सूडान में औपचारिक स्कूल व्यवस्था में पूर्व-विद्यालय शिक्षा (التعليم قبل المدرسة या رياض الأطفال), प्राथमिक शिक्षा (المرحلة الابتدائية), निम्न माध्यमिक शिक्षा (المرحلة المتوسطة) और उच्च माध्यमिक शिक्षा (المرحلة الثانوية) शामिल हैं। सुधारित संरचना लगभग दो वर्ष पूर्व-प्राथमिक, छह वर्ष प्राथमिक, तीन वर्ष निम्न माध्यमिक और तीन वर्ष उच्च माध्यमिक शिक्षा के रूप में बनाई गई है। पुराने संदर्भों में आठ वर्ष की बुनियादी शिक्षा के बाद तीन वर्ष की माध्यमिक शिक्षा का उल्लेख अब भी मिल सकता है, इसलिए किसी चरण का नाम और संगठन राज्य तथा मौजूदा परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है। प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की मुख्य नींव है। सुधारित ढाँचे में निम्न माध्यमिक शिक्षा अलग तीन-वर्षीय चरण है, जिसका क्रियान्वयन और परीक्षा राज्यों में अलग है। उच्च माध्यमिक शिक्षा में आम तौर पर शैक्षणिक विज्ञान या साहित्य की शाखाएँ होती हैं। तकनीकी शिक्षा इस स्कूल विषय में तभी आती है जब वह औपचारिक माध्यमिक स्कूल का हिस्सा हो; औपचारिक स्कूल व्यवस्था से बाहर की व्यावसायिक शिक्षा अलग है। सूडानी माध्यमिक प्रमाणपत्र (الشهادة الثانوية السودانية) राष्ट्रीय माध्यमिक योग्यता है। प्राथमिक और मध्यवर्ती शिक्षा पूर्णता प्रमाणपत्र الشهادة الابتدائية और الشهادة المتوسطة कहलाते हैं। संघीय शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय नीति और परीक्षा ढाँचे तय करता है। बख़्त अल-रुदा स्थित राष्ट्रीय पाठ्यक्रम केंद्र पाठ्यक्रम सामग्री और परीक्षा मार्गदर्शिकाएँ विकसित करता है। राज्य शिक्षा मंत्रालय स्कूल संचालन, कर्मचारियों, नामांकन, फिर से खोलने तथा प्राथमिक या मध्यवर्ती परीक्षाओं का बड़ा हिस्सा संभालते हैं; स्थानीय निकाय, स्कूल, अभिभावक-शिक्षक संघ और स्कूल प्रबंधन समितियाँ क्रियान्वयन में सहायता करती हैं। कोई एक राष्ट्रव्यापी स्कूल क्षेत्राधिकार या स्कूल-चयन प्रक्रिया भरोसेमंद रूप से स्थापित नहीं है। व्यवहार में जहाँ विकल्प हों, परिवार सार्वजनिक, निजी, लड़कों, लड़कियों या सहशिक्षा स्कूलों में चयन कर सकते हैं, लेकिन स्थान, सुरक्षा और उपलब्ध क्षमता पसंद को बहुत सीमित करते हैं। परिवहन राष्ट्रव्यापी अधिकार नहीं है; यात्रा दूरी और लागत बच्चे के नामांकन या पढ़ाई जारी रखने का निर्णय तय कर सकती है। अरबी शिक्षण और परीक्षाओं की मुख्य दस्तावेज़ीकृत भाषा है, जबकि अंग्रेज़ी मुख्य या अनिवार्य विषय है। माध्यमिक विषयों में धार्मिक शिक्षा, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, भूगोल, इतिहास, जीवविज्ञान, कंप्यूटर विज्ञान, इंजीनियरिंग विज्ञान, पारिवारिक विज्ञान, कला और डिज़ाइन, फ़्रेंच, अंग्रेज़ी साहित्य और इस्लामी अध्ययन शामिल हो सकते हैं। स्कूल सतत मूल्यांकन और राज्य-स्तरीय परीक्षाएँ लेते हैं, जबकि माध्यमिक प्रमाणपत्र राष्ट्रीय परीक्षा निर्देशों पर आधारित है। 2025 की मार्गदर्शिका में शैक्षणिक उम्मीदवारों के लिए विषय, प्रश्न-प्रकार और अंकन की आवश्यकताएँ तय थीं; वे अधिकतम सात विषय ले सकते थे। 2025 में 274,000 से अधिक उम्मीदवार पंजीकृत हुए, जिनमें चाड में विस्थापित सूडानी उम्मीदवार भी थे जिन्हें परीक्षा देने की अनुमति मिली। संविधान निःशुल्क और अनिवार्य बुनियादी शिक्षा का प्रावधान करता है और सार्वजनिक प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा आधिकारिक रूप से निःशुल्क रखने का उद्देश्य है। फिर भी परिवारों को पढ़ाई की सामग्री, वर्दी, परिवहन, भोजन या अन्य योगदानों का खर्च उठाना पड़ सकता है। निजी स्कूल शुल्क लेते हैं, जो राज्य और स्कूल के अनुसार बदलते हैं। पूर्व-प्राथमिक शिक्षा का शैक्षणिक और स्कूल-तैयारी कार्य है, लेकिन उसकी उपलब्धता और नियमन खंडित हैं। मान्यता प्राप्त शैक्षणिक कार्य के बिना बाल-देखभाल स्कूल व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। शिक्षा व्यवस्था गंभीर व्यवधान में काम कर रही है। 2025 में लगभग 17 मिलियन बच्चे स्कूली उम्र के थे और करीब 8 मिलियन स्कूल से बाहर थे। 19,395 स्कूलों में से केवल 13,005 कार्यरत बताए गए, जबकि 1,928 स्कूल आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के आश्रय के रूप में इस्तेमाल हो रहे थे या सशस्त्र समूहों द्वारा अवरुद्ध थे। संघर्ष, विस्थापन, स्कूल क्षति, शिक्षक कमी, वेतन न पाने वाले कर्मचारी, सामग्री की कमी, भीड़भाड़ और सुरक्षा जोखिम उपस्थिति तथा सीखने को प्रभावित करते हैं। लड़कियों, विस्थापित बच्चों, विकलांग बच्चों और घुमंतू बच्चों को विशेष सहायता पर ध्यान दिया जाता है, हालाँकि अलग राष्ट्रव्यापी विशेष-स्कूल ढाँचा भरोसेमंद रूप से दस्तावेज़ीकृत नहीं है। सहायता कार्यक्रमों में स्कूल अनुदान, शिक्षण सामग्री, त्वरित या पढ़ाई पूरी करने की शिक्षा, सुधारात्मक साक्षरता और गणित, शिक्षक सहायता, मनोसामाजिक सेवाएँ, जल और स्वच्छता उपाय, संरक्षण गतिविधियाँ तथा टेलीविज़न, रेडियो या लर्निंग पासपोर्ट के ज़रिए दूरस्थ शिक्षा शामिल हैं। सुरक्षित शिक्षण स्थल संकट में अस्थायी सीखने और संरक्षण की जगह देते हैं; त्वरित शिक्षा कार्यक्रम शिक्षार्थियों को शिक्षा फिर शुरू करने या छूटी पढ़ाई पूरी करने में मदद करते हैं, लेकिन नियमित स्कूल योग्यता का स्वतः विकल्प नहीं हैं। 2025 में नौ राज्यों के 8,031 स्कूलों तक स्कूल अनुदान पहुँचे, लगभग 1.6 मिलियन बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री की योजना थी और 1,431 सुरक्षित शिक्षण स्थलों ने लगभग 454,900 बच्चों को सेवा दी। UNICEF, विश्व बैंक, शिक्षा के लिए वैश्विक साझेदारी, UNHCR और गैर-सरकारी संगठन सहायता या वित्तपोषण देते हैं, लेकिन स्कूल-कानून के प्राधिकरण नहीं हैं।
सूडान में स्कूल शिक्षा
सूडान में स्कूली शिक्षा में पूर्व-प्राथमिक तैयारी, प्राथमिक स्कूल, निम्न माध्यमिक स्कूल और उच्च माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। प्रस्तावित 2-6-3-3 संरचना में लगभग दो वर्ष पूर्व-प्राथमिक, छह वर्ष प्राथमिक, तीन वर्ष निम्न माध्यमिक और तीन वर्ष उच्च माध्यमिक शिक्षा है, हालाँकि नाम और क्रियान्वयन राज्य तथा संकट की परिस्थितियों के अनुसार बदलते हैं। सार्वजनिक शिक्षा निःशुल्क रखने का उद्देश्य है और बुनियादी शिक्षा कानूनी रूप से अनिवार्य है, लेकिन संघर्ष, विस्थापन, क्षतिग्रस्त स्कूल, असुरक्षा, परिवहन बाधाएँ और कमी पहुँच सीमित करती हैं।
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