एस्वातिनी की राजनीतिक व्यवस्था संविधान, किंगडम ऑफ़ एस्वातिनी अधिनियम 2005 के तहत काम करती है। इसमें राजा और मंत्रिमंडल के साथ संसद, अदालतें, मंत्रालय, क्षेत्रीय प्रशासन, टिंकुंडला संरचनाएँ और शहरी प्राधिकरण शामिल हैं। पारंपरिक संस्थाएँ तथा स्वाज़ी कानून और रीति-रिवाज आधुनिक राज्य संस्थाओं के साथ काम करते हैं। सिस्वाती और अंग्रेज़ी आधिकारिक भाषाएँ हैं, और संविधान मौलिक अधिकारों तथा नागरिक कर्तव्यों को निर्धारित करता है। संसद के दो सदन हैं: हाउस ऑफ़ असेंबली में अधिकतम 60 निर्वाचित सदस्य होते हैं, जबकि सीनेट जनता द्वारा सीधे निर्वाचित नहीं होती। चुनाव टिंकुंडला नाम के निर्वाचन क्षेत्रों के माध्यम से होते हैं। पात्र मतदाता एक इंकुंडला में पंजीकरण करते हैं और अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए गुप्त मतदान करते हैं। चुनाव और सीमा आयोग इन चुनाव व्यवस्थाओं का संचालन करता है। इसलिए एस्वातिनी की राजनीति को समझने के लिए यह देखना ज़रूरी है कि सार्वजनिक अधिकार कैसे संगठित हैं और नागरिक प्रतिनिधियों को कैसे चुनते हैं।
एस्वातिनी में राजनीति
एस्वातिनी की राजनीति एक संवैधानिक राजतंत्र से आकार लेती है, जिसमें आधुनिक सार्वजनिक संस्थाएँ पारंपरिक संस्थाओं तथा स्वाज़ी कानून और रीति-रिवाज के साथ काम करती हैं। राजा, मंत्रिमंडल, द्विसदनीय संसद, अदालतें, मंत्रालय और स्थानीय प्राधिकरण अलग-अलग सार्वजनिक कार्य करते हैं। चुनाव टिंकुंडला प्रणाली से होते हैं, जिसमें मतदाता पार्टी सूची के बजाय निर्वाचन क्षेत्र के अलग-अलग उम्मीदवारों को चुनते हैं।
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