराग्वेयन कैस्टेलानो का दस्तावेज़ीकरण करता है और गुआरानी शब्दकोश राष्ट्रीय भाषा-रूप का समर्थन करता है। संविधान का अनुच्छेद 140 और कानून 4251/2010 सरकार की तीनों शाखाओं तथा सार्वजनिक संस्थानों की दो आधिकारिक भाषाओं के रूप में कैस्टेलानो और गुआरानी को स्थापित करते हैं। निवासी सार्वजनिक अधिकारियों से मौखिक या लिखित रूप में किसी भी भाषा में संपर्क कर सकते हैं। सार्वजनिक सूचनाएँ, फ़ॉर्म, मुद्रित सामग्री, आधिकारिक विज्ञापन, पहचान दस्तावेज़, प्रतियाँ, यातायात-संबंधी जानकारी, स्थान-नाम, उत्पाद-लेबल, शैक्षणिक उपाधियाँ और नगरपालिका के संकेत द्विभाषी भाषा-आवश्यकताओं के दायरे में आते हैं, हालांकि संस्थानों और स्थानों के अनुसार उनका पालन अलग-अलग है। आदिवासी क्षेत्रों में संबंधित स्थानीय भाषा भी महत्त्वपूर्ण है और जहाँ प्रासंगिक हो वहाँ सार्वजनिक निकायों को स्थानीय भाषा जानने वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता देनी चाहिए। अदालतें दोनों आधिकारिक भाषाएँ स्वीकार करती हैं और व्यक्ति अपनी चुनी हुई भाषा में बयान दे सकता है। दूसरी भाषा का उपयोग करने वालों को भाषा में सक्षम व्यक्ति की सहायता मिलनी चाहिए। नागरिकों से सीधे काम करने वाले सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए कानून के तहत मौखिक दक्षता विकसित करने की पाँच वर्ष की अवधि है; समान योग्यताओं वाले आवेदकों में द्विभाषी क्षमता को प्राथमिकता मिल सकती है। 2022 के INE EPHC आँकड़ों में पाँच वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में 34.4% घर पर कैस्टेलानो और गुआरानी दोनों, 33.4% गुआरानी, 29.6% कैस्टेलानो और 2% अन्य भाषाएँ इस्तेमाल करते थे। ये आँकड़े द्विभाषिकता का महत्त्व दिखाते हैं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि बोलने की क्षमता, साक्षरता और औपचारिक सेवाओं तक पहुँच हर जगह समान है। राजधानी, महानगरीय क्षेत्रों और शहरी लिखित प्रशासन के बड़े हिस्से में कैस्टेलानो अधिक इस्तेमाल होता है, जबकि ग्रामीण और आंतरिक क्षेत्रों में गुआरानी, द्विभाषी बातचीत और जोपारा अधिक आम हैं। चाको के समुदाय कैस्टेलानो या गुआरानी के साथ आदिवासी भाषाएँ इस्तेमाल करते हैं; सीमावर्ती क्षेत्रों में पुर्तगाली और अन्य भाषाएँ भी इस्तेमाल हो सकती हैं। भाषाई नीतियों का सचिवालय (SPL) गणराज्य के राष्ट्रपति कार्यालय के अधीन काम करता है और कानून 4251/2010 लागू करता है। इसकी विशेषज्ञ निदेशालय भाषाई योजना, भाषाई अनुसंधान, आदिवासी भाषा-दस्तावेज़ीकरण और संवर्धन तथा पराग्वेयन सांकेतिक भाषा पर काम करती हैं। शिक्षा एवं विज्ञान मंत्रालय भाषा-संबंधी शिक्षा संभालता है, जबकि राष्ट्रीय संस्कृति सचिवालय, INDI, स्थानीय सरकारें, गुआरानी भाषा अकादमी और APARLE अपने-अपने क्षेत्रों में योगदान देते हैं। SPL पाँच भाषा-परिवारों की 19 आदिवासी भाषाएँ दर्ज करता है। उदाहरणों में अचे, अवा गुआरानी, म्ब्या गुआरानी, निवाक्ले, माका, अयोरेओ, इशिर, एनल्हेत, क़ोम और सानापाना शामिल हैं। इन भाषाओं की जीवन्तता में बहुत अंतर है। 2012 के आदिवासी भाषा एटलस के ऐतिहासिक संदर्भ आँकड़ों में तोमाराहो और निवाक्ले जैसी भाषाओं की जीवन्तता ऊँची, जबकि गुआना और अवा गुआरानी की बहुत कम दर्ज थी। इन पुराने प्रतिशतों को वर्तमान राष्ट्रीय प्रचलन के आँकड़े नहीं मानना चाहिए। 2022 की आदिवासी जनगणना में पाँच वर्ष और उससे अधिक आयु के 118,890 लोग गिने गए। इस आबादी में 48% ने गुआरानी को पहली या संपर्क भाषा, 42.6% ने आदिवासी भाषा और 9.4% ने अन्य भाषा, कोई भाषा नहीं या कोई उत्तर नहीं बताया। शिक्षा नीति में बच्चे की मातृभाषा आधिकारिक या आदिवासी भाषा होने पर प्रारंभिक साक्षरता को समर्थन दिया जाता है। आदिवासी लोगों की शिक्षा अपनी भाषा में शुरू होनी चाहिए, जबकि शिक्षा मंत्रालय और विद्यालय समुदाय वास्तविक भाषाई दक्षता तथा सामूहिक सहमति के आधार पर आरंभिक भाषा चुनते हैं। शिक्षा के सभी स्तरों पर दोनों आधिकारिक भाषाएँ पढ़ाई और इस्तेमाल की जाती हैं; आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षकों को संबंधित स्थानीय भाषा भी जाननी पड़ सकती है। कानून 6530/2020 पराग्वेयन सांकेतिक भाषा, जिसे Lengua de Señas Paraguaya या LSPy कहा जाता है, को संचार, शिक्षा, पहचान, संस्कृति और भाषाई अधिकारों से जुड़ी भाषा के रूप में आधिकारिक मान्यता देता है। यह तीसरी आधिकारिक भाषा नहीं है। SPL का सांकेतिक भाषा का सामान्य निदेशालय इस क्षेत्र का उत्तरदायी है। डिक्री 9274/2023 और SPL संकल्प 120/2026 वर्तमान संस्थागत ढाँचा प्रदान करते हैं, जिसमें राष्ट्रीय दुभाषिया रजिस्टर भी शामिल है। बधिर लोगों को संचार का माध्यम स्वतंत्र रूप से चुनने का अधिकार है। कानून आधिकारिक जानकारी के राज्य और निजी प्रदाताओं द्वारा गुआरानी और कैस्टेलानो में प्रसार को भी कवर करता है। जुलाई 2026 में SPL और MITIC ने राज्य मीडिया, डिजिटल सामग्री, सार्वजनिक सेवाओं और प्लेटफ़ॉर्मों में गुआरानी को मानकीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की। यह क्रियान्वयन की प्रक्रिया है, पूर्ण द्विभाषी उपलब्धता का प्रमाण नहीं। 212 सार्वजनिक संस्थानों के 2016 के SPL अध्ययन में कानून की अपेक्षाओं और व्यवहार के बीच अंतर मिला। उसमें 95.12% संकेत कैस्टेलानो में, 4.17% द्विभाषी और 0.86% गुआरानी में दर्ज थे। दर्ज ईमेल में 97.64% कैस्टेलानो, 0.47% द्विभाषी और 0.47% जोपारा में थे। यह अध्ययन न तो वर्तमान है और न हर संस्थान का प्रतिनिधि, लेकिन यह दिखाता है कि कानूनी भाषा-अधिकार और वास्तविक सेवा-पहुँच अलग हो सकते हैं।
पराग्वे में भाषाएँ
पराग्वे कैस्टेलानो और गुआरानी को अपनी दो आधिकारिक भाषाओं के रूप में मान्यता देता है। दोनों का उपयोग सार्वजनिक प्रशासन और अदालतों में किया जा सकता है, जबकि आदिवासी भाषाएँ देश की सांस्कृतिक विरासत के हिस्से के रूप में संरक्षित हैं। रोज़मर्रा का भाषा-प्रयोग काफी द्विभाषी है, लेकिन बोलने और लिखने की दक्षता तथा सेवाओं तक पहुँच शहरी क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों, चाको और सीमावर्ती क्षेत्रों में अलग-अलग है।
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