2017 की जनगणना में एस्वातिनी की आबादी 1,093,238 दर्ज की गई। इसमें 975,757 ईसाई, 80,861 अधार्मिक, 4,869 पारंपरिक आस्थाओं के अनुयायी, 3,626 मुस्लिम, अन्य श्रेणियों में 3,363 लोग, 430 बहाई, 244 हिंदू और 163 यहूदी थे। जनगणना में धर्म का प्रश्न पहली बार 2017 में शामिल किया गया था और 23,925 लोगों ने धर्म नहीं बताया। ये आँकड़े स्वयं बताई गई धार्मिक पहचान दर्शाते हैं; धार्मिक नेताओं और अन्य स्रोतों के बाद के अनुमान अलग तरीकों पर आधारित हैं और सीधे तुलना योग्य नहीं हैं। ईसाइयों में जनगणना की सबसे बड़ी पहचानें ज़ायनिस्ट 37.64%, इवेंजेलिकल 25.44% और पेंटेकोस्टल 13.40% थीं। अपोस्टोलिक, नाज़रीन, मेथोडिस्ट, रोमन कैथोलिक, एंग्लिकन, यहोवा के साक्षी, सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट और लूथरन समुदाय भी दर्ज किए गए। ज़ायनिस्ट ईसाई धर्म में आम तौर पर ईसाई उपासना के साथ पारंपरिक समारोह और रीति-रिवाज़ शामिल होते हैं। छोटे समुदायों में मुस्लिम, हिंदू, यहूदी, बहाई, रस्ताफ़ारी और स्वदेशी आस्था समूह हैं। ज़ायनिस्ट समुदाय ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से दिखाई देते हैं, जबकि मुस्लिम समुदाय अक्सर जातीय रूप से स्वाती नहीं है। संविधान विचार, अंतरात्मा और धर्म की स्वतंत्रता की सुरक्षा करता है, जिसमें अकेले या दूसरों के साथ उपासना करने तथा धार्मिक विश्वास बदलने का अधिकार शामिल है। यह पंथ या धर्म के आधार पर भेदभाव भी प्रतिबंधित करता है। रक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, सार्वजनिक नैतिकता, सार्वजनिक स्वास्थ्य या अन्य लोगों के अधिकारों के लिए प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। उपलब्ध रिपोर्टिंग में खुले तौर पर व्यवस्थित धार्मिक उत्पीड़न का वर्णन नहीं है, लेकिन समुदायों को समान पहुँच और सार्वजनिक मान्यता नहीं मिलती। कुछ आधिकारिक प्रार्थना आयोजनों, मीडिया पहुँच और सार्वजनिक कैलेंडर में ईसाई संगठनों को अधिक दृश्यता मिलती है; विशेषकर कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में इस्लाम के प्रति नकारात्मक या संदेहपूर्ण रवैये की सूचना भी है। औपचारिक कानूनी मान्यता चाहने वाले आस्था समूह को पंजीकरण कराना होता है। गृह मंत्रालय धार्मिक संस्थाओं तथा संबंधित सार्वजनिक अवकाश और नागरिक पंजीकरण मामलों की देखरेख करता है, जबकि वाणिज्य, उद्योग और व्यापार मंत्रालय आस्था समूहों सहित कानूनी संस्थाओं का पंजीकरण करता है। ईसाई आवेदन अक्सर लीग ऑफ़ चर्चेस, एस्वातिनी कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ चर्चेस या काउंसिल ऑफ़ एस्वातिनी चर्चेस जैसे निकायों के माध्यम से आगे बढ़ते हैं। स्वदेशी और गैर-ईसाई समूह सामान्यतः धार्मिक नेता, मण्डली और उपासना-स्थल का प्रमाण देते हैं। प्रक्रिया नौकरशाही या धीमी हो सकती है; उपलब्ध जानकारी में मानक समय-सीमा और शुल्क सार्वजनिक रूप से निर्धारित नहीं हैं। पंजीकृत आस्था समूह कर-मुक्त हैं, लेकिन उन्हें दिए गए दान कर-कटौती योग्य नहीं हैं। कुछ अपंजीकृत समूह व्यवहार में काम करते हैं, पर उन्हें कानूनी निश्चितता कम मिलती है। बड़े सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों के लिए आम तौर पर नगरपालिका या स्थानीय पारंपरिक प्राधिकरण से पहले अनुमति चाहिए। शहरी निर्माण परियोजनाओं के लिए स्थानीय सरकार की अनुमति चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में मुखिया और मुखिया की सलाहकार परिषद शामिल हो सकती है; विशेष समितियों के माध्यम से भूमि आवंटन पर शुल्क लग सकता है। एस्वातिनी ऐसे सभी अनुमतियों के लिए देशव्यापी समय-सीमा या शुल्क-सारणी प्रकाशित नहीं करता। आधिकारिक ईसाई सार्वजनिक अवकाश गुड फ्राइडे, ईस्टर मंडे, एसेंशन डे, क्रिसमस डे और बॉक्सिंग डे हैं। गृह मंत्रालय और सरकारी राजपत्र मौजूदा सार्वजनिक अवकाश व्यवस्था तय करते हैं। मुस्लिम धार्मिक पर्व सामान्यतः निजी तौर पर मनाए जाते हैं और गैर-ईसाई अवकाशों को समान आधिकारिक मान्यता नहीं है। बहाई व्यवसाय अपने धार्मिक अवकाशों पर बंद हो सकते हैं। इंक्वाला और उम्हलांगा मुख्यतः परंपरा और राज्य-प्रथा के विषय हैं, सार्वजनिक धार्मिक अवकाश नहीं, हालाँकि उनका धार्मिक जीवन से मेल हो सकता है। सार्वजनिक प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल 2017 के निर्देश के तहत अनिवार्य ईसाई शिक्षा देते हैं और आम तौर पर सुबह की सभा में रोज़ाना ईसाई प्रार्थना करते हैं। शोध में सामान्य छूट की कोई विश्वसनीय प्रक्रिया उपलब्ध नहीं है। निजी स्कूल धार्मिक शिक्षा दे सकते हैं, लेकिन उसे सभी के लिए अनिवार्य नहीं बनाते; राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में धार्मिक शिक्षा शामिल है। सेवेंथ-डे एडवेंटिस्ट विद्यार्थियों ने सब्त पालन और परीक्षाओं, चुनावों या उम्मीदवार नामांकन के बीच टकराव की सूचना दी है; लगातार और समान सुविधा उपलब्ध होना सुनिश्चित नहीं है। ईसाई एकता की संरचनाओं के साथ अंतरधार्मिक सहयोग भी मौजूद है। 1976 में स्थापित काउंसिल ऑफ़ एस्वातिनी चर्चेस एकता, न्याय, शांति, मेल-मिलाप और अंतरधार्मिक संवाद पर काम करती है। एस्वातिनी कॉन्फ़्रेंस ऑफ़ चर्चेस 212 संप्रदायों और मंत्रालयों की सूचना देती है। 2023 में अमेरिकी दूतावास की गोलमेज बैठक में कैथोलिक, लूथरन, एंग्लिकन, इस्लामी, यहूदी, रस्ताफ़ारी, बहाई, एडवेंटिस्ट, पेंटेकोस्टल, स्वदेशी और भारतीय धर्मनिरपेक्ष प्रतिनिधि शामिल थे। फिर भी राज्य या सामुदायिक संवाद में भागीदारी असमान हो सकती है और ईसाई तथा ज़ायनिस्ट दृष्टिकोण का प्रभाव अक्सर अधिक रहता है। धार्मिक समारोह अपने आप जीवन-घटनाओं के राज्य-पंजीकरण का विकल्प नहीं बनते। धार्मिक विवाह समारोह ऐसे विधिवत नियुक्त धर्ममंत्री द्वारा होना चाहिए जो विवाह अधिकारी हो। एस्वातिनी कानून और प्रथा के तहत नागरिक तथा प्रथागत समारोह भी मान्य ढाँचे हैं। प्रथागत विवाह में मुखिया, इंदवुना या उमगिजिमी विवाह अधिकारी की भूमिका निभा सकता है। दोनों पक्षों की स्वतंत्र और पूर्ण सहमति आवश्यक है। जन्म, विवाह और मृत्यु नागरिक पंजीकरण प्रणाली से पंजीकृत होने चाहिए। नागरिक विवाह पंजीकरण फ़ॉर्म BMD 3 से सात दिनों के भीतर और प्रथागत विवाह पंजीकरण फ़ॉर्म BMD 4 से चौदह दिनों के भीतर होना चाहिए। गृह मंत्रालय की 2021 की शुल्क-सारणी में नागरिक या प्रथागत विवाह पंजीकरण E150, विशेष विवाह लाइसेंस E300, प्रमाणित प्रति E300 और देरी की अवधि के अनुसार देर से प्रथागत पंजीकरण E250 से E1,000 बताया गया था। भुगतान से पहले मौजूदा शुल्क पुष्ट करें। उपलब्ध जानकारी में धार्मिक जन्म और अंतिम संस्कार रीति के लिए राज्य-मान्यता या शुल्क का अलग नियम प्रमाणित नहीं है।
एस्वातिनी में धर्म
एस्वातिनी में धर्म मुख्यतः ईसाई है; 2017 की जनगणना में 89.25% आबादी ने स्वयं को ईसाई और 7.40% ने अधार्मिक बताया। ज़ायनिस्ट, इवेंजेलिकल और पेंटेकोस्टल समुदाय विशेष रूप से व्यापक हैं, जबकि मुस्लिम, हिंदू, यहूदी, बहाई, रस्ताफ़ारी और स्वदेशी आस्था-समुदाय छोटे हैं। संविधान विचार, अंतरात्मा, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता देता है, लेकिन सार्वजनिक जीवन, स्कूल और आधिकारिक अवकाश अब भी ईसाई धर्म से गहराई से प्रभावित हैं।
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